The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • US-Israel-Iran ceasefire China role Trump Pakistan

ईरान-इजरायल के सीजफायर में चीन का भी रोल, ट्रंप के बाद पाकिस्तान भी माना

US-Israel-Iran ceasefire China role: पाकिस्तान ने कंफर्म किया है कि सीजफायर में चीन का बड़ा रोल है. चाइना डायरेक्टली इस जंग में या इससे जुड़ी किसी बहस में नज़र नहीं आया. लेकिन सीज़फायर के क्रेडिट में इसका भी नाम लिया जा रहा है.

Advertisement
pic
9 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 9 अप्रैल 2026, 06:16 PM IST)
US-Israel-Iran ceasefire China role
पाकिस्तान ने सीजफायर में चीन का बड़ा रोल बताया है. (फोटो-इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

‘चीन शुरू से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शांति लाने पर काम कर रहा था.’ ये बयान पाकिस्तान की तरफ से आया है. पाकिस्तान ने कंफर्म किया है कि सीजफायर में चीन का बड़ा रोल है. चीन डायरेक्टली इस जंग में या इससे जुड़ी किसी बहस में नज़र नहीं आया. लेकिन सीज़फायर के क्रेडिट में इसका भी नाम लिया जा रहा है. अमेरिका में पाकिस्तान के डिप्लोमैट रिज़वान सईद शेख ने चीन के साथ 5 देशों का नाम लिया. वैसे अपनी बात में रिज़वान ने ये नहीं बताया कि इन सबमें चीन का 'स्पेसिफिक' रोल क्या था.

CNN को दिए इंटरव्यू में रिज़वान ने सऊदी अरब, तुर्की, कतर और इजिप्ट का भी नाम लिया. साथ में कहा कि चीन ने बहुत शांति से ये काम किया है. रिज़वान ने कहा, 

जंग की शुरुआत से ही चीन दोनों पक्षों में बातचीत और शांति बनाने की कोशिश कर रहा था.

इससे पहले सीजफायर में चीन के रोल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी मुहर लगा चुके हैं. न्यूज एजेंसी AFP से बात करते हुए ट्रंप ने दबी जुबान में सीजफायर के पीछे चीन के रोल को माना था. जब ट्रंप से ईरान के साथ नेगोशिएशन में चीन के शामिल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हां, मैंने सुना है.’

चीन के दो अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी AP को बताया कि चीन ने सीधा ईरान से बात की थी. तब जाकर सीजफायर मुमकिन हुआ. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि 7 अप्रैल को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान, इजरायल, रूस और खाड़ी के देशों को 26 फोन कॉल कीं. चीन का स्पेशल दूत भी वेस्ट एशिया में मुस्तैद था. यानी चीन खुद सामने नहीं आया लेकिन पर्दे के पीछे से खेल गया. सीज़फायर तो हो गया लेकिन अब ईरान कह रहा है कि हमें गारंटी भी दो कि हमला नहीं होगा. 

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में ईरान के एंबेसडर अब्दोलरेज़ा रहमानी फ़ाज़ली ने कहा, 

हमें उम्मीद है कि दूसरा पक्ष इसकी गारंटी लेता है कि अमेरिका जंग को जारी नहीं रखेगा. चीन, रशिया, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश जो समझौता करा रहे हैं, वो भी शांति की गारंटी दें. उम्मीद है कि सीज़फायर लागू रहेगा और जंग खत्म हो जाएगी. हमें ऐसी गारंटी चाहिए, जिस पर विश्वास किया जा सके.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 8 तारीख को सीज़फायर का ऐलान किया गया था लेकिन इसमें भी कई लूपहोल्स हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर तो विवाद है ही. साथ में ईरान की 10 शर्तों को लेकर भी खींचतान है. ईरान ने दावा किया कि उसकी 10 शर्तों को अमेरिका मान गया है और इसलिए सीज़फायर पॉसिबल हो पाया है. दूसरी तरफ अमेरिका इसे फ़र्ज़ी खबर बताता है.  वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लैविट ने ये तक कह दिया कि ट्रंप ने ईरान की शर्तों को Garbage में डाल दिया था. लैविट ने कहा,

ये शर्तें गंभीरता के साथ नहीं रखी गई हैं. हम इसे स्वीकार नहीं करते. राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने इसे कूड़ेदान में फेंक दिया है. कई मीडिया संस्थानों ने ये फर्ज़ी खबर चलाई कि ट्रंप इन शर्तों को मान गए हैं. ऐसा कुछ नहीं हुआ है. वो (ट्रंप) ईरान की इन बातों को कभी नहीं मानेंगे. वो उसी समझौते पर राज़ी होंगे जो अमेरिका के लिए अच्छा होगा.’

मतलब, सीज़फायर तो है, लेकिन ईरान की शर्तों को लेकर मामला डांवाडोल है. उम्मीद है कि 10 अप्रैल को तस्वीर कुछ साफ हो जाएगी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने दावा किया था कि इस्लामाबाद में एक मीटिंग है, जिसमें ईरान और अमेरिका के अधिकारी बातचीत करेंगे.  

वीडियो: ईरान अमेरिका सीजफायर के बाद इजरायल ने पाकिस्तान पर क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()