ईरान के हमलों में 140 अमेरिकी सैनिक घायल, पहली बार मरने वालों की संख्या भी पेंटागन ने बताई
अमेरिकी मिलिट्री की तरफ से ये आंकड़े पहली बार सामने आए हैं. अगर जंग इसी तरह चलती रही, तो आने वाले दिनों में ये संख्या और बढ़ सकती है.
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ईरान से जंग में अमेरिका को बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिकी रक्षा विभाग, पेंटागन के मुताबिक इस जंग में 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. जंग शुरू होने के बाद पहली बार पेंटागन ने माना है कि ईरान के हमलों में अमेरिका को नुकसान हुआ है. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने बताया है कि अधिकतर सैनिकों को गंभीर चोट नहीं आई है. घायलों में से कई सैनिक ठीक होकर अपनी यूनिट्स में वापस भी लौट गए हैं.
एसोसिएटेड प्रेस को भेजे गए एक ईमेल में उन्होंने कहा कि घायल सैनिकों में से अधिकतर को मामूली चोटें आई हैं. इनमें से 108 सर्विस मेंबर पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आठ सैनिक अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं. ये आंकड़े पहली बार सामने आए हैं. जंग के दौरान वेस्ट एशिया में अमेरिकी सेना को हुए नुकसान के ये पहले आंकड़े हैं. अगर जंग इसी तरह चलती रही, तो आने वाले दिनों में ये संख्या और बढ़ सकती है.
सात सैनिकों की जान गईUS मिलिट्री के मुताबिक, ईरानी हमलों में अब तक कम से कम सात अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं. कुवैत के हमले में 6 और सऊदी अरब में 1 सैनिक की जान गई है. इस बीच, पूरे वेस्ट एशिया में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. US की ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक ईरान में करीब 1,250 आम लोग मारे गए हैं. इस आंकड़े में 194 बच्चे और 189 ईरानी मिलिट्री के लोग शामिल हैं.
US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने 10 मार्च को कहा कि ईरान पर अब तक का सबसे जोरदार हमला होने वाला है. साथ ही, US जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही 5,000 से ज्यादा टारगेट्स पर हमला कर चुकी है. लेकिन ईरान झुकने के मोड में बिल्कुल नहीं है. उसने देश में लगातार हो रही बमबारी के बावजूद लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है कि ईरान सीजफायर की मांग करेगा.
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