काफी देर लिफ्ट में फंसा रहा, लोग निकालने लगे तो बोला- 'पहले मेरे छोले-भटूरे पकड़ो यार'
लिफ्ट से निकलते हुए एक बंदे ने सबसे पहले कहा कि 'पहले मेरे भटूरे पकड़ो यार.' मतलब लिफ्ट वापस बंद हो जाए लेकिन छोले-भटूरे को कुछ नहीं होना चाहिए.

कोई खाने का कितना शौकीन है, कई बार लोग इसका अंदाजा उसका पेट देखकर लगाते हैं. अब इसमें मोटे लोगों का मजाक भी उड़ जाता है. लेकिन होता यही है कि बड़ा पेट देखकर लोगों को लगता है कि बंदा खाता बहुत है. वैसे इन दिनों लोग फूड व्लॉगिंग के जरिये भी अपने फूडी होने की बात कहने लगे हैं. लेकिन सबसे मजेदार होती है सिचुएशन. उसमें अगर आप आए या फंसे, तो पता चलता है कि कितने बड़े खावड़े हो. एक छोला-भटूरा लवर के साथ ऐसा हुआ.
दरअसल एक वीडियो वायरल है. इसमें तीन बंदे लिफ्ट में दिख रहे हैं. हाथ में है छोले-भटूरे की प्लेट. बताया गया कि ये तीनों छोले-भटूरे लेकर लिफ्ट में घुसे थे जो अचानक रुक गई. तीनों उसमें फंस गए. कुछ देर बाद वापस खुली तो लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया. लेकिन एक बंदे ने हाथ बढ़ाने से पहले कहा- 'पहले मेरे भटूरे पकड़ो यार.' मतलब लिफ्ट वापस बंद हो जाए लेकिन छोले-भटूरे को कुछ नहीं होना चाहिए.
लिफ्ट में एक बुज़ुर्ग के साथ दो लोगइस वीडियो को X पर @SachinGuptaUP नाम के यूजर ने शेयर किया है. सचिन पेशे से पत्रकार हैं. लिफ्ट बंद होने का मामाला ग्रेटर नोएडा की SKA ग्रीनआर्क सोसायटी का है. 29 अक्टूबर को सोसायटी की एक लिफ्ट ने काम करना बंद कर दिया था. उसी समय लिफ्ट में तीन लोग थे. जो छोले-भटूरे लेकर आ रहे थे. लिफ्ट बीच में ही रुक गई. 15 मिनट के बाद तीनों लोगों को लिफ्ट से बाहर निकाल लिया गया. रेस्क्यू करने के दौरान किसी ने ये वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो को शेयर करते हुए सचिन ने लिखा,
"ये सज्जन भटूरे की प्लेट लेकर लिफ्ट में चढ़े और लिफ्ट बंद हो गई. 15 मिनट ये हाथ में प्लेटें लेकर खड़े रहे."
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वीडियो में क्या है?वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग लिफ्ट में फंसे तीन लोगों को बाहर निकाल रहे हैं. अंदर फंसे लोगों के हाथ में छोले-भटूरे की प्लेट है. लिफ्ट से बाहर आता हुआ एक आदमी कहता है,
लोग क्या बोल रहे हैं?“पहले मेरे भटूरे पकड़ो यार.”
जहां खाने पीने की बात आए तो लोग कॉमेंट्स करने में कैसे पीछे हट सकते हैं. एक यूजर ने कविता के रूप में कॉमेंट में लिखा,
"कवि पेटुमल नोएडवी "उलझन" ने ठीक ही कहा था,
सुलझें तो तेरे इश्क में छोले भटूरे चांपते
उलझें तो मुई लिफ्ट में तेरे खातिर भटूरे संभालते."
शैला नाम की यूजर ने लिखा,
“भटूरे बचा लिए आखिर, जान बचे न बचे भटूरा बचना चाहिए.”
सूरज नाम के यूजर ने लिखा,
“अब वो भटूरे सिमी हुई ब्रेड बन गई.”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ये लिफ्ट सोसायटी के ज़िनिया टावर की है. बताया गया है कि लिफ्ट में लगे इमरजेंसी और अलार्म बटन भी काम नहीं कर रहे थे.
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