तेहरान के पास कभी परमाणु बम न हो... US-ईरान डील पर दुनियाभर के लीडर क्या बोले?
US Iran Peace Deal: दुनिया भर के लीडर्स ने अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत किया. उन्होंने लंबे समय से तनाव कम करने और लेबनान समेत सभी जगहों पर जग खत्म करने की मांग की, ताकि दुनिया में स्थिरता आ सके. जानिए किस लीडर ने क्या बात कही.

अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी, 2026 से चल रहा तनाव खत्म हो रहा है. दोनों देश जंग खत्म करने के लिए एक डील पर सहमत हो गए हैं. अमेरिकी प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने डील फाइनल होने का ऐलान कर दिया है. बस साइन होने बाकी हैं. वेस्ट एशिया वॉर से बने हालात को देखते हुए पूरी दुनिया इस डील पर नजर रखे हुए थी. जानते हैं कि अलग-अलग देशों ने अमेरिका-ईरान एग्रीमेंट पर क्या रिएक्शन दिया.
UN चीफ ने डील का स्वागत कियाअमेरिका और ईरान के बीच डील फाइनल होने का यूनाइटेड नेशंस (UN) के सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटारेस ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देश अस्थाई सीजफायर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और आगे की बातचीत के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं. यूएन चीफ ने इसे युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक जरूरी कदम बताया.
यूरोप के 4 बड़े देशों का संयुक्त बयानअमेरिका और ईरान के बीच तनातनी रोकने की सहमति पर यूरोप के चार बड़े देशों का संयुक्त बयान आया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, E4 देश- ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने जॉइंट स्टेटमेंट में कहा,
यूरोपीय देशों के लीडर्स की प्रतिक्रिया"ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाना चाहिए. हम इस मकसद के लिए अमेरिका, ईरान और IAEA (इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी) के साथ काम करने के लिए तैयार हैं."
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बोले,
"हमारा साफ रुख है कि होर्मुज स्ट्रेट में अब टोल-फ्री आवाजाही की आजादी फिर से शुरू होनी चाहिए... ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए."

फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने कहा,
"मैं अमेरिका और ईरान के बीच एग्रीमेंट का स्वागत करता हूं, जो एक कूटनीतिक कोशिश का नतीजा है, जिसमें कई पार्टनर्स ने हिस्सा लिया. मैं युद्ध लड़ने वाले देशों से इसे तेजी से और पूरी तरह लागू करने की अपील करता हूं. इस एग्रीमेंट से होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और बिना किसी शर्त के फिर से खोलने की इजाजत मिलनी चाहिए, जिसे यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ बनाया गया 'इंटरनेशनल मिशन' सपोर्ट करने के लिए तैयार है."

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज बोले,
"मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूं और इस कूटनीतिक कामयाबी के लिए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और ईरानी पक्ष को बधाई देता हूं. इससे ग्लोबल इकॉनमी में नई जान आ सकती है और मिडिल ईस्ट ज्यादा सुरक्षित हो सकता है. इसे पक्के इरादे के साथ लागू करना बहुत जरूरी है."

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस समझौते का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से तनाव कम करने और लेबनान समेत सभी जगहों पर जग खत्म करने की मांग कर रहा है. ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि यह युद्ध जितना लंबा चलेगा, इसका असर उतना ही ज्यादा होगा. आगे तनाव बढ़ने से रोकने और एक ठोस एग्रीमेंट करने के लिए लगातार संयम और अच्छे रिश्ते जरूरी होंगे.

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने उम्मीद जताई कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बेरोक-टोक आवाजाही पक्की हो जाएगी. उन्होंने कहा कि ईरान के न्यूक्लियर मुद्दे और दूसरे मामलों पर जल्द से जल्द एक फाइनल एग्रीमेंट हो जाएगा.

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि अमेरिका-ईरान डील तनाव कम करने और स्टेबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अच्छा कदम है. उन्होंने कहा कि इस लड़ाई ने न्यूजीलैंड के लोगों की जेब पर असर डाला है और घर के बजट पर दबाव डाला है. होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने से स्थिर ट्रेड रूट बहाल करने, फ्यूल की सप्लाई शुरू करने और हमारी इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के समझौते का ऐलान किया. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा,
“इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है. सभी को बधाई! मैं होर्मुज स्ट्रेट को टोल फ्री खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं.”
डॉनल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड को तुरंत हटाने की भी मंजूरी दी है.
वीडियो: तीन भारतीय नाविकों की मौत, होर्मुज हमले को लेकर आमने-सामने अमेरिका और ईरान

