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भूकंप से कांपा वेनेजुएला: चारों तरफ मलबे का ढेर और चीख-पुकार, 32 मौत, देश में इमरजेंसी लागू

Venezuela Earthquake: बड़े आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहे देश वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही मच गई है. 700 से ज्यादा लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है. अब तक 32 मौतों की पुष्टि हो गई है.

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25 जून 2026 (पब्लिश्ड: 12:54 PM IST)
venezuela earthquake emergency declared by president
भूकंप के बाद काफी लोग मलबे में दबे हुए हैं जिन्हें रेस्क्यू करने का काम चल रहा है (PHOTO-AFP/Getty)
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वेनेजुएला में कुछ सेकेंड के अंदर आए दो बेहद जोरदार भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है. पहला भूकंप 7.2 Magnitude का था. लेकिन उसके सिर्फ 39 सेकेंड बाद ही 7.5 Magnitude का दूसरा, और उससे भी ज्यादा खतरनाक भूकंप आ गया. राजधानी ‘कराकास’ सहित कई इलाकों में इमारतें गिर गईं, लोग मलबे में फंसे हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट में अब तक 32 मौतों की पुष्टि की गई है. एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा और अब सबसे बड़ी चिंता ये है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. देश के बड़े हिस्से में तबाही और आपाधापी का मंजर है.

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संस्था US Geological Survey यानी USGS ने आशंका जताई है कि इस भूकंप में भारी जनहानि हुई है. USGS के शुरुआती आकलन के मुताबिक, 44% संभावना है कि मौत का आंकड़ा ‘10 हजार’ से भी ज्यादा हो. वहीं करीब 30% संभावना ऐसी भी जताई गई है कि दूसरे भूकंप के बाद मृतकों की संख्या एक लाख के भी पार पहुंच जाए. हालांकि, अभी तक ऑफिशियली किसी भी तरह का मौत का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. भूकंप के झटके राजधानी कराकास सहित पूरे वेनेजुएला में महसूस किए गए. इतना ही नहीं, पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी ‘बोगोटा’ तक धरती हिलती महसूस हुई.

देश में इमरजेंसी घोषित की गई

हालात को देखते हुए वेनेजुएला की एक्टिंग प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रीगेज ने पूरे देश में इमरजेंसी घोषित कर दी है. उन्होंने देश को संबोधित करते हुए लोगों से एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई, लेकिन मौत को लेकर कोई स्पष्ट डेटा नहीं बताया. साथ ही, Search, Rescue & Relief Operations की मॉनिटरिंग के लिए एक जनरल को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

सरकार ने फिलहाल कई बड़े फैसले भी लिए हैं. पूरे देश में मेट्रो और ट्रेन सेवाएं अगली सूचना तक बंद कर दी गई हैं. इस हफ्ते के बाकी सभी दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. राजधानी कराकास के पास, देश के सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ‘माइकेतिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ को भी बंद कर दिया गया है. भूकंप के दौरान एयरपोर्ट की छत के कुछ हिस्से गिर गए थे. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग एयरपोर्ट के अंदर से जान बचाकर भागते दिखाई दे रहे हैं. कई जगहों पर छत से धूल के बड़े-बड़े गुबार उठते दिखे.

राहत-बचाव कार्य जारी

इस बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. रेस्क्यू में लगी टीमें बहुमंजिला इमारतों के मलबे में फंसे लोगों को तलाश रही हैं. वेनेजुएला के इंटीरियर मिनिस्टर ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल अपने घरों से बाहर निकल जाएं और सुरक्षित जगहों पर रहें. BBC के मुताबिक, पहले दो बड़े भूकंपों के बाद अब तक 20 से ज्यादा आफ्टरशॉक भी आ चुके हैं. सबसे ज्यादा असर देश के उत्तरी तटीय इलाकों- ला ग्वाइरा, आरागुआ, काराबोबो और फाल्कोन राज्यों में देखा गया है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आगे भी तेज झटके महसूस हो सकते हैं.

क्यों आया इतना शक्तिशाली भूकंप?

USGS के मुताबिक, वेनेजुएला उस इलाके में स्थित है जहां कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में मिलती हैं. दूसरा और ज़्यादा ताकतवर भूकंप इन्हीं प्लेटों के बीच हुए शैले स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग की वजह से आया. आसान भाषा में कहें, तो धरती की दो बड़ी प्लेटों के बीच मौजूद दरारों में अचानक तेज Horizontal Movement हुआ और उसी से इतनी बड़ी ऊर्जा निकली कि लगातार दो बड़े भूकंप आ गए. USGS का कहना है कि ये दोनों भूकंप शायद एक जटिल जियोलॉजिकल प्रोसेस का हिस्सा थे, इसलिए आगे भी तेज़ आफ्टरशॉक्स आने की आशंका बनी हुई है. उधर दुनिया के कई देशों ने वेनेजुएला की मदद की पेशकश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा,

वेनेजुएला में आए भयानक भूकंप से हुई तबाही से बहुत दुखी हूं. भारत के लोगों की ओर से, मैं वेनेजुएला सरकार और वहां के लोगों के प्रति, खासकर उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया है. हम घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ करते हैं और इस मुश्किल वक़्त में प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़े हैं. भारत हर मुमकिन मदद देने के लिए तैयार है.

राहत भेज रहा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शुरुआती रिपोर्ट अच्छी नहीं हैं और अमेरिका पूरी मदद के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को तुरंत तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं. अमेरिका ने सर्च एंड रेस्क्यू टीम्स के साथ मेडिक सपोर्ट और मानवीय सहायता भेजने का भी ऐलान किया है. अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा है कि उनका देश 300 Rescue Workers और करीब 50 टन राहत सामग्री भेजने के लिए तैयार है. इक्वाडोर के राष्ट्रपति दानिएल नोबोआ आसिन ने भी तुरंत सहायता भेजने की घोषणा की है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि उनका देश वेनेजुएला की हर संभव मदद करेगा. वहीं मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने भी वेनेजुएला को हर तरह की सहायता देने की पेशकश की है.

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ये भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक शाम 6 बजकर 4 मिनट पर आया. लेकिन उस दिन वेनेजुएला में National Holiday था. यानी सामान्य दिनों के मुकाबले कहीं ज़्यादा लोग अपने घरों में मौजूद थे. यही वजह है कि नुकसान और जनहानि को लेकर चिंता और भी बढ़ गई है. फिलहाल Search, Relief & Rescue Operations जारी हैं. हजारों लोग अब भी अपने परिजन का इंतजार कर रहे हैं. वहीं पूरी दुनिया की नज़र इस बात पर है कि जब मौतों पर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, तब इस तबाही की असली तस्वीर कितनी भयावह होगी. 

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