बाइडन की ये चिट्ठी पढ़कर रूस बटन दबा देगा?
यूक्रेन के राष्ट्रपति बोले- 'अमेरिका का शुक्रगुजार हूं.'

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) सोमवार, 20 फरवरी को यूक्रेन पहुंच गए. बाइडेन के इस दौरे की घोषणा पहले नहीं हुई थी. जानकारी तब मिली, जब जो बाइडन यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पहुंच गए. बाइडन ऐसे मौके पर यूक्रेन पहुंचे हैं, जब रूस-यूक्रेन युद्ध को एक साल पूरे होने वाले हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने इस बारे में ट्वीट किया,
जैसा कि हम रूस के यूक्रेन पर क्रूर आक्रमण की वर्षगांठ के निकट हैं, मैं आज कीव में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मिलने और यूक्रेन के लोकतंत्र, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को जाहिर करने आया हूं.
आगे ट्वीट किया,
करीब एक साल पहले जब पुतिन ने आक्रमण शुरू किया, तो उन्हें लगा कि यूक्रेन कमजोर है और पश्चिम बंटा हुआ है. उन्होंने सोचा कि वह हमसे आगे निकल सकते हैं. लेकिन वह गलत थे.
पिछले एक साल में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अभूतपूर्व सैन्य, आर्थिक और मानवीय समर्थन के साथ यूक्रेन की रक्षा में मदद करने के लिए अटलांटिक से लेकर प्रशांत महासागर तक राष्ट्रों का एक गठबंधन बनाया है - और यह समर्थन बना रहेगा.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने जो बाइडेन से मुलाकात का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए ज़ेलेंस्की ने लिखा कि कीव में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का स्वागत किया. ज़ेलेंस्की ने कहा कि वे अमेरिका के शुक्रगुजार हैं, जो यूक्रेन के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन की जीत निश्चित करने के लिए वे अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
व्हाइट हाउस की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन की यात्रा पर एक बयान जारी किया गया है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में घोषणा की गई है कि अमेरिका की तरफ से यूक्रेन की नए सिरे से मदद की जाएगी.

चिट्ठी में बाइडन ने कहा है कि-
मैं ये घोषणा करता हूंं कि यूक्रेन को आधुनिक गोला-बारूद, आधुनिक हथियार, एयर सर्विलांस रडार मुहैया कराए जाएंगे ताकि वो रूस के हवाई हमले से बच सके.
इसमें ये भी बताया गया है कि जो बाइडन पोलैंड भी जाएंगे. वहां वे पोलैंड के राष्ट्रपति एंड्रेज डूडा से मिलेंगे. बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी, 2022 को युद्ध छिड़ गया था.
वीडियो: रूस-यूक्रेन युद्ध में कितने अरब खर्च हुए? अमेरिका समेत 28 देशों ने कितना पैसा दे दिया?

