खाड़ी की तरफ बढ़ रहा USS Tripoli, क्या मकसद होर्मुज है?
USS Tripoli कोई आम अमेरिकी युद्धपोत नहीं है. यह एक मॉर्डन एम्फीबियस (पानी और जमीन दोनों पर चलने वाला) असॉल्ट शिप है. इस जहाज को जंग में तेजी के साथ सटीक हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है.

वेस्ट एशिया में जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे है. ईरान, इजरायल और अमेरिका ने इस जंग में खुद को पूरी तरह से झोंक दिया है. अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका इस जंग में एक कदम और आगे बढ़ने वाला है. अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन के बाद USS Tripoli भी जंग में हिस्सा लेने वाला है. बताया जा रहा है कि अमेरिका का यह जंगी जहाज तेजी से खाड़ी की ओर बढ़ रहा है.
जंग के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. इसकी वजह से दुनिया के कई देश तेल और गैस के संकट से जूझ रहे हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर अमेरिकी युद्धपोत USS Tripoli को लेकर काफी बज चल रहा है.
द संडे गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, USS Tripoli कोई आम अमेरिकी युद्धपोत नहीं है. यह एक मॉर्डन एम्फीबियस (पानी और जमीन दोनों पर चलने वाला) असॉल्ट शिप है. इस जहाज को जंग में तेजी के साथ सटीक हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी लंबाई 884 फीट है. इस पर साथ कई मॉर्डन फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर्स और सैनिकों को ले जाया जा सकता है. समुद्री जंग के दौरान USS Tripoli एक तैरने वाले आर्मी बेस की तरह काम कर सकता है.
मौजूदा समय में इस जहाज में F-35 फाइटर जेट, MV-22 Osprey टिल्ट-रोटर एयरक्राफ्ट्स और MH-60S Seahawk हेलीकॉप्टर मौजूद है. USS Tripoli अपने साथ लैंडिंग क्राफ्ट को लेकर चलता है. यानी जंग या किसी और इमरजेंसी स्थिति में सैनिकों को समुद्री इलाकों से जमीन पर तेजी से पहुंचाया जा सकता है.

द संडे गार्डियन की रिपोर्ट्स की मानें, तो यह जंगी बेड़ा इस समय 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के सैनिकों को ले जा रहा है. इस यूनिट में करीब 2200 लोगों की एक रैपिड-रिस्पॉन्स फोर्स है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान जंग में किसी और युद्धपोत के शामिल होने के सवालों को साफ जवाब नहीं दिया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि ये अमेरिका की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, इसलिए राष्ट्रपति जानबूझकर साफ जवाब नहीं दे रहे.
चर्चा है कि अगर USS Tripoli ईरान जंग में शामिल होता है तो हो सकता है इसे बंद पड़े स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने में लगाया जाए. क्योंकि ईरान के होर्मुज को बंद करने की वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की कमी को देखा जा रहा है.
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इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि IRGC ने अमेरिका के जंगी जहाज अब्राहम लिंकन को काफी नुकसान पहुंचाया था. जिसकी वजह से इस जंगी जहाज को पीछे हटना पड़ा था. लेकिन अमेरिका की ओर से इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई.
वीडियो: ईरान जंग के बीच सीरिया पर बम क्यों बरस रहा?

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