अतीक की मदद? यूपी के 3 जेल अधीक्षकों के 'कांड' खुले तो सरकार ने लिया बड़ा फैसला!
एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई के बाद उमेश पाल हत्याकांड में योगी सरकार का एक और बड़ा ऐक्शन.

उत्तर प्रदेश के कारागार महानिदेशक सत्य नारायण साबत ने राज्य की तीन जेलों के अधीक्षकों को निलंबित कर दिया है. उनकी ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक प्रयागराज की नैनी जेल के वरिष्ठ अधीक्षक शशिकांत, बरेली जेल के अधीक्षक राजीव शुक्ला और बांदा जेल के अधीक्षक अविनाश गौतम को सस्पेंड किया गया है. इनमें बरेली जेल के अधीक्षक राजीव शुक्ला के खिलाफ हुई कार्रवाई की काफी चर्चा है. उन पर उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अशरफ अहमद को ‘वीआईपी सुविधा’ देने का आरोप लगा है.
उमेश पाल हत्याकांड में नप गए तीन जेल अधीक्षकअशरफ अहमद यूपी के माफिया अतीक अहमद का भाई है. उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है. अशरफ अहमद इस मामले में बरी हो गया था. लेकिन उमेश पाल की हत्या के मामले में भी उसे आरोपी बनाया गया है. पूर्व विधायक अशरफ अहमद बरेली जेल में बंद है. राजीव शुक्ला इस जेल के अधीक्षक हैं. उमेश पाल हत्याकांड के बाद उन पर अतीक अहमद के लोगों को अशरफ से मिलने देने और उसे विशेष सुविधाएं मुहैया कराने का आरोप लगा था. इसलिए राजीव शुक्ला का निलंबन भी चर्चा में है.
आजतक से जुड़े कृष्ण गोपाल राज ने बताया कि यूपी के डीआईजी (जेल) आरएन पांडेय की रिपोर्ट के बाद राजीव शुक्ला और बाकी दोनों जेल अधीक्षकों को निलंबित किया गया है. इससे पहले यूपी के कई जेलकर्मियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर चुकी है. इनमें बरेली जेल के डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह, सिपाही मनोज कुमार गौड़ और शिव हरि अवस्थी समेत पांच जेलकर्मी शामिल हैं.
मनोज कुमार का तीन महीने पहले ही बरेली जेल से पीलीभीत जेल में ट्रांसफर हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक मनोज कुमार और शिव हरि पर आरोप है कि ये दोनों एक ही आधार कार्ड पर फर्जी तरीके से लोगों की जेल में बंद अशरफ से मुलाकात कराते थे. बरेली पुलिस ने कुछ दिनों पहले मनोज कुमार और शिव हरि को गिरफ्तार किया था. दोनों जेल में हैं.
आजतक ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों ने अतीक अहमद से मिलने के बाद बरेली जेल में बंद पूर्व विधायक अशरफ अहमद से मुलाकात की थी. इसी जेल में अतीक का बड़ा बेटा मोहम्मद उमर भी बंद है. वहीं अतीक का एक और बेटा अली नैनी जेल में है. बांदा जेल में अतीक के किसी करीबी या उमेश पाल हत्याकांड के किसी आरोपी के होने की जानकारी नहीं है. लेकिन कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी इसी जेल में है. नवभारत टाइम्स के मुताबिक बांदा जेल के अधीक्षक को भी कैदियों को मदद पहुंचाने के आरोप में सस्पेंड किया गया है.
उमेश पाल की हत्या के बाद यूपी पुलिस शफीरुद्दीन नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर और बरेली जेल में सब्जी सप्लाई करने वाले दयाराम उर्फ नन्हे फुरकान को भी गिरफ्तार कर चुकी है. अशरफ अहमद के साले सद्दाम के एक दोस्त लल्ला गद्दी ने पहले ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था. इन सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस की कई टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं. जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.
24 फरवरी को हुई उमेश पाल की हत्याउमेश पाल के अपहरण के मामले में प्रयागराज के MP-MLA कोर्ट ने पूर्व विधायक अशरफ अहमद को बरी कर दिया था. इसी केस की एक सुनवाई के लिए बीती 24 फरवरी को उमेश पाल कोर्ट गए थे. कोर्ट की कार्यवाही खत्म होने के बाद वो घर वापस आ रहे थे. वहां पहुंचते ही बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. ये हत्याकांड उमेश पाल के घर के ठीक सामने हुआ. वारदात में उमेश की सुरक्षा में शामिल 2 पुलिस वालों की भी मौत हो गई. अतीक अहमद और उसके बेटे असद, पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई अशरफ, शूटर मोहम्मद गुलाम, अरमान, साबिर और गुड्डू मुस्लिम पर इस हत्या और इसकी साजिश में शामिल होने का आरोप है.
वीडियो: अतीक अहमद की खौफ की पूरी कहानी, मारे गए विधायक राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने लल्लनटॉप को बताई

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