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यूपी: कानपुर पुलिस ने चोरी के आरोप में युवक को पकड़ा था, बाहर आते ही मौत हो गई

यूपी पुलिस पर हत्या का एक और आरोप लगा.

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16 नवंबर 2021 (अपडेटेड: 16 नवंबर 2021, 05:18 PM IST)
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मृतक कल्लू का फाइल फोटो (तस्वीर: आजतक)
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यूपी पुलिस. इलाके और पीड़ितों के नाम बदल जाते हैं, लेकिन यूपी पुलिस के बर्बर कारनामे नहीं बदलते. अल्ताफ नाम के युवक की आगरा पुलिस की हिरासत में मौत होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब एक और युवक की हत्या का आरोप यूपी पुलिस पर लग गया है. इस बार सवालों के घेरे में है कानपुर पुलिस. वही कानपुर जहां के व्यापारी मनीष गुप्ता को यूपी की गोरखपुर पुलिस ने कथित रूप से पीट-पीट कर मार डाला था. आजतक की खबर के मुताबिक कानपुर पुलिस एक युवक को चोरी के केस में पकड़कर ले गई थी. बाद में युवक पुलिस थाने से बाहर आया. लेकिन फिर उसकी तबीयत इतनी बिगड़ी कि मौत हो गई. पीड़ित के घरवालों का आरोप है कि पुलिस ने थाने ले जाकर उसकी इतनी पिटाई की कि उसकी जान ही चली गई. पीड़ित की बहन का वीडियो वायरल आजतक से जुड़े रंजय सिंह के मुताबिक ये घटना कानपुर जिले के कल्याणपुर इलाके की है. पीड़ित युवक कल्लू यहां के चालीस मडैया नाम के एरिया में रहता था. बीती 14 नवंबर को कानपुर पुलिस चोरी के एक मामसे में पूछताछ करने के लिए कल्लू को थाने ले गई. अगले दिन उसे छोड़ दिया गया. लेकिन बाहर आते ही कल्लू की हालत बिगड़ गई. कल्लू की बहन मानसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें वो पुलिस पर आरोप लगा रही हैं कि उसने कल्लू को थाने ले जाकर बेरहमी से मारा था. मानसी कहती हैं,
"हमको फोन करके बुलाया था कि अपने भाई को ले जाओ. हम वहां पर गए. हमसे साइन करवाया. मेरा मोबाइल नंबर लिया. वो लेटा हुआ था. उसे लात मारकर उठा दिया. वो चल भी नहीं पा रहा था. वो कह रहा था कि पेट में बहुत तेज से दर्द हो रहा है. पुलिस वालों ने बहुत मारा है."
मानसी ने बताया कि पुलिस की पिटाई के कारण कल्लू की तबीयत बिगड़ गई. अगले दिन उसे अस्पताल ले गए लेकिन कल्लू ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. मानसी का दावा है कि उन्हें और परिवार के दूसरे लोगों को कल्लू के पूरे शरीर पर पिटाई के निशान मिले थे. उसकी मौत के बाद मंगलवार 16 नवंबर की सुबह से ही कल्लू के परिजनों ने उसकी मौत पर हंगामा शुरू कर दिया. उनका कहना है कि उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है. पीड़ित के सबसे छोटे भाई कृष्णा ने कानपुर पुलिस पर परिवार को परेशान करने का भी आरोप लगाया. कृष्णा का कहना है,
"कल्याणपुर पुलिस काफी दिनों से हम लोगों को टॉर्चर कर रही थी. पहले बड़े भाई को ले गई. उसको छोड़ा तो कल्लू को ले गई जहां उसको पीटकर मार डाला."
वहीं मानसी का आरोप है कि कानपुर पुलिस मामले को रफादफा करने में लगी है. हालांकि इलाके के एडीसीपी ने सफाई देते हुए कहा है,
"परिजनों की तहरीर पर मुकदमा लिखा जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी. लेकिन अभी परिजन पुलिस का नाम नहीं ले रहे हैं. वे जो भी कहेंगे वैसी एफआईआर होगी."
इस बीच मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई. युवक की मौत की खबर सुनते ही समाजवादी पार्टी समेत कई दलों के नेता कल्लू के परिवार से मिलने पहुंचे. सपा का आरोप है कि पुलिस ने कल्लू की हत्या की है, सरकार दोषियों पर कार्रवाई करे और मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाए.

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