दलित युवक फरियाद लेकर थाने गया, पुलिसवाले ने बेल्ट से मार-मार कर भगाया
पिटाई के विरोध में युवक को कपड़े उतारने पड़े. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर कहा- 'अच्छा हुआ दारोगा जी के पास थार या बुलडोज़र नहीं है, नहीं तो...'

उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिस से फरियाद लेकर आए एक युवक की पिटाई कर दी. घटना पुलिस स्टेशन के ठीक बाहर हुई. एक पुलिसकर्मी युवक को बेल्ट से मारता दिख रहा है. पीड़ित युवक को दलित बताया जा रहा है. घटना का वीडियो वायरल है जिसे यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी शेयर किया है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि युवक की पिटाई करने वाला पुलिसकर्मी थाने का दरोगा है. उन्होंने वीडियो ट्वीट कर लिखा,
सपा प्रमुख ने ट्वीट में लिखा है कि युवक को बेल्ट से मारने वाला पुलिसकर्मी दरोगा है.
आजतक से जुड़े अंकुर चतुर्वेदी की रिपोर्ट के मुताबिक घटना बदायूं के वजीरगंज इलाके के बगरैन पुलिस स्टेशन की है. वीडियो में जिस युवक की पीटा जा रहा है उसका नाम पिंटू जाटव बताया गया है. सिसैया गांव के रहने वाले पिंटू का किसी बात को लेकर अपने भाई से विवाद हो गया था. इसकी शिकायत लेकर वो बगरैन पुलिस स्टेशन पहुंचा था.
रिपोर्ट के मुताबिक उसने शिकायत पत्र दरोगा सुशील कुमार विश्नोई को देना चाहा, लेकिन दरोगा का दिमाग कथित तौर पर किसी और बात पर पहले से ही गर्म था. उन्होंने बिना कुछ सोचे समझे पिंटू पर बेल्ट से हमला कर दिया. इस दौरान सुशील कुमार ने वर्दी तक नहीं पहनी थी. वीडियो में उन्हें निक्कर और बनियान में देखा जा सकता है.
पिंटू को पीटते-पीटते दरोगा स्टेशन से बाहर लेकर आ गए. बाहर पिंटू ने विरोध में आकर अपनी पेंट खोल कर कहा,
थाने की पुलिस पर ये भी आरोप लगा है कि उसके एक दरोगा ने युवक की पिटाई का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो वायरल होने का बाद घटना पर बदायूं पुलिस ने कहा,
आजतक से बातचीत के दौरान SP बदायूं ने बताया कि युवक की पिटाई और उसका वीडियो बनाने वाले दरोगा और हेड कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया गया है. दोनों पर विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है.
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