कोरोना: अमेरिका ने मदद की बात कही तो लोगों ने दोहरा चेहरा दिखाने का आरोप क्यों मढ़ दिया?
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटॉनी ब्लिंकेन के ट्वीट पर लोग भड़के.
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देश के अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की जबरदस्त किल्लत सामने आ रही है. कोविड-19 के मामले भी कम होने का नाम नहीं ले रहे. अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटॉनी ब्लिंकेन ने मदद की पेशकश की है. (फाइल फोटो- PTI, India Today)
भारत में कोविड-19 के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं. 25 अप्रैल की सुबह 8 बजे तक देश में कोरोना वायरस के 26 लाख 80 हजार से ज़्यादा एक्टिव केस थे. 1 लाख 92 हजार से ज़्यादा लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है. देश के अस्पतालों में बेड की, ऑक्सीजन की जबरदस्त किल्लत है. इस बीच अमेरिका ने भारत को मदद देने की बात कही है. वहां के विदेश मंत्री एंटॉनी ब्लिंकेन ने 25 तारीख़ को ट्वीट किया -
"भारत में कोविड-19 के भयावह हालातों को देखते हुए वहां के लोगों के लिए हम संवेदना महसूस कर सकते हैं. भारत सरकार में हमारे सहयोगियों के साथ हम लगातार संपर्क में हैं. हम जल्द से जल्द भारत के लोगों के लिए, वहां के हेल्थकेयर हीरोज़ के लिए मदद मुहैया कराएंगे."
हालांकि ब्लिंकेन के ऐसा लिखते ही लोगों ने अमेरिका पर दोहरा चेहरा दिखाने का आरोप लगाया. इसकी वजह है. वजह ये कि कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में जो रॉ मटेरियल इस्तेमाल होता है, वो अमेरिका से आ रहा है. लेकिन कुछ दिन पहले अमेरिका ने इसके निर्यात में कटौती कर दी थी. कारण बताया कि उनकी प्राथमिकता अपने देश के लोग हैं. जब उनके भर की वैक्सीन बन जाएगी, तभी रॉ मटेरियल दूसरे देशों में भेजा जाएगा. भारत ने ये पाबंदी हटाने की मांग भी की, जिसे अमेरिका ने नकार दिया. और अब वह भारत को मदद देने की बात कह रहा.Our hearts go out to the Indian people in the midst of the horrific COVID-19 outbreak. We are working closely with our partners in the Indian government, and we will rapidly deploy additional support to the people of India and India's health care heroes.
— Secretary Antony Blinken (@SecBlinken) April 25, 2021
This you? pic.twitter.com/eg37vVcTfN
— Alex Rubinstein (@RealAlexRubi) April 25, 2021
मीम के ज़रिये भी लोगों ने अमेरिका पर तंज कसा.After a week or two weeks of total silence and rejection. Wow
— Chen Weihua (陈卫华) (@chenweihua) April 25, 2021
लोगों ने अमेरिका को वो समय भी याद दिलाया, जब भारत ने उन्हें HCQ दवा दी थी और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इसके लिए भारत को शुक्रिया भी कहा था.US during raw. US during showing material export. Sympathy pic.twitter.com/FXGe8263mh
— Yaduvanshi Ashok (@yaduvanshi243) April 25, 2021
मदद के लिए तमाम देश आगे आए इस बीच और भी देश हैं, जिन्होंने भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है. सबसे बड़ी किल्लत ऑक्सीजन की है. ऐसे में UAE और सिंगापुर इसमें भारत की मदद कर रहे हैं और वहां से ऑक्सीजन सप्लाई करने की तैयारी में हैं. भारतीय वायुसेना इन दोनों देशों से ऑक्सीजन सिलेंडर्स ला रही है. इसके अलावा जर्मनी भी मदद के लिए आगे आया है. वहां से एयरलिफ्ट करके 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट भारत लाए जाएंगे. 23 अप्रैल को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि कोविड-19 के ख़िलाफ लड़ाई में फ्रांस, भारत के साथ है और किसी को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा. हम पूरी मदद और सपोर्ट के लिए तैयार हैं. इसके अलावा चीन, रूस और फ्रांस ने भी मदद की पेशकश की है. यही नहीं पाकिस्तान के एक संगठन Edhi Foundation ने भी भारतीय PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मदद की पेशकश की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी भारत की मदद का आश्वासन दिया है. भारत सरकार इन देशों से ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और अन्य दवाइयां लेने की बात कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई स्तरों पर ये बातचीत जारी है और जल्द ही इन देशों से सामान भारत पहुंचेगा.We supplied when your country cried for help, we kept our heart with us & in the right place. your heart is misplaced. pic.twitter.com/9kQRm4wLyQ
— anil kohli (@anilkohli54) April 25, 2021

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