The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • US Supreme Court rejects Trump's global tariffs

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डॉनल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डॉनल्ड ट्रंप के तमाम ग्लोबल ट्रैरिफ को 'अवैध' करार दिया है.

Advertisement
US Supreme Court Trump
ट्रंप कई देशों पर टैरिफ लगा चुके हैं. (फोटो-Reuters)
pic
रितिका
20 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 20 फ़रवरी 2026, 09:50 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को जबरदस्त झटका लगा है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डॉनल्ड ट्रंप के तमाम ग्लोबल ट्रैरिफ को 'अवैध' करार दिया है. इनमें रेसिप्रोकल टैरिफ भी शामिल है. 9 जजों की बेंच ने 6-3 के बहुमत से ये फैसला सुनाया है.

दुनियाभर के देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाना डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का प्रमुख आर्थिक एजेंडा रहा है. इसके तहत उन्होंने कई देशों पर अलग-अलग रेसिप्रोकल टैरिफ थोपे हैं. इन देशों में भारत भी शामिल है.

ट्रंप की इस नीति को उन्हीं के देश की कंपनियों और कम से कम 12 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप की टैरिफ नीति की वजह से इन कंपनियों के बिजनेस पर काफी बुरा असर पड़ रहा है. इनका आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी आपातकाल शक्तियों का जिस तरह गलत इस्तेमाल कर टैरिफ थोपे हैं, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया है.

हालांकि, टैरिफ पर लिया गया फैसला ट्रंप को दूसरे कानूनों के तहत ड्यूटी लगाने से नहीं रोकता है. बेशक, उन कानूनों में कार्रवाई की रफ्तार और सख्ती पर कुछ लिमिटेशन हैं. टॉप एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारियों का मानना है कि दूसरे अथॉरिटीज के तहत टैरिफ फ्रेमवर्क जारी रह सकता है. अमेरिका संविधान कांग्रेस को टैरिफ लगाने की पावर देता है.

1977 का एक कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को इमरजेंसी के दौरान इंपोर्ट को रेगुलेट करने की इजाजत देता है. इसी का हवाला देते हुए ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने तर्क दिया कि ये कानून उन्हें टैरिफ तय करने का भी अधिकार देता है. उनका कहना है कि दूसरे प्रेजिडेंट्स ने भी इस कानून का इस्तेमाल दर्जनों बार किया. अक्सर बैन लगाने के लिए. मगर ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने इसे इंपोर्ट टैक्स के लिए यूज किया.

ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ का हथियार चलाया था. भारत पर भी 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था. फरवरी की शुरुआत में US ने कहा कि भारत पर टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो जाएगा. टैरिफ घटाने के पीछे ट्रंप ने दावा किया कि पीएम मोदी ने इस बात पर सहमति जताई है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदेगा. हालांकि, भारत ने इस दावे पर ना ही तो मना किया और ना ही हां किया. 

वीडियो: AI इम्पैक्ट समिट में Google CEO Sundar Pichai ने जो कॉफी पी उसकी पूरी कहानी

Advertisement

Advertisement

()