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हाथरस स्कूल हत्याकांड: जो बच्चा 'बलि' से बच गया था, उसने सब बता दिया है

स्कूल में एक और बच्चे को मारने की कोशिश की गई थी. लेकिन बच्चा वहां से भाग गया. अब पीड़ित बच्चे का बयान सामने आया है. बच्चे ने बताया कि उसका गला घोटा गया. नाक दबाई गई.

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27 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 27 सितंबर 2024, 08:46 PM IST)
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पुलिस ने हत्या के आरोप में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. (फ़ोटो/आजतक)
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उत्तर प्रदेश के हाथरस में अंधविश्वास के चलते एक प्राइवेट स्कूल के 11 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को लगता था कि बच्चे की ‘बलि’ देने से स्कूल की समृद्धि होगी. अब मामले से जुड़े एक और पीड़ित बच्चे का बयान सामने आया है. बताया गया है कि कुछ दिन पहले इसी स्कूल में ऐसी एक और घटना हुई थी. इसमें आठ साल के बच्चे को मारने की कोशिश की गई थी. लेकिन बच्चा किसी तरह बच निकला था. अब उसने बताया है कि उसका गला घोटा गया था, नाक दबाई गई थी. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना 6 सितंबर को हुई थी. लड़के के परिवार के पास स्कूल से फोन आया था. कथित तौर पर कहा गया कि बच्चे के पेट में दर्द हो रहा है. आजतक के संवाददाता हिमाशु मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के फोन के बाद पीड़ित बच्चे के दादा सुरेंद्र और यूपी पुलिस से सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर वहां पहुंचे. दादा सुरेंद्र ने बताया,

"मैंने उसकी गर्दन पर निशान देखे और उसकी आंखें लाल थीं."

पीड़ित बच्चे ने खुलासा किया कि स्कूल के मैनेजर के पिता भगत ने उसकी नाक और गला दबाकर उसका दम घोटने की कोशिश की थी. रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे ने बताया,

"जब वो मेरा गला घोट रहे थे तब वहां अफरा-तफरी मच गई. शोर होने लगा. शोर ने वहां के लोगों का ध्यान खींचा. लोग भागकर अंदर आए. और मैं किसी तरह भागने में कामयाब हो गया."

इस घटना के कुछ दिन बाद ही यह खबर सामने आई कि इसी स्कूल में कक्षा 2 के एक अन्य छात्र की हत्या कर दी गई.

यह भी पढ़ें: यूपी: स्कूल की तरक्की के लिए 11 साल के छात्र की बलि दे दी, स्कूल के हॉस्टल में ही रहता था

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक बच्चा DL पब्लिक स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ता था. बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. सर्किल ऑफिसर हिमांशु माथुर ने बताया कि 23 सितंबर को बच्चे के पिता कृष्ण कुशवाहा को स्कूल से फोन आया कि उनका बेटा बीमार है. जब पिता स्कूल पहुंचे तो बताया गया कि स्कूल डायरेक्टर बच्चे को अपनी गाड़ी से अस्पताल लेकर गए हैं. पिता का आरोप है कि उन्हें डायरेक्टर दिनेश बघेल की गाड़ी से अपने बेटे का शव मिला. इसके बाद उन्होंने पुलिस में बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया.

सहपऊ थाना पुलिस ने दिनेश बघेल समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. सभी को अरेस्ट कर लिया गया है. उनसे पूछताछ में मामले से जुड़ी नई जानकरी भी सामने आई है. हाथरस के एसपी निपुण अग्रवाल ने इंडिया टुडे को बताया कि अंधविश्वास में बच्चे की गला घोटकर हत्या कर दी गई, क्योंकि आरोपियों को लगता था कि इससे स्कूल में समृद्धि आएगी और भविष्य सुरक्षित होगा.

पुलिस के मुताबिक, बच्चे की हत्या 22 सितंबर को स्कूल के उसके कमरे में की गई. पुलिस ने ये भी बताया कि आरोपियों ने पहले 6 सितंबर को एक अन्य छात्र के मर्डर का प्लान बनाया था जो कि फेल हो गया. उस दिन बच्चे ने शोर मचा दिया. आरोपियों ने कथित तौर पर बच्चे का गला दबाने की कोशिश की थी लेकिन वो बच गया. मेडिकल जांच में भी पता चला था कि छात्र का गला दबाने की कोशिश हुई है.

इसके बाद प्लान में बदलाव किया गया. हाथरस पुलिस सूत्रों के मुताबिक 22 सितंबर को बच्चे की हत्या स्कूल के बाहर ट्यूबवेल के पास की जानी थी, लेकिन जब आरोपी बच्चे को कमरे से लेकर निकले तो वो जाग गया और शोर मचाने लगा इसलिए जल्दबाजी में आरोपियों ने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी.

पुलिस को जांच के दौरान स्कूल के पीछे ट्यूबवेल से पूजा पाठ का सामान मिला है जिससे पुष्टि हुई कि वहां तंत्र-मंत्र की प्रैक्टिस होती थी. पुलिस के मुताबिक, स्कूल के लिए कर्जा लिया गया था और आरोपियों को लगता था बलि से स्कूल फलेगा-फूलेगा. स्कूल मालिक के पिता कथित तौर पर गुप्त विद्याओं में शामिल थे और उन पर 'मानव बलि' की योजना बनाने का शक है.

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