इंडिया के खिलाफ F16 फाइटर जेट यूज करके फंस गया पाकिस्तान, अमेरिका अब जवाब मांग रहा है
इंडिया ने सबूत थमा दिए हैं.
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F16 फाइटर जेट पाकिस्तान को अमेरिका ने आतंकवाद पर काबू पाने की शर्त के साथ दिए थे.
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पाकिस्तान इस वक्त बुरी तरह फंस चुका है. 14 फरवरी को 44 सीआरपीएफ जवानों की जान लेने के बाद इंडिया की तरफ से 26 फरवरी को हुई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ये बताने में लगा है कि उसकी जद में किसी भी तरह का कोई आतंकी कैंप नहीं है. अब जब पाकिस्तान ने इंडियन एयर फोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन को रिलीज करने में देरी की तो भी कई सवाल पाकिस्तान आर्मी के काम करने के तरीकों पर उठाए जा रहे हैं. कई तरह की वीडियो रिकॉर्ड करके अभिनंदन के बयान वायरल किए जा रहे हैं.
मगर इन सबके बीच पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका अब अमेरिका की तरफ से लगता दिख रहा है. जब इंडिया ने कहा था कि पाकिस्तान के F16 फाइटर जेट को इंडिया ने मार गिराया था. तो पाकिस्तान ने इस बात का खंडन किया था कि पाकिस्तान ने F16 यूज ही नहीं किया. मगर इंडिया ने इसके पुख्ता सबूत पाकिस्तान को दिए हैं. अमेरिका ने अब पाकिस्तान से पूछा है कि क्या उसने F16 का इस्तेमाल किया है, अगर ऐसा हुआ तो ये इन दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट का हनन होगा.

ये है वो सबूत तो इंडिया ने दिया है.
इंडियन एयर फोर्स ने 28 फरवरी को एमरैम नाम की मिसाइल के कुछ टुकड़े दिखाए थे जो ये साबित करता है कि पाकिस्तान ने F16 फायटर जेट का इस्तेमाल किया है. वहीं पाकिस्तान ने इस बात को ही नहीं कबूला था कि उनका कोई विमान इंडियन MiG 21 ने गिराया है. अब इंडियन न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अमेरिका के रक्षा विभाग के स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉकनर ने कहा है कि इस एग्रीमेंट के सेल्स कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक सभी सूचनाएं गोपनीय हैं और ये मीडिया से शेयर नहीं की जा सकती हैं. मगर इतना जरूर है कि पाकिस्तान से F16 के इस्तेमाल को लेकर जानकारी देने को कहा गया है.
यूएस इस वक्त अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा बिक्रेता है और इनके दुरुपयोग को लेकर काफी सख्त शर्तें लागू करता है. पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पैंटागन की डिफेंस सिक्युरिटी एंड कोर्पोरेशन एजेंसी के मुताबिक F16 लड़ाकू विमान इसलिए पाकिस्तान को दिए गए हैं ताकि वो अपने आंतरिक हमलों और आतंकवादी घटनाओं से निपट सके. वहीं कई सार्वजनिक दस्तावेजों में भी ये बात साफ हो चुकी है कि अमेरिका ने पाकिस्तान पर F16 के इस्तेमाल को लेकर दर्जन भर से ज्यादा बंदिशें लगाई हुई हैं.
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मगर इन सबके बीच पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका अब अमेरिका की तरफ से लगता दिख रहा है. जब इंडिया ने कहा था कि पाकिस्तान के F16 फाइटर जेट को इंडिया ने मार गिराया था. तो पाकिस्तान ने इस बात का खंडन किया था कि पाकिस्तान ने F16 यूज ही नहीं किया. मगर इंडिया ने इसके पुख्ता सबूत पाकिस्तान को दिए हैं. अमेरिका ने अब पाकिस्तान से पूछा है कि क्या उसने F16 का इस्तेमाल किया है, अगर ऐसा हुआ तो ये इन दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट का हनन होगा.

ये है वो सबूत तो इंडिया ने दिया है.
इंडियन एयर फोर्स ने 28 फरवरी को एमरैम नाम की मिसाइल के कुछ टुकड़े दिखाए थे जो ये साबित करता है कि पाकिस्तान ने F16 फायटर जेट का इस्तेमाल किया है. वहीं पाकिस्तान ने इस बात को ही नहीं कबूला था कि उनका कोई विमान इंडियन MiG 21 ने गिराया है. अब इंडियन न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अमेरिका के रक्षा विभाग के स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉकनर ने कहा है कि इस एग्रीमेंट के सेल्स कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक सभी सूचनाएं गोपनीय हैं और ये मीडिया से शेयर नहीं की जा सकती हैं. मगर इतना जरूर है कि पाकिस्तान से F16 के इस्तेमाल को लेकर जानकारी देने को कहा गया है.
File picture of cross section of F16 engine and wreckage of downed Pakistani F16 jet pic.twitter.com/Mq78QkLTz9
— ANI (@ANI) February 28, 2019
यूएस इस वक्त अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा बिक्रेता है और इनके दुरुपयोग को लेकर काफी सख्त शर्तें लागू करता है. पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पैंटागन की डिफेंस सिक्युरिटी एंड कोर्पोरेशन एजेंसी के मुताबिक F16 लड़ाकू विमान इसलिए पाकिस्तान को दिए गए हैं ताकि वो अपने आंतरिक हमलों और आतंकवादी घटनाओं से निपट सके. वहीं कई सार्वजनिक दस्तावेजों में भी ये बात साफ हो चुकी है कि अमेरिका ने पाकिस्तान पर F16 के इस्तेमाल को लेकर दर्जन भर से ज्यादा बंदिशें लगाई हुई हैं.
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