The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • us israel joint attacks lead to big profit of iran earning 1200 crore per day

ईरान के इस बिजनेस की मौज हो गई, जंग के बाद से हर रोज हो रही 1200 करोड़ रुपये की कमाई

भले ही अमेरिका और इजरायल रोजाना हवाई हमले करके ईरान को भारी नुकसान पहुंचा रहे हों, लेकिन ईरान ने अपने पलटवार से उन्हें कमजोर कर दिया है. अब वो हर रोज मोटी कमाई भी कर रहा है.

Advertisement
pic
27 मार्च 2026 (अपडेटेड: 27 मार्च 2026, 12:09 PM IST)
us israel joint attacks lead to big profit of iran earning 1200 crore per day
ऑयल टैंकरों पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमले का खतरा बना हुआ है (PHOTO-India Today)
Quick AI Highlights
Click here to view more

वेस्ट एशिया की जंग से पूरी दुनिया परेशान है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर पूरी दुनिया पर हो रहा है. इस बीच खबर आई है कि ईरान ने जंग शुरू होने के बाद से तेल बेच कर लाखों डॉलर कमाए हैं. जंग के दौरान ईरान इकलौता ऐसा देश है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगातार अपने तेल के टैंकरों को भेज रहा है. एक अनुमान के मुताबिक ईरान इससे हर दिन 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा रहा है.

जंग शुरू होने के बाद से तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. इससे ईरान को दोहरा फायदा हो रहा है. ईरान का कच्चा तेल, अधिकतर चीन को बेचा जाता है. जब से बमबारी शुरू हुई है, तब से अंतरराष्ट्रीय दामों का बेंचमार्क खुद ही 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है. अंतरराष्ट्रीय दामों का बेंचमार्क नॉर्थ सी में मिलने वाले ब्रेंट क्रूड के आधार पर तय किया जाता है. अब मार्केट में तेल है नहीं. लिहाजा ईरान का तेल, जो बहुत सस्ता था, अब वो महंगा बिक रहा है.

अनुमान है कि मार्च महीने में ईरान का तेल एक्सपोर्ट जंग से पहले वाला ही बना रहा. यानी वो हर दिन लगभग 1.6 मिलियन बैरल बना रहा है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी क्रूड ले जाने वाले जहाज खार्ग आईलैंड के टर्मिनल पर लगातार लोड हो रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट से होते हुए पर्शियन गल्फ से बाहर निकल रहे हैं. बीते कुछ दिनों से इस गतिविधि में और तेजी आई है. जबकि खाड़ी के दूसरे देशों का शिपमेंट निकलना बहुत ही मुश्किल है.

भले ही अमेरिका और इजरायल, रोजाना हवाई हमले कर के ईरान को भारी नुकसान पहुंचा रहे हों, लेकिन ईरान ने अपने पलटवार से उन्हें कमजोर कर दिया है. अमेरिका ने तेल की कीमतों पर युद्ध के असर को कम करने की कोशिश में, एक हैरान करने वाला कदम उठाया है. उसने ईरान के तेल के एक बड़े स्टॉक पर लगे प्रतिबंधों को कुछ समय के लिए हटा दिया है. ये तेल पहले से ही टैंकरों में समुद्र में मौजूद था. जंग के बीच इस कदम से ईरान को और भी फायदा होने की उम्मीद है.

Tankertrackers.com के अनुमानों और ईरान के मुख्य ग्रेड कच्चे तेल 'ईरानी लाइट' की कीमतों के आधार पर ईरान ने बिक्री से हर दिन लगभग 139 मिलियन डॉलर (1200 करोड़ रुपये से ज्यादा) कमाए हैं. ये फरवरी के 115 मिलियन डॉलर (लगभग 950 करोड़ रुपये) से भी ज्यादा है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट की तुलना में ईरान का तेल महंगा होता जा रहा है. इस हफ्ते की शुरुआत में इसकी कीमत में अंतर घटकर 2.10 डॉलर प्रति बैरल रह गया, जो लगभग एक साल में सबसे कम है. जंग से पहले यह अंतर 10 डॉलर से अधिक था. यानी कुल मिलाकर देखें तो इस जंग ने ईरानी तेल की कीमत बढ़ा दी है.

हर बैरल के लिए ज़्यादा बिक्री कीमत ईरान के लिए बहुत अहम है, जिसे अमेरिका और इज़रायल के हवाई हमलों से भारी नुकसान हुआ है, और जिसे अपनी तबाह हो चुकी अर्थव्यवस्था को फिर से बनाने और सहारा देने के लिए भारी निवेश करना होगा.

वीडियो: स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर टोल वसूलने की तैयारी, ईरानी संसद में बिल प्रस्ताव होगा?

Advertisement

Advertisement

()