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अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने वाला है? जल्द हो सकती है ये बड़ी घोषणा

US-Iran के बीच चल रही यह बातचीत सफल रहती है, तो इस जंग का अंत हो सकता है. इस बातचीत में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. बताया गया है कि अभी बातचीत में किस मुद्दे को प्रमुखता दी गई है.

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6 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 12:12 PM IST)
US-Iran war ceasefire for 45-day
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है. अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो करीब एक महीने से चल रही जंग का अंत हो सकता है. इस बातचीत में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सियोस’ ने बातचीत की खबर रखने वाले चार अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी. 

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका, ईरान और मध्यस्थों का एक समूह 45-दिनों के सीजफायर की शर्तों पर चर्चा कर रहा है. अमेरिकी, इजरायली और क्षेत्रीय सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने एक्सियोस को बताया,

“बातचीत पाकिस्तानी, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों के जरिए हो रही है. इसके अलावा ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भेजे गए टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी बातचीत हो रही है.”

रिपोर्ट के मुताबिक, जिस फ्रेमवर्क पर चर्चा हो रही है, उसमें दो फेज शामिल है. पहले फेज में 45 दिन का सीजफायर होगा. इस दौरान दोनों पक्ष पूरे मिडिल ईस्ट में दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए बातचीत करने की कोशिश करेंगे. अगर बातचीत के लिए और समय चाहिए तो इस सीजफायर को बढ़ाया जा सकता है. दूसरे फेज का मकसद युद्ध को पूरी तरह खत्म करना है. इसके लिए एक बड़े समझौते को औपचारिक रूप देना होगा.

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि 48 घंटों के भीतर किसी नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद बहुत कम है. फिर भी, डिप्लोमैट्स इसे एक बड़ी लड़ाई को रोकने का आखिरी मौका मान रहे हैं. क्योंकि ईरानी सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले हो सकते हैं और इसके जवाब में ईरान भी खाड़ी देशों में जरूरी एनर्जी और पानी के प्लाटंस पर हमले कर सकता है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने मध्यस्थों को साफ बता दिया है कि वे गाजा या लेबनान जैसी स्थिति में नहीं फंसना चाहते, जहां कागजों पर तो सीजफायर होता है, लेकिन अमेरिका और इजरायल जब चाहें फिर से हमला कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: 'इस्लामाबाद दौरे से इनकार नहीं,' ईरान के बयान से पाकिस्तान 'खुश', लेकिन एक शर्त है

ट्रंप ने दी डेडलाइन

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़े हमले की तैयारी कर रखी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को नई डेडलाइन दी है. पहले यह डेडलाइन सोमवार, 6 अप्रैल की शाम को खत्म होने वाली थी, लेकिन इसे 20 घंटे बढ़ा दिया गया. अब नई समय सीमा मंगलवार, रात 8 बजे (पूर्वी समय) तय की गई है. ट्रंप ने कहा कि बातचीत चल रही है और डील अभी भी हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत फेल हो जाती है तो बड़े पैमाने पर मिलिट्री एक्शन शुरू हो जाएगा.

वीडियो: 'हमने कभी बातचीत से इंकार नहीं किया...लेकिन', अमेरिका से डील पर क्या बोले अब्बास अराघची?

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