ट्रंप ने US वीजा पाने का आसान रास्ता खोल दिया, बस पइसा होना चाहिए
US Gold Visa: नए ऑफर के तहत एक तगड़ी रकम खर्च कर के आप US की नागरिकता ले सकते हैं. इसे Gold Card Visa कहा जा रहा है जो EB-5 Visa की जगह लेगा. हालांकि FATF ने आशंका जताई है कि पैसे देकर नागरिकता पाने वाली योजना का इस्तेमाल काले धन को छुपाने या किसी देश से फरार होने के लिए भी किया जा सकता है.

अगर आप अमीर व्यक्ति हैं तो आप किसी महंगे होटल या रेस्टोरेंट में जा सकते हैं. पर क्या आपने सुना है कि अगर आप अमीर हैं तो ही आपको किसी देश में एंट्री मिलेगी, वो भी एक स्पेशल वीजा के साथ. तो ऐसा ही देश बनने जा रहा है 'संयुक्त राज्य अमेरिका' या जिसे हम कहते हैं अमेरिका. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump Golden Visa) जेब से मजबूत लोगों के लिए एक ऑफर लाने जा रहे हैं. इस नए ऑफर के तहत एक तगड़ी रकम खर्च कर के आप अमेरिका की नागरिकता ले सकते हैं. इसके लिए शर्त है कि आपको कम से कम 5 मिलियन डॉलर (लगभग 43 करोड़ रुपये) खर्च करने होंगे. इस नए वीजा का नाम है ‘गोल्ड कार्ड’.
26 फरवरी को प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने 'गोल्ड कार्ड' स्कीम का एलान किया. उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत 5 मिलियन डॉलर की फीस देकर अप्रवासी लोग अमेरिका में रहने का परमिट हासिल कर सकेंगे. ट्रंप की इस नई योजना से पहले, अबतक ऐसी व्यवस्था के लिए EB-5 वीजा प्रोग्राम लागू है. इसके तहत अमेरिकी व्यवसायों में कम से कम 1 मिलियन डॉलर का निवेश करने पर EB-5 वीजा इशू किया जाता था.
नए प्लान में यही रकम अब बढ़ कर 5 मिलियन हो गई है. प्रेसिडेंट ट्रंप का ये प्लान अप्रैल से लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है. ट्रंप के मुताबिक इस वीजा के तहत जो लोग भी अमेरिका आएंगे वो रईस और सफल लोग ही होंगे. वो यहां पैसे खर्च करेंगे, टैक्स देंगे. इससे अमेरिकी लोगों को रोजगार मिलेगा.
पुरानी योजना क्या है?पुरानी योजना यानी EB-5 वीजा को देखें तो इसके तहत फिलहाल विदेशी लोगों को अमेरिकी व्यवसायों में 1 मिलियन यानी 10 लाख डॉलर का निवेश करना पड़ता है. साथ ही उन्हें 10 नई नौकरियां भी पैदा करनी पड़ती हैं जिससे उनके देश में आने से अमेरिकी लोगों का नुकसान न हो. इस योजना को 1990 में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए शुरु किया गया था. हालांकि इस योजना के दुरुपयोग के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं. अब नए प्लान के तहत रकम को 5 गुना बढ़ा दिया गया है.
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लिहाजा अब अमेरिका, मिडिल क्लास निवेशकों की पहुंच से बाहर हो सकता है. क्योंकि 5 मिलियन डॉलर की कीमत तो 'सुपर रिच' लोग ही अदा कर सकते हैं. साथ ही नए प्लान में नौकरियां पैदा करने की अनिवार्यता भी हटा दी गई है. माने ये 'पइसा दो, अमेरिका आओ' टाइप योजना है. पहले EB-5 वीजा के लिए लोग लोन ले सकते थे या अपनी जमापूंजी से पैसे दे सकते थे. पर गोल्ड कार्ड वीजा के लिए पूरा भुगतान नकद करना होगा. इस लिहाज से ये काफी भारतीयों की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है. ट्रंप अगर ये प्लान लागू करते हैं तो लंबे समय से अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों की उम्मीद को झटका लग सकता है.
ट्रंप के एलान के बाद रूस के खरबपतियों का भी जिक्र आया. कहा जा रहा है कि इससे अमेरिका में रूसी इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा. साथ ही पैसों के जरिये ऐसे लोग भी नागरिकता पा सकते हैं जिनके मंसूबे खतरनाक हों. क्योंकि नए प्लान में वो कैसे हैं ये मायने नहीं रखता. मायने सिर्फ ये रखता है कि क्या उनके पास पैसा है?
2023 में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने इस बात की आशंका जताई थी कि पैसे देकर नागरिकता पाने वाली योजनाओं का इस्तेमाल काले धन को छुपाने या किसी देश से फरार होने के लिए भी किया जा सकता है. साथ ही इन्वेस्टमेंट करने वाले लोगों का सरकार की पॉलिसी मेकिंग में दखल भी बढ़ेगा जो निश्चित तौर पर चिंताजनक है.
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