तेजस्वी यादव ने पैसे बांटे, JDU ने आचार संहिता का उल्लंघन बताया, RJD बोली- कुछ पता तो है नहीं
तेजस्वी यादव का ये वीडियो वायरल है.
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तेजस्वी का वीडियो सामने आने के बाद जेडीयू और आरजेडी एक दूसरे के खिलाफ हमले कर रहे हैं.
युवा राजद. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की यूथ विंग. गुरुवार 9 सितंबर को युवा राजद ने एक वीडियो ट्वीट किया, जो नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) को पसंद नहीं आया और वो चुनाव आयोग पहुंच गई. ऐसा क्या है इस वीडियो में? आप खुद देख लीजिए.
इस वीडियो में तेजस्वी यादव अपनी गाड़ी में बैठे हैं और कुछ महिलाओं को पांच-पांच सौ के नोट बांट रहे हैं. वीडियो में एक व्यक्ति कहता है- तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद के बेटे. फिर तेजस्वी यादव कहते हैं- लालू जी के बेटे हैं. वे महिलाओं को नमस्कार करते हैं और आगे बढ़ जाते हैं. अब वीडियो के खिलाफ JDU ने चुनाव आयोग से शिकायत की है.
गुरुवार, 9 सितंबर को बैकुंठपुर में पूर्व विधायक देवदत्त राय की पुण्यतिथि थी. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस कार्यक्रम में भाग लेने गोपालगंज गए थे. वे बैकुंठपुर के विधायक प्रेमशंकर यादव के गांव बांस घाट मसूरिया जा रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कुछ महिलाओं को पैसे बांटे. इसके बाद तेजस्वी यादव ने रेवतीथ में जनसभा को संबोधित किया था. इसमें उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को 'महा डरपोक' नेता कहा था.
JDU का हमला
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद JDU ने तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा. पार्टी के पार्षद और प्रवक्ता नीरज कुमार ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा. आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता 24 अगस्त से लागू है, लेकिन 9 सितंबर को लोक आस्था के महापर्व तीज के दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बैकुंठपुर के विधायक प्रेमशंकर यादव के गांव में ग्रामीण महिलाओं को रुपए बांटे.
लेटर में लिखा है कि बांस घाट मसूरिया पंचायत के ग्राम गरौंली में पंचायती राज 2021 का चुनाव होना है. ऐसे में तेजस्वी यादव का महिलाओं को खुलेआम पैसे बांटना आदर्श आचार चुनाव संहिता के प्रावधानों के विपरित आचरण है. इस आधार पर सत्तारूढ़ दल ने तेजस्वी यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा,
RJD ने भी तीखा हमला बोला
जेडीयू के हमले पर RJD ने पलटवार किया. पार्टी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा,
आरजेडी के एक प्रवक्ता का कहना है, "जेडीयू अज्ञानियों का जमघट है, जो पूरी तरह घसक गया है. ये उनके प्रवक्ता के बयान से साफ हो गया है. ककहरे का ज्ञान नहीं और चुनाव आयोग को लेटर लिख रहे हैं. नीतीश जी इन लोगों को पढ़ाइए कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट कहां-कहां लगा है. जहां कार्यक्रम था वहां आंचार सहिता नहीं लगा है. हम किसी को असहाय नहीं छोड़ सकते."
वहीं, आरजेडी रोहतास ट्विटर हैंडल से कहा गया, "वीडियो को रोककर, लाल घेरा बना देने वाले सत्ता के तलवों के चटोरे चुनाव आचार संहिता क्यों पढ़ेंगे भला. कुछ हुड़कचुल्लूओं की फ़ितरत है कि वे अपने नग्न नृत्य को मोर का मनोरम दृश्य बता सत्तासीन मालिक को खुश करने से बाज नहीं आते!"

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