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VHP-बजरंग दल के लोगों ने ताजमहल का बाहरी गेट क्यों तोड़ डाला

एक मंदिर जाने के रास्ते से जुड़ा है ये पूरा मामला.

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13 जून 2018 (अपडेटेड: 12 जून 2018, 04:53 AM IST)
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जो ताजमहल देखने आते हैं, वो पश्चिमी गेट से होकर घूमते हुए अंदर जाते हैं. ASI अब यहां एयरपोर्ट लाउंज के स्टाइल में केबिन बनवा रहा है. फिर सिक्यॉरिटी चेकिंग करवाने के बाद टूरिस्ट सीधे ताज में घुस सकेंगे. इसी का काम चल रहा था. तो सिद्धेश्वर महादेव मंदिर जाने का पुराना रास्ता बंद हो गया. इसकी जगह ASI ने वहीं से एक दूसरा रास्ता खोल दिया था मंदिर के लिए. बायपास टाइप. लेकिन VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता कह रहे थे कि हम नए रास्ते से क्यों जाएं. हमको तो वही पुराना रास्ता चाहिए (फोटो: बाएं तरफ की तस्वीर गेट तोड़ने की और दाएं तरफ ताजमहल की - AP)
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ये रविवार की बात है. 10 जून की. उस दिन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कुछ लोगों ने ताजमहल के पश्चिमी ओर बने गेट पर तोड़-फोड़ की. VHP वाले अकेले नहीं थे. उनके साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता भी थे.
ताजमहल के पास से होकर यमुना बहती है. आप ताज के प्लेटफॉर्म पर खड़े होंगे, तो पीछे की तरफ यमुना बहती नजर आएगी. यहीं यमुना के किनारे बसई घाट के पास एक बहुत पुराना शिव मंदिर है. सिद्धेश्वर महादेव का मंदिर. कहते हैं, ये मंदिर करीब 400 साल पुराना है. मंदिर जाने का रास्ता इधर से होकर गुजरता था. इधर से, मतलब ताज के पश्चिमी गेट से बसई घाट की तरफ जाने वाली सड़क. यहां से मंदिर की दूरी लगभग 350 मीटर है. पहले क्या होता था कि ताजमहल आने वाले पर्यटक इसके पश्चिमी गेट से घूमकर अंदर जाते थे. लेकिन पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) अब यहां एक लाउंज बना रहा है.
गुंडागर्दी कि पुराने रास्ते से ही जाएंगे जैसा एयरपोर्ट लाउंज होता है. आप एक सिक्यॉरिटी गेट से अंदर घुसते हैं. फिर जांच वगैरह होती है और आप सीधे आगे बढ़ जाते हैं. ऐसा ही एक केबिन यहां पर भी बनाया जा रहा है. सुरक्षा के लिहाज से भी और पर्यटकों की मूवमेंट को ज्यादा कंट्रोल करने के लिहाज से भी. इसके लिए ASI ने पहले सर्वे कराया. सर्वे से तय हुआ कि ये लाउंज कहां बनवाया जाए. पिछले तीन-चार महीने से काम चालू था. चूंकि मंदिर जाने का रास्ता इधर से ही होकर पड़ता था, सो मंदिर के लिए एक वैकल्पिक रास्ता बनाया गया. बायपास टाइप. पहले लोग मंदिर के लिए सीधे जाते थे. अब थोड़ा सा लेफ्ट की तरफ घूमकर चलना होगा और फिर आगे जाकर आप उसी पुराने रास्ते से मिल जाएंगे. ये वैकल्पिक रास्ता खोलने के बाद ही ASI ने आगे का काम शुरू कराया. लाउंज बनवाने के लिए यहां स्टील के दो गेट लगवाए. VHP और बजरंग दल कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि हम वैकल्पिक रास्ते से मंदिर क्यों जाएं. कि हम तो उसी पुराने रास्ते से मंदिर जाएंगे. रविवार को इसी बात पर हंगामा मचाते हुए 30 के करीब कार्यकर्ता डंडा वगैरह लेकर यहां जमा हुए और उन्होंने स्टील के गेट के साथ तोड़-फोड़ की. गेट को हटाकर किनारे रख दिया.
ताज महल के पीछे से होकर यमुना बहती है. कभी नदी थी, अब नाले जैसे लगती है. यहीं नदी किनारे बसई घाट है. घाट के पास ही सिद्धेश्वर महादेव का मंदिर है. इसके लिए रास्ता ताज महल के पश्चिमी गेट के पास से गुजरता है (फोटो: UP टूरिज्म)
ताज महल के पीछे से होकर यमुना बहती है. कभी नदी थी, अब नाले जैसे लगती है. यहीं नदी किनारे बसई घाट है. घाट के पास ही सिद्धेश्वर महादेव का मंदिर है. इसके लिए रास्ता ताज महल के पश्चिमी गेट के पास से गुजरता है (फोटो: UP टूरिज्म)

ताजगंज पुलिस थाने में ASI ने शिकायत लिखवाई है हंगामा हुआ, तो अफरातफरी मच गई. ताजमहल देखने पहुंचे टूरिस्ट डरकर भागने लगे. मौके पर पुलिस भी थी. उसने VHP कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की. लेकिन वो किसी के रोके नहीं रुके. मामला बढ़ा, तो प्रशासन को खबर हुई. अधिकारी वहां पहुंचे. उन्होंने VHP के लोगों से बात की. उनको समझाया और शांत कराया. हो-हंगामे और तोड़-फोड़ के बाद ASI ने ताजगंज पुलिस थाने में शिकायत लिखवाई. जिन लोगों ने उपद्रव मचाया था, उनकी पहचान हो चुकी है. ASI का काम फिर शुरू हो गया है. बस अब सावधानी बढ़ गई है.


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