इजरायल को बचाने वाले 'आयरन डोम' की मिसाइलें खत्म हो रहीं? रिपोर्ट में बड़ा दावा
ईरानी हमलों के खिलाफ इजरायल का सबसे बड़ा हथियार आयरन डोम अब उतना प्रभावी नहीं रहा. रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल में इस समय बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर्स की भारी कमी है. और ये जानकारी खुद अमेरिकी अधिकारियों ने दी है.
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ईरान और इजरायल की जंग को 16 दिन हो गए. इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम्स के इंटरसेप्टर यानी हमला रोकने वाली मिसाइलें खत्म होने की कगार पर हैं. रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अमेरिका को इस कमी के बारे में जानकारी थी. फिर भी वक्त पर सप्लाई न हो पाने के कारण इजरायली आयरन डोम खाली हो गए. अमेरिकी मीडिया आउटलेट Semafor में 15 मार्च को यह रिपोर्ट छपी है. इसे वहां की वाइट हाउस संवाददाता शेलबी टैलकॉट ने लिखा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हमलों के खिलाफ इजरायल का सबसे बड़ा हथियार आयरन डोम अब उतना प्रभावी नहीं रहा. रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल में इस समय बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर्स की भारी कमी है. ये जानकारी खुद अमेरिकी अधिकारियों ने दी है. बात सिर्फ इसी जंग की नहीं है. इजरायल इस युद्ध में पहले ही इंटरसेप्टर की कमी के साथ उतरा था. साल 2025 में ईरान के साथ हुए संघर्ष के दौरान उसके अधिकतर इंटरसेप्टर इस्तेमाल हो गए थे.
ईरान के हमलों की वजह से इजरायल के लंबी दूरी वाले डिफेंस सिस्टम्स पर भी प्रेशर बढ़ गया. और तो और ईरान ने अपनी मिसाइलों में क्लस्टर बम को जोड़ लिया, जिससे इंटरसेप्टर के स्टॉक की कमी की समस्या और भी बढ़ रही है. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका को इजरायल की इस कमी के बारे में महीनों से पता था. उन्होंने कहा,
“यह कुछ ऐसा था, जिसकी हमें उम्मीद थी और जिसका हमने पहले से ही अंदाजा लगा लिया था.”
अधिकारी ने Semafor से बातचीत में जोर देकर कहा कि इजरायल के पास भले ही इंटरसेप्टर्स न हों, लेकिन अमेरिका के पास अपने इंटरसेप्टर की कोई कमी नहीं है.
हालांकि, ये साफ नहीं है कि अमेरिका अपने कुछ इंटरसेप्टर इजरायल को बेचेगा या नहीं.
हालांकि, युद्ध के दौरान ईरानी मिसाइलों से बचाव के लिए इजरायल के पास और भी तरीके हैं, जिनमें फाइटर जेट्स शामिल हैं. लेकिन लंबी दूरी से होने वाले हमलों के खिलाफ इंटरसेप्टर सबसे असरदार हथियारों होते हैं.
इस रिपोर्ट के छपने के बाद एक बयान में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने Semafor से बात की. उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ प्रेसिडेंट ट्रंप के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अमेरिकी भंडार बहुत ज्यादा है. प्रेस सेक्रेटरी लेविट के मुताबिक अमेरिकी हथियारों का जखीरा जरूरत से कहीं अधिक है. उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप हमेशा हमारी सेना को मजबूत करने पर ध्यान देते हैं. उन्होंने डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स से लगातार अमेरिका के लिए हथियार बनाने को कहा है. लेविट कहती हैं,
“इजरायल डिफेंस फोर्सेज के साथ मिलकर अमेरिकी सेना की उपलब्धियां खुद अपनी कहानी कहती हैं. ईरानी ड्रोन हमले 95 प्रतिशत कम हो गए हैं. बैलिस्टिक मिसाइल हमले 90 प्रतिशत कम हो गए हैं और शासन की खराब हालत और भी बदतर होती जाएगी.”
दूसरी तरफ इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने Semafor की रिपोर्ट पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है.
वीडियो: 'America अब भीख मांग रहा', ईरान ने US को ऐसा क्यों कहा?

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