उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का फैसला गलत, बहुमत साबित करे कांग्रेस: HC
हाईकोर्ट ने 9 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द की. फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी केंद्र सरकार.
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फोटो - thelallantop
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बहुत बड़का फैसला सुनाया है. वहां लागू राष्ट्रपति शासन को हटा दिया है. और 9 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी. बुधवार को कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति से भी गलती हो सकती है. जज से भी. और आज ये फैसला आ गया. कॉन्ग्रेस को निर्देश दिया है कि 29 अप्रैल को असेंबली में बहुमत सिद्ध करे. कोर्ट ने बागी विधायकों को हड़काया कि उन्होंने संवैधानिक पाप किया है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि वो केस लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
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क्या, कब और कैसे?
27 मार्च को देर रात हुई मीटिंग के बाद प्रेसिडेंट रूल लगाया गया. मुख्यमंत्री हराश रावत के विधायकों के बागी होने के बाद. इस मीटिंग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने मीटिंग के बाद प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी को हालात के बारे में बताया, और गवर्नर की रिपोर्ट सौंपी. अरुण जेटली ने इससे पहले उत्तराखंड के राजनीतिक संकट को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया. उत्तराखंड विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस के बागी 9 विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था.
बागियों के नाम प्लीज?
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
डॉ. हरक सिंह रावत
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन
अमृता रावत
सुबोध उनियाल
उमेश शर्मा
शैला रावत
प्रदीप बत्रा
शैलेंद्र मोहन सिंघल

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