उत्तराखंड में RSS के कार्यक्रमों में अब शामिल होंगे सरकारी कर्मचारी, सरकार ने हटा दिया बैन
Uttarakhand RSS News: 1966, 1970 और 1980 में सरकारी कर्मचारियों के RSS की शाखा और उनके कार्यक्रमों में भाग लेने पर रोक लाग दी गई थी.

उत्तराखंड (Uttarakhand) की भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर बड़ा फैसला लिया है. RSS की सुबह और शाम की 'शाखा' में अब राज्य सरकार के कर्मचारी भाग ले सकेंगे. साथ ही वो RSS के सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं. राज्य के अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि राज्य कर्मचारी अगर RSS के कार्यक्रम में भाग लेते हैं तो इसे ‘राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002’ का उल्लंघन नहीं माना जाएगा.
आदेश में आगे लिखा है,
अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि इस संबंध पहले के सभी आदेश रद्द कर दिए गए हैं.
RSS पर बैन कब लगा?1966, 1970 और 1980 में तत्कालीन केंद्र सरकारों ने इस संबंध में आदेश जारी किए थे. इसके अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के RSS की शाखा और उनके कार्यक्रमों में भाग लेने पर रोक लाग दी गई थी. जुलाई 2024 में केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी किया था. और केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लगी इस रोक को हटा लिया था.
RSS ने केंद्र की मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था. हालांकि, इस फैसले का विरोध भी हुआ था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि 1947 में भारत ने जब अपना राष्ट्रीय ध्वज अपनाया था, तब RSS ने तिरंगे का विरोध किया था. उन्होंने आगे कहा था,
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खड़गे के साथ-साथ कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने भी केंद्र के इस फैसले पर सवाल उठाया था.
वीडियो: Caste Census को लेकर RSS ने शर्त लगाते हुए क्या कहा?

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