जयंत संसद से गायब, उनके विधायकों ने योगी से मिल क्या किया जो यूपी में हल्ला मच गया?
राजभर तो कहने लगे- मैं तो पहले से कह रहा हूं कि जयंत आएंगे.

मॉनसून सत्र में जयंत चौधरी का वोटिंग के वक्त गायब रहना. फिर यूपी विधानसभा में चल रहे सत्र के दौरान RLD विधायकों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना. ये दो ऐसी घटनाएं हैं जिनसे यूपी के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है. पूछा जाने लगा है कि आखिर RLD है किसके साथ? NDA या INDIA?
यूपी में विधानसभा सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री के साथ इस मुलाकात की तस्वीर भी सामने आई है. खूब वायरल भी है. हालांकि RLD की तरफ से आधिकारिक तौर पर बताया गया कि ये मुलाकात सियासी नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से किसान हितों की मांग को लेकर की गई थी. पार्टी की तरफ से ये बताया गया कि गन्ना की कीमतों में बढ़ोतरी और बाढ़ से जूझ रहे किसानों को राहत देने की मांग को लेकर ये मुलाकात हुई. आज तक से जुड़े कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि RLD प्रवक्ता अनिल दुबे ने यह साफ किया है -
जयंत चौधरी मजबूती से INDIA गठबंधन में बने हुए हैं. वो INDIA गठबंधन को छोड़कर कहीं नहीं जा रहे. मुंबई की अगली मीटिंग में भी जयंत चौधरी शामिल होंगे. अलग होने की तमाम बातें सिर्फ कयासबाजी हैं और कुछ नहीं.
खैर, इस चर्चा की शुरुआत हुई तब जब जयंत चौधरी दिल्ली सर्विस बिल पर वोटिंग के वक्त गैर मौजूद रहे. ऐसे सवाल उठे थे कि क्या जयंत ने बीजेपी से गठबंधन के दरवाजे खुले रखे हैं? क्या वो अगले लोकसभा चुनाव में NDA गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं? जयंत चौधरी की वोटिंग के वक्त गैर मौजूदगी के बाद यूपी सरकार के मंत्री जे.पी.एस राठौड़ ने तो यहां तक कह दिया कि अब वो सूट सिलवा लें. यानी केंद्र में मंत्री बनने के लिए तैयार रहें. तो वहीं ओमप्रकाश राजभर ने कहा था -
मैं तो पहले से कह रहा हूं कि जयंत आएंगे. राजभर ने आगे कहा कि जब मैं कह रहा था कि दारा सिंह चौहान आएंगे तो कोई नहीं मान रहा था. लेकिन वह आए अब आगे देखिए.
ये सब चल ही रहा था कि RLD विधायकों की मुख्यमंत्री योगी के साथ हुई मुलाकात ने इन कयासों को और हवा दे दी. कि क्या सचमुच RLD और बीजेपी के बीच कोई खिचड़ी पक रही है? बहरहाल इस मुलाकात में कोई सियासी बात तो नहीं हुई है, लेकिन इस मुलाकात की टाइमिंग काफी हद तक संदेह पैदा करती है. देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यूपी की सियासत क्या करवट लेती है.
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