पड़ताल: क्या कश्मीर में तिरंगे पर रखकर गाय काटी गई?
जानिए वायरल हुई हर एक तस्वीर का सच.
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खूब शेयर हो रही चीजों पर आंख बंद करके यकीन न करें और आगे शेयर करने से पहले क्रॉसचेक जरूर करें.
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गाय. हिंदुस्तान. तिरंगा. कश्मीर.
ये संवेदनशील शब्द हैं. अलग-अलग और अकेले भी काफी विस्फोटक साबित हो सकते हैं. साथ में जोड़ दो, फिर तो डेडली कॉम्बो हैं. इनको मिलाकर कोई ये कहे कि कश्मीर में लोगों ने तिरंगे के ऊपर रखकर गाय को काटा, तो? बारूद उबलने लगेगा शरीर में. ये बातें एक वायरल पोस्ट का हिस्सा हैं. हमारे एक पाठक हैं. तोनाचा बाई जोजो नाम की आईडी से उन्होंने हमें मेल भेजा. उन्होंने हमसे इस पोस्ट का सच मालूम करने को कहा. और हमने मालूम किया.

ये PM मोदी के एक फैन पेज पर भी शेयर की गई है.

ये 2018 में शेयर हुई पोस्ट है.

फेसबुक पर ये पोस्ट ज्यादातर 2016 के हैं. कई ताजे भी हैं. 2018 के.

ये भी इसी पोस्ट का स्क्रीनशॉट है.
क्या है इस वायरल पोस्ट में? कुछ तस्वीरें हैं. एक कोलाज की शक्ल में. एक फ्रेम में एक पुलिसकर्मी दिख रहे हैं. सिर पर हेल्मेट, हाथ में मामूली सा डंडा. चेहरे और सिर पर खून. दूसरे फ्रेम में एक तिरंगा है. जिसमें आग लगी हुई है. अगल-बगल कई लोग खड़े हैं. कइयों के हाथ में चांद-तारे वाला पाकिस्तानी झंडा भी दिखाई दे रहा है. नीचे एक गाय पड़ी है. उसका गला काटा गया है. आस-पास खून बिखरा है. तीसरे फ्रेम में एक और पुलिसकर्मी. घायल. माथे से निकल रहे खून की लकीरें गले से नीचे उतरते हुए वर्दी तक पहुंच गई हैं. चौथे फ्रेम में भी एक घायल पुलिसकर्मी. चेहरे के निचले हिस्से पर सफेद रुमाल बांधा हुआ है. दो आंखें दिख रही हैं. देखकर लगता है कि दर्द में है इंसान. रुमाल पर खून है. रुमाल को जिन हाथों से पकड़ा हुआ है, उन हाथों पर भी खून की लकीरें हैं. पीछे एक और पुलिसकर्मी है. वो भी परेशान सा कैमरे की तरफ देख रहा है.

ये फोटो भी इसी वायरल पोस्ट के साथ शेयर की जा रही है.
इनके अलावा एक और तस्वीर है. इसमें कुल 8-10 लोग हैं. उनके पीछे कोई ट्रक खड़ा है शायद. ट्रक के ऊपर कोई बैनर लगा है, जिसके ऊपर उर्दू में कुछ लिखा है. बहुत साफ नहीं है मगर. नीचे एक तिरंगा पड़ा है. उसके ऊपर एक गाय पड़ी है. इन लोगों में से एक के हाथ में चाकू है. गाय का गला काटा गया है. शायद उसी वक्त, जब ये तस्वीर ली गई होगी. खून छितरा हुआ है.

ये फोटो इस वायरल पोस्ट की थीम है. कि तिरंगे पर रखकर गाय काटी गई.
कुछ पोस्ट्स ऐसी भी हैं, जिसमें एक और भी तस्वीर है. दंगे का सा माहौल है. इसी में कुछ लोग मिलकर किसी को लातों और डंडों से मार रहे हैं. जिसे मार रहे हैं, वो जमीन पर पड़ा है. शायद उसके बदन पर खाकी वर्दी है. शायद वो कोई पुलिसवाला है. इन तस्वीरों के साथ मेसेज भी है. उसमें लिखा है-
क्या है इस वायरल पोस्ट और इसमें इस्तेमाल की गई तस्वीरों का सच? तस्वीरों से शुरू करते हैं. ये वाली तस्वीर उस पोस्ट में है. इसे खोजते-खोजते हमें 'अमर उजाला' अखबार का एक लिंक मिला. एक न्यूज गैलरी है. हेडिंग है- देखें, किसने किया अखिलेश की पुलिस का ये हाल. गैलरी के ऊपर 16 जून, 2014 की तारीख डली है. गैलरी में कुल 15 तस्वीरें हैं. उनमें ये वाली फोटो दूसरे नंबर पर है. नीचे कैप्शन में लिखा है-
ये फोटो भी इस वायरल पोस्ट में इस्तेमाल हो रही है. जबकि ये कश्मीर की नहीं, उत्तर प्रदेश की पुलिस है (फोटो: अमर उजाला)
ये उत्तर प्रदेश की घटना थी. हुआ ये था कि बदमाश एक युवक से पैसे लूटकर भाग रहे थे. पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की. बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोली चलाई. इसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए. इससे लोग नाराज हो गए. उन्होंने पथराव कर दिया. इसी पथराव की चपेट में आकर पुलिसवाले घायल हो गए. ये फोटो भी उसी घटना की है.
आप इस लिंक पर क्लिक करके ये खबर पढ़ सकते हैं.

ये अगरतला की फोटो है. 2011 में यहां त्रिपुरा पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. इसी घटना में घायल एक पुलिसकर्मी की फोटो है ये (फोटो: CNTV)
अब इस फोटो की बात. पड़ताल के दौरान हमें सितंबर 2011 का एक लिंक मिला. एक है CNTV. चाइना नेटवर्क टेलिविजन. उसी की खबर है ये. न्यूज ये है कि भारत में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. इस घटना में एक इंसान की मौत हो गई और 30 के करीब लोग जख्मी हो गए. ये अगरतला की घटना थी. इस खबर में कुछ तस्वीरें भी हैं. दूसरे नंबर की तस्वीर ये वाली है.
इसका कैप्शन है-
अब बारी तिरंगे को जलाने और गाय को काटने वाली तस्वीरों की. यहां तीन तस्वीरें हैं. गाय काटने वाली, तिरंगे जलाते हुए कटी गाय तिरंगे पर रखकर फोटो खिंचवाने वाली. और एक फोटो गाय को काटते हुए. इसके ऊपर हेडिंग है-
ये कितनी खौफनाक तस्वीर है. विरोध के नाम पर कितना नीचे गिरा जा सकता है? कितना बेहूदा हुआ जा सकता है?
लेकिन ये तस्वीरें पाकिस्तान की हैं.
कैसे मालूम चला कि ये पाकिस्तान की घटना है

ऊपर पीले रंग के फॉन्ट में digger लिखा है. ये एक पाकिस्तानी कंपनी का नाम है.
1. ऊपर जो तस्वीर लगाई है, उसको गौर से देखिए. इसमें ऊपर की तरफ, दाहिनी ओर हमने लाल घेरा बनाया है. इसमें आपको Digger लिखा दिखेगा. सर्च करने पर मालूम चला कि ये पाकिस्तान की एक कंपनी है. जो जूते-चप्पल बनाती है. लग रहा है कि पीछे खड़ी ट्रकों के ऊपर या फिर शायद उन ट्रकों के पीछे की तरफ कहीं कुछ बैनर-पोस्टर लगे हैं. उनमें से ही एक के ऊपर इस कंपनी का नाम लिखा है. वो शायद कंपनी का कोई ऐड होगा. जब ये फोटो ली गई होगी, तब पीछे वाले वो बैनर-पोस्टर भी फ्रेम में कैद हो गए. इस बारे में एसएम होक्स स्लेयर
ने बताया था.

रिवर्स सर्च करने पर हमें तारेक फतेह वाले ट्वीट का लिंक मिला.
2. इंटरनेट की थोड़ी और खाक छानने पर हमें तारेक फतेह का एक ट्वीट मिला. तारिक पाकिस्तान के रहने वाले हैं. हिंदुस्तान से बड़ी मुहब्बत जताते हैं. दुनियाभर में घूम कर पाकिस्तान का कच्चा-चिट्ठा खोलते रहते हैं. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है-

ये खबर बाद में डिलीट कर दी गई होगी. इसीलिए लिंक पर क्लिक करने के बाद ये पेज खुल रहा है.
पुरानी खबरें देखीं, तो याद आया. कि दिसंबर 2015 में सुषमा स्वराज पाकिस्तान गई थीं. वहां उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी. नीचे जो तस्वीर दिख रही है, वो उसी मौके की है.

ये तस्वीर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी की थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ सरताज अजीज दिख रहे हैं. अपने इस दौरे के दौरान सुषमा स्वराज ने उस समय के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात की थी.

कश्मीर का कहकर प्रचारित की जा रही है इस पोस्ट में ये इकलौती तस्वीर है जो कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ी है.
एक और फोटो भी है इस वायरल पोस्ट में. जाते-जाते इसका भी जिक्र कर लेते हैं. इस फोटो में दिख रहे पुलिसकर्मी ने जो बिल्ला लगाया हुआ है, उसे देखिए. ये जम्मू-कश्मीर पुलिस का ही है. ये इकलौती फोटो है, जो असल में कश्मीर की है. मगर कब की है, किस घटना की है, ये मालूम नहीं चल पाया है.
हमने सारी जरूरी चीजें आपके सामने रख दीं. कब, क्या, कहां. सारी चीजें. गाय कटने वाली तस्वीरें इस वायरल पोस्ट की थीम हैं. उसका सच बता दिया हमने आपको. ये कश्मीर की नहीं, पाकिस्तान की घटना थी. भारत के लिए अपनी नफरत का इजहार करने के लिए कुछ बेहूदा लोगों ने ये बेहूदगी की. बेचारी गाय ने क्या किया था? इसके अलावा पुलिसकर्मियों की तस्वीरों का सच भी बताया हमने आपको. उन तस्वीरों को अलग-अलग जगह से जमा किया गया है. कुछ यहां से उठाया, कुछ वहां से उठाया और आपस में जोड़कर कहानी बना दी. लोगों को धर्म और ईमान का वास्ता देकर भड़का भी दिया. अगर आपको कहीं ये वायरल हो रही पोस्ट नजर आए, तो उसे हमारी इस खबर का लिंक थमा दीजिएगा. जिस रफ्तार से फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं, उससे ज्यादा रफ्तार से सच फैलाने की जरूरत है.
अगर आपको भी ऐसी कोई वायरल हो रही पोस्ट नजर आती है और आप उसका सच मालूम करना चाहते हैं, तो हमें भेजिए lallantopmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करके उसका सच बताएंगे.
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ये संवेदनशील शब्द हैं. अलग-अलग और अकेले भी काफी विस्फोटक साबित हो सकते हैं. साथ में जोड़ दो, फिर तो डेडली कॉम्बो हैं. इनको मिलाकर कोई ये कहे कि कश्मीर में लोगों ने तिरंगे के ऊपर रखकर गाय को काटा, तो? बारूद उबलने लगेगा शरीर में. ये बातें एक वायरल पोस्ट का हिस्सा हैं. हमारे एक पाठक हैं. तोनाचा बाई जोजो नाम की आईडी से उन्होंने हमें मेल भेजा. उन्होंने हमसे इस पोस्ट का सच मालूम करने को कहा. और हमने मालूम किया.

ये PM मोदी के एक फैन पेज पर भी शेयर की गई है.

ये 2018 में शेयर हुई पोस्ट है.

फेसबुक पर ये पोस्ट ज्यादातर 2016 के हैं. कई ताजे भी हैं. 2018 के.

ये भी इसी पोस्ट का स्क्रीनशॉट है.
क्या है इस वायरल पोस्ट में? कुछ तस्वीरें हैं. एक कोलाज की शक्ल में. एक फ्रेम में एक पुलिसकर्मी दिख रहे हैं. सिर पर हेल्मेट, हाथ में मामूली सा डंडा. चेहरे और सिर पर खून. दूसरे फ्रेम में एक तिरंगा है. जिसमें आग लगी हुई है. अगल-बगल कई लोग खड़े हैं. कइयों के हाथ में चांद-तारे वाला पाकिस्तानी झंडा भी दिखाई दे रहा है. नीचे एक गाय पड़ी है. उसका गला काटा गया है. आस-पास खून बिखरा है. तीसरे फ्रेम में एक और पुलिसकर्मी. घायल. माथे से निकल रहे खून की लकीरें गले से नीचे उतरते हुए वर्दी तक पहुंच गई हैं. चौथे फ्रेम में भी एक घायल पुलिसकर्मी. चेहरे के निचले हिस्से पर सफेद रुमाल बांधा हुआ है. दो आंखें दिख रही हैं. देखकर लगता है कि दर्द में है इंसान. रुमाल पर खून है. रुमाल को जिन हाथों से पकड़ा हुआ है, उन हाथों पर भी खून की लकीरें हैं. पीछे एक और पुलिसकर्मी है. वो भी परेशान सा कैमरे की तरफ देख रहा है.

ये फोटो भी इसी वायरल पोस्ट के साथ शेयर की जा रही है.
इनके अलावा एक और तस्वीर है. इसमें कुल 8-10 लोग हैं. उनके पीछे कोई ट्रक खड़ा है शायद. ट्रक के ऊपर कोई बैनर लगा है, जिसके ऊपर उर्दू में कुछ लिखा है. बहुत साफ नहीं है मगर. नीचे एक तिरंगा पड़ा है. उसके ऊपर एक गाय पड़ी है. इन लोगों में से एक के हाथ में चाकू है. गाय का गला काटा गया है. शायद उसी वक्त, जब ये तस्वीर ली गई होगी. खून छितरा हुआ है.

ये फोटो इस वायरल पोस्ट की थीम है. कि तिरंगे पर रखकर गाय काटी गई.
कुछ पोस्ट्स ऐसी भी हैं, जिसमें एक और भी तस्वीर है. दंगे का सा माहौल है. इसी में कुछ लोग मिलकर किसी को लातों और डंडों से मार रहे हैं. जिसे मार रहे हैं, वो जमीन पर पड़ा है. शायद उसके बदन पर खाकी वर्दी है. शायद वो कोई पुलिसवाला है. इन तस्वीरों के साथ मेसेज भी है. उसमें लिखा है-
कशमीर में तिरंगे के ऊपर रख कर गाय को काटा. अब हिंदुस्तानी नेता दुख प्रकट करेंगे सिर्फ दुख. भाई लोगों अगर आपने गाय माता का दूध पिया है तो आपको उस दूध की कसम है इन फोटो को पूरे भारत में फैला कर दूध का कर्ज चुकाओ. जागो हिन्द प्रेमियों जागो पानी सिर के ऊपर जा रहा है. भाइओ इस पोस्ट को लाइक न करें हमें करारा जवाब देना है सिर्फ अपना कॉमेंट लिखे भारत माता की जय.ये वायरल पोस्ट ज्यादातर 2016 की है. हालांकि मार्च 2018 के भी पोस्ट मिले. कई बार फेसबुक और ट्विटर पर चीजें वायरल होकर थक जाती हैं, उसके बाद वो वॉट्सऐप पर वायरल होती हैं. तो शायद दो साल पुरानी इस पोस्ट के साथ भी यही हो रहा है.
क्या है इस वायरल पोस्ट और इसमें इस्तेमाल की गई तस्वीरों का सच? तस्वीरों से शुरू करते हैं. ये वाली तस्वीर उस पोस्ट में है. इसे खोजते-खोजते हमें 'अमर उजाला' अखबार का एक लिंक मिला. एक न्यूज गैलरी है. हेडिंग है- देखें, किसने किया अखिलेश की पुलिस का ये हाल. गैलरी के ऊपर 16 जून, 2014 की तारीख डली है. गैलरी में कुल 15 तस्वीरें हैं. उनमें ये वाली फोटो दूसरे नंबर पर है. नीचे कैप्शन में लिखा है-
गुस्साए लोगों के पथराव में डीआईजी वीएस मीणा बुरी तरह घायल हो गए.

ये फोटो भी इस वायरल पोस्ट में इस्तेमाल हो रही है. जबकि ये कश्मीर की नहीं, उत्तर प्रदेश की पुलिस है (फोटो: अमर उजाला)
ये उत्तर प्रदेश की घटना थी. हुआ ये था कि बदमाश एक युवक से पैसे लूटकर भाग रहे थे. पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की. बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोली चलाई. इसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए. इससे लोग नाराज हो गए. उन्होंने पथराव कर दिया. इसी पथराव की चपेट में आकर पुलिसवाले घायल हो गए. ये फोटो भी उसी घटना की है.
आप इस लिंक पर क्लिक करके ये खबर पढ़ सकते हैं.

ये अगरतला की फोटो है. 2011 में यहां त्रिपुरा पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. इसी घटना में घायल एक पुलिसकर्मी की फोटो है ये (फोटो: CNTV)
अब इस फोटो की बात. पड़ताल के दौरान हमें सितंबर 2011 का एक लिंक मिला. एक है CNTV. चाइना नेटवर्क टेलिविजन. उसी की खबर है ये. न्यूज ये है कि भारत में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. इस घटना में एक इंसान की मौत हो गई और 30 के करीब लोग जख्मी हो गए. ये अगरतला की घटना थी. इस खबर में कुछ तस्वीरें भी हैं. दूसरे नंबर की तस्वीर ये वाली है.
इसका कैप्शन है-
उत्तरपूर्वी भारत के राज्य त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले में जख्मी हुआ एक भारतीय पुलिसकर्मी. इस झड़प में एक शख्स की मौत हो गई. 30 लोग घायल हुए. इनमें 11 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. स्थानीय खबरों के मुताबिक, अगरतला में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई.आप इस लिंक पर क्लिक करके ये खबर पढ़ सकते हैं.
अब बारी तिरंगे को जलाने और गाय को काटने वाली तस्वीरों की. यहां तीन तस्वीरें हैं. गाय काटने वाली, तिरंगे जलाते हुए कटी गाय तिरंगे पर रखकर फोटो खिंचवाने वाली. और एक फोटो गाय को काटते हुए. इसके ऊपर हेडिंग है-
जम्मू-कश्मीर में भारत के राष्ट्रीय झंडे पर रखकर गाय को काटते हुए

ये कितनी खौफनाक तस्वीर है. विरोध के नाम पर कितना नीचे गिरा जा सकता है? कितना बेहूदा हुआ जा सकता है?
लेकिन ये तस्वीरें पाकिस्तान की हैं.
कैसे मालूम चला कि ये पाकिस्तान की घटना है

ऊपर पीले रंग के फॉन्ट में digger लिखा है. ये एक पाकिस्तानी कंपनी का नाम है.
1. ऊपर जो तस्वीर लगाई है, उसको गौर से देखिए. इसमें ऊपर की तरफ, दाहिनी ओर हमने लाल घेरा बनाया है. इसमें आपको Digger लिखा दिखेगा. सर्च करने पर मालूम चला कि ये पाकिस्तान की एक कंपनी है. जो जूते-चप्पल बनाती है. लग रहा है कि पीछे खड़ी ट्रकों के ऊपर या फिर शायद उन ट्रकों के पीछे की तरफ कहीं कुछ बैनर-पोस्टर लगे हैं. उनमें से ही एक के ऊपर इस कंपनी का नाम लिखा है. वो शायद कंपनी का कोई ऐड होगा. जब ये फोटो ली गई होगी, तब पीछे वाले वो बैनर-पोस्टर भी फ्रेम में कैद हो गए. इस बारे में एसएम होक्स स्लेयर
ने बताया था.

रिवर्स सर्च करने पर हमें तारेक फतेह वाले ट्वीट का लिंक मिला.
2. इंटरनेट की थोड़ी और खाक छानने पर हमें तारेक फतेह का एक ट्वीट मिला. तारिक पाकिस्तान के रहने वाले हैं. हिंदुस्तान से बड़ी मुहब्बत जताते हैं. दुनियाभर में घूम कर पाकिस्तान का कच्चा-चिट्ठा खोलते रहते हैं. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है-
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का पाकिस्तान में स्वागत करने के लिए पाकिस्तानियों ने भारतीय झंडे के ऊपर रखकर एक गाय काटी.
9 दिसंबर, 2015 के दिन किए गए इस ट्वीट में तारेक ने किसी 'ऑनलाइन इंडस न्यूज.कॉम' का लिंक भी दिया है. इस लिंक पर क्लिक किया, तो 'पेज नॉट फाउंड' का एक पेज खुला. इससे लगता है कि इस न्यूज को बाद में डिलीट कर दिया गया.Pakistanis slaughter a cow on top of an Indian flag to welcome India's Foreign Minister Sushma Swaraj to Pakistan. https://t.co/WO6RWz1Wmv
— Tarek Fatah ਤਾਰੇਕ ਫਤਹ (@TarekFatah) December 9, 2015
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ये खबर बाद में डिलीट कर दी गई होगी. इसीलिए लिंक पर क्लिक करने के बाद ये पेज खुल रहा है.
पुरानी खबरें देखीं, तो याद आया. कि दिसंबर 2015 में सुषमा स्वराज पाकिस्तान गई थीं. वहां उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी. नीचे जो तस्वीर दिख रही है, वो उसी मौके की है.

ये तस्वीर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी की थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ सरताज अजीज दिख रहे हैं. अपने इस दौरे के दौरान सुषमा स्वराज ने उस समय के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात की थी.

कश्मीर का कहकर प्रचारित की जा रही है इस पोस्ट में ये इकलौती तस्वीर है जो कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ी है.
एक और फोटो भी है इस वायरल पोस्ट में. जाते-जाते इसका भी जिक्र कर लेते हैं. इस फोटो में दिख रहे पुलिसकर्मी ने जो बिल्ला लगाया हुआ है, उसे देखिए. ये जम्मू-कश्मीर पुलिस का ही है. ये इकलौती फोटो है, जो असल में कश्मीर की है. मगर कब की है, किस घटना की है, ये मालूम नहीं चल पाया है.
हमने सारी जरूरी चीजें आपके सामने रख दीं. कब, क्या, कहां. सारी चीजें. गाय कटने वाली तस्वीरें इस वायरल पोस्ट की थीम हैं. उसका सच बता दिया हमने आपको. ये कश्मीर की नहीं, पाकिस्तान की घटना थी. भारत के लिए अपनी नफरत का इजहार करने के लिए कुछ बेहूदा लोगों ने ये बेहूदगी की. बेचारी गाय ने क्या किया था? इसके अलावा पुलिसकर्मियों की तस्वीरों का सच भी बताया हमने आपको. उन तस्वीरों को अलग-अलग जगह से जमा किया गया है. कुछ यहां से उठाया, कुछ वहां से उठाया और आपस में जोड़कर कहानी बना दी. लोगों को धर्म और ईमान का वास्ता देकर भड़का भी दिया. अगर आपको कहीं ये वायरल हो रही पोस्ट नजर आए, तो उसे हमारी इस खबर का लिंक थमा दीजिएगा. जिस रफ्तार से फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं, उससे ज्यादा रफ्तार से सच फैलाने की जरूरत है.
अगर आपको भी ऐसी कोई वायरल हो रही पोस्ट नजर आती है और आप उसका सच मालूम करना चाहते हैं, तो हमें भेजिए lallantopmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करके उसका सच बताएंगे.
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कौन है ये महिला, जिसके वायरल वीडियो रोज लाखों लोग देख रहे हैं?
पड़ताल: बीजेपी आईटी सेल में रोजगार दिलाने का मैसेज आया हो तो भूलकर क्लिक न करना
पड़ताल: कौन है वो लड़की, जो वायरल हो रही इस फोटो में नेहरू को चूम रही है?
तबस्सुम हसन ने राम पर अल्लाह की जीत वाले बयान पर सफाई दी, लेकिन एक गड़बड़ कर दी
पड़ताल : क्या मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक विश्व बैंक से एक रुपये का भी कर्ज नहीं लिया?
पड़ताल: अब प्राइवेट स्कूल गर्मी की छुट्टियों की फीस नहीं ले सकेंगे!
पड़ताल: कौन है वो लड़की, जो वायरल हो रही इस फोटो में नेहरू को चूम रही है?

