वरुण गांधी ने कहा- UP में किसानों का फसल जलाना सरकार के लिए शर्म की बात, जेल कराऊंगा
किसानों के बहाने फिर बीजेपी पर निशाना साध रहे वरुण गांधी?
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(साभार- वरुण गांधी का ट्विटर हैंडल)
बीजेपी वाले गांधी, यानी वरुण गांधी ने फिर एक बार किसानों का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा है कि वो उनके लोकसभा क्षेत्र यानी पीलीभीत में किसानों की फसल खरीद में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस बयान का वीडियो उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर भी किया है. शुक्रवार 29 अक्टूबर को किए गए इस वीडियो ट्वीट में वरुण गांधी एक फसल मंडी में सरकारी अधिकारी से बात करते नज़र आ रहे हैं. वो अधिकारी को चेतावनी देते नज़र आते हैं कि अगर भ्रष्टाचार का मामला उनकी संज्ञान में आया तो वो उन्हें कोर्ट ले जाएंगे और गिरफ़्तार करवाएंगे.
वीडियो में वरुण गांधी ने फसल मंडी के अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा,
वहीं ट्वीट के कैप्शन में वरुण गांधी ने लिखा,
वरुण गांधी ने मंडी व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वीडियो में वो कह रहे हैं कि मंडियों में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है. किसान परेशान होकर अपना अनाज जला रहे हैं. क्योंकि वो अपना अनाज नहीं बेच पा रहे. वरुण ने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है. उन्होंने ये तक कह दिया कि अधिकारी और बिचौलियों की साठगांठ से सब कुछ ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से चल रहा है. बिचौलिये किसानों से कम दाम पर अनाज ख़रीदते हैं और इसे फिर MSP पर मंडी में बेच देते हैं. इस वीडियो में फसल मंडी के अधिकारी से बात करते हुए वरुण ने अपने UP सरकार पर भी तंज कसा. कहा,
वरुण ने अधिकारी से कहा कि महंगाई की मार सभी लोग झेल रहे हैं और फ़र्टिलाइज़र की समस्या पूरे राज्य में बनी हुई है. वीडियो के अंत में वरुण गांधी भ्रष्टाचार का पता चलने पर अधिकारी को जेल भेजने की बात करते हैं. इस पर आसपास खड़े कई लोग तालियां बजाते हैं. इससे पहले 23 अक्टूबर को वरुण गांधी ने एक किसान द्वारा अपनी फसल जलाने का वीडियो पोस्ट किया था. बताया गया कि किसान अपनी फसल नहीं बेच पाया था जिसके बाद उसने फसल में आग लगा दी.
नए कृषि कानूनों को लेकर वरुण गांधी लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलते रहे हैं. वो किसान आंदोलन का भी समर्थन करते हैं. उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद से वरुण गांधी यूपी सरकार के खिलाफ अपनी आवाज़ उठा रहे हैं.
हालांकि कई जानकार उनके इस सियासी रुख को बीजेपी में उनकी कथित रूप से कम होती अहमियत से जोड़कर देखते हैं. लखीमपुर खीरी हिंसा ट्वीट करने के बाद वरुण गांधी को बीजेपी की नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटा दिया गया था. और न सिर्फ़ उन्हें बल्कि उनकी मां और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई. हालांकि, बीजेपी का कहना था कि इस फ़ैसले का वरुण गांधी के ट्वीट से कोई लेना-देना नहीं है.

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