ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों को मिडिल ईस्ट से बाहर निकाला, कहा- 'खतरनाक जगह हो गई है'
अमेरिका Iraq की राजधानी बगदाद में अपने दूतावास को आंशिक रूप से खाली कर रहा है. Trump सरकार ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने किस प्रकार के सुरक्षा जोखिमों के हवाले से ये फैसला लिया है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि कुछ अमेरिकी सैनिकों को मिडिल ईस्ट से बाहर निकाला जा रहा है. क्योंकि ट्रंप का मानना है कि मिडिल ईस्ट एक ‘खतरनाक’ जगह हो गई है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अमेरिका, ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकता.
इस बीच CBS न्यूज ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि इजरायल अब ईरान पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
रिपोर्ट ये भी है कि इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिका अपने दूतावास को आंशिक रूप से खाली कर रहा है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने दूतावास के सभी गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सुरक्षा कारणों से मिडिल ईस्ट छोड़ने को कहा है.
फिलहाल अमेरिकी सरकार ने ये स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने किस प्रकार के सुरक्षा जोखिमों का हवाला दिया. वॉइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने 11 जून को कहा,
ट्रंप ने क्या कहा?डॉनल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा,
ट्रंप से ये भी पूछा गया कि मिडिल ईस्ट में खतरा कम करने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है. इस पर उन्होंने कहा,
अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को अपडटे किया है. इसमें कहा गया है,
ये खबर ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले 18 महीनों के इजरायल गाजा युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट तबाह है. इस दौरान अमेरिका और ईरान के साथ परमाणु समझौता भी नहीं हो पाया है.
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ट्रंप ने इससे पहले कई बार धमकी दी है कि अगर परमाणु समझौते पर उनकी बात नहीं बनती है तो वो ईरान पर हमला करेंगे. ईरानी रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह ने कहा कि अगर ईरान पर हमला होता है, तो वो जवाबी कार्रवाई करेगा और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को नष्ट कर देगा.
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