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'केनेडी सेंटर से ट्रंप का नाम हटाओ', US कोर्ट ने दिया आदेश तो जज को 'वामपंथी' बता दिया

फेडरल जज Christopher Cooper के आदेश पर 'John F Kennedy Center For Performing Arts' से प्रेसिडेंट Donald Trump का नाम हटा दिया गया है. इस बात पर प्रेसिडेंट ट्रम्प काफी आहत हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी अदालतों ने जितनी नाइंसाफी उनके साथ की है , उतनी किसी प्रेसिडेंट के साथ नहीं हुई.

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30 मई 2026 (पब्लिश्ड: 09:13 PM IST)
us president donald trump reacts removing name from john f kennedy center for the performing arts
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की अदालतें उनके साथ नाइंसाफी करती हैं (PHOTO-Getty)
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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने ही देश के जजों से नाराज हैं. दरअसल एक फेडरल जज के आदेश पर 'जॉन एफ केनेडी सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स' से प्रेसिडेंट ट्रंप का नाम हटा दिया गया है. इस बात से ट्रंप काफी आहत हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी अदालतों ने जितनी नाइंसाफी उनके साथ की है, उतनी किसी प्रेसिडेंट के साथ नहीं हुई. ट्रंप ने इस मामले को लेकर ट्रुथ सोशल पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट की है. उन्होंने लिखा, 

हैरानी की बात है कि बराक हुसैन ओबामा के नियुक्त किए हुए एक जज क्रिस्टोफर कूपर ने फैसला सुनाया कि केनेडी सेंटर जो सालों की उपेक्षा जर्जर हालत और खराब रखरखाव के कारण जुलाई की शुरुआत में रेनोवेशन के लिए बंद होने वाला था. और जिसे ट्रंप प्रशासन द्वारा दुनिया में अपनी तरह की सबसे बेहतरीन सुविधा केंद्र में बदला जाना था, उसे अब रेनोवेशन के लिए बंद करने की अनुमति नहीं है. बिना बंद किए ठीक से काम करना संभव नहीं होता. 

ट्रंप के मुताबिक, जज कूपर ने ‘ट्रंप केनेडी सेंटर’ में से ट्रंप नाम हटाने को कहा है क्योंकि ऐसा करने के लिए ट्रंप के पास अधिकार नहीं था. जबकि 36 सदस्यों वाले बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने सर्वसम्मति से केनेडी सेंटर के नाम में TRUMP जोड़ने के लिए वोट किया था. इससे यह ‘ट्रंप केनेडी सेंटर’ बन गया था. 

केनेडी सेंटर करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ - ट्रंप

प्रेसिडेंट ट्रंप ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि जब वो केनेडी सेंटर में शामिल हुए, उससे पहले उसे करोड़ों डॉलर का नुकसान हो चुका था. प्रेसिडेंट ट्रंप के मुताबिक से कई बेतुके निर्माण कार्य करवाए गए जिससे हर साल 10 करोड़ डॉलर से भी अधिक का नुकसान हुआ. इसके बाद प्रेसिडेंट ट्रंप ने फैसला सुनाने वाले जज कूपर पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जज कूपर एक रेडिकल लेफ्ट यानी कट्टर वामपंथी हैं. वो केनेडी सेंटर को मरते हुए देखना ज्यादा पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा,

रेडिकल लेफ्ट डेमोक्रेट्स को एक मरते हुए परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर को बचाने की तुलना में आपके पसंदीदा राष्ट्रपति यानी मेरा विरोध करने में ज्यादा दिलचस्पी है. हम कांग्रेस के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि इस असफल संस्था को वापस उन्हीं के हवाले किया जा सके; जिससे वे यह तय कर सकें कि इसके साथ क्या किया जाना चाहिए. 

उन्होंने कहा कि जज कूपर को बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन के जाने-माने एक्सपर्ट्स ने एक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें बताया गया कि यह बिल्डिंग स्ट्रक्चर के लिहाज से कितनी खतरनाक है. इसकी बीम सड़ चुकी हैं, पार्किंग एरिया कभी भी ढह सकते हैं, और इसके अलावा भी इसमें जान और सुरक्षा से जुड़ी कई दूसरी समस्याएं हैं.

सिर्फ केनेडी सेंटर नहीं, ट्रंप के सामने कई चुनौतियां

बता दें कि प्रेसिडेंट ट्रंप को कई मामलों में कोर्ट में चुनौतियां मिली हैं. दूसरे देशों पर मनमाना टैरिफ लगाने से लेकर इमिग्रेशन/वीजा पॉलिसी में बदलाव के मामले अब भी अदालतों में हैं. कई अदालतों ने उनके एजेंडे के कुछ हिस्सों पर रोक लगा दी है या उन्हें सीमित कर दिया है. इस सबके बाद अमेरिका में राष्ट्रपति के अधिकारों के दायरे को लेकर हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयां शुरू हो गई हैं.

वीडियो: दुनियादारी: क्या ट्रंप ने ईरान के आगे घुटने टेक दिए?

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