उत्तराखंड में कांग्रेसी विधायक बाग़ी हो गए हैं. बीजेपी के सपोर्ट का ऐलान किया है.हरीश रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं, ये लाइन लिखे जाने तक तो थे ही. उनके लिए'का बरसा, जब कृषि सुखानी' भी नहीं कह सकते हैं. क्योंकि पानी ही तो फिर गया हैउनके चार साल के किए कराए पर. फेरा भी तो कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने. मंत्रिमंडलसे इस्तीफा भी दे दिया.हरक सिंह रावतइसके पहले विधानसभा में जब स्पीकर ने वित्त विधेयक पर मतविभाजन के पहले बजट पास करादिया था. तो हरक सिंह रावत का हल्क मोड एक्टिवेट हो गया और वो एजुकेशन एंड पानीवाले मंत्री, मंत्री प्रसाद नेथानी से हाथापाई पर उतर आए.आपत्ति इस बात से तो नहीं थी कि शिक्षा मंत्री के नाम में दो बार मंत्री क्यों आताहै?उधर बीजेपी वाले राज्यपाल के.के. पॉल से मिले और कहा ये सरकार अल्पमत में आ चुकीहै. इसे बर्खास्त कर दीजिए.अब हालत ये है कि 70 सीटें हैं राज्य में. और 36 मुंडी थी कांग्रेस के पास. बीजेपीके पास 28. कांग्रेस के 36 में 9 चले गए. 25 बचे. पिछली लाइन को फिर से पढ़िए. 36में 9 जाता है तो 27 बचते हैं. हिंदी में कुछ भी लिख दिया जाए उसे सच मत मान लियाकीजिए. टेक्निकली 67 जने विधानसभा में थे. उसमें से 35 बीजेपी के साथ. बीजेपी वालेकिलक उठे. सदन में हाथ हिला-हिलाकर अपनी खुशी दिखाई कि लो जी हमारे पास 35 जने होगए.https://twitter.com/ANI_news/status/710860028807221249रात को कांग्रेस के दस विधायक और बीएसपी के एक विधायक को गवर्नर के सामने ले जाकरदिखाया गया कि इत्ते जने हमारे पास हैं. बीजेपी की तरफ से भी 26 विधायक थे. भीमलालआर्य नहीं आए क्योंकि वो अपनी पार्टी से असंतुष्ट हैं. गणेश जोशी नहीं थे क्योंकिवो गिरफ्तार हो रखे हैं.बीजेपी की सरकार के लिए समर्थन एकत्रित करते विधायक गणेश जोशी (Photo- ANI )