The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • us iran deal 300 billion dollars donald trump fake news jd vance geneva switzerland

300 अरब डॉलर के बीच फंसी अमेरिका-ईरान डील, अगर ये मैटर नहीं सुलझा तो?

US Iran Deal: जब 300 Billion Dollars (लगभग 28.40 लाख करोड़ रुपये) पर अमेरिका और ईरान एक-दूसरे का नैरेटिव समझ रहे हैं, तो नेता भी एक्टिव हो गए. Donald Trump को इतनी बड़ी रकम देने को लेकर घेरा जाने लगा है. ईरान भी इसे अलग तरह से पेश कर रहा है.

Advertisement
pic
16 जून 2026 (अपडेटेड: 16 जून 2026, 09:59 AM IST)
300 billion, 300 billion dollars, donald trump, jd vance, iran peace deal, iran peace talks, iran peace deal news, iran peace deal details, 300 billion iran, donald trump peace deal with iran, iran reconstruction, iran war news, us iran news, us iran war
अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को एग्रीमेंट साइन होगा. (ITG/Reuters)
Quick AI Highlights
Click here to view more

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर फाइनल बातचीत हो गई. सबकुछ ठीक रहा तो 19 जून को स्विटजरलैंड के जिनेवा में दोनों देशों के प्रतिनिधि फाइनल एग्रीमेंट पर साइन कर देंगे. सबकुछ ठीक तब रहेगा, जब अरबों डॉलर का मैटर सुलट जाएगा. इसमें भी ईरान को संभावित तौर पर मिलने वाले 300 अरब डॉलर (लगभग 28.40 लाख करोड़ रुपये) ने मामला उलझा रखा है. अगर 300 अरब का मैटर नहीं सुलझा, तो अमेरिका-ईरान की डील खतरे में भी पड़ सकती है.

अमेरिका और ईरान के अपने-अपने दावे

अब मामला भी कुछ खास नहीं है. बस देखने, पेश करने और बेचने का नजरिया है. अमेरिका कह रहा है कि ईरान को 300 अरब डॉलर रीकंस्ट्रक्शन और रीडेवलपमेंट के लिए मिलेंगे. मोटा-मोटी माने तो अमेरिका इस रकम को एक इन्वेस्टमेंट के तौर पर पेश कर रहा है. 300 अरब डॉलर डेवलपमेंट में खर्च होंगे, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे, तो बेहतर रिटर्न मिलेगा, वहां चीजें बेहतर होंगी.

ईरान का नजरिया इससे हटकर है. ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान का दावा है कि अमेरिका ने युद्ध में हारकर, मजबूर होकर बतौर 'जुर्माना' 300 अरब डॉलर की रकम दिलाने के लिए हामी भरी है.

ईरान की तरफ से डील के प्रमुख मेहदी मोहम्मद ने कहा कि इस 'हर्जाने' को डील के कागजात में ‘रिकंस्ट्रक्शन’ के तौर पर पेश किया गया है. तेहरान का दावा है कि 300 अरब डॉलर की रकम से जंग में ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर वगैरह को पहुंचे जबरदस्त नुकसान की भरपाई की जाएगी.

ईरान इसे अमेरिका पर जीत की तरह पेश कर रहा है. माने, दोनों देशों के बीच 300 अरब डॉलर की मदद को दुनिया और अपने देश के लोगों के बीच पेश करने के तरीके को लेकर विवाद है. दोनों देश इसे बखूबी समझ भी रहे हैं.

डॉनल्ड ट्रंप ने फेक न्यूज बताया

जब अमेरिका और ईरान एक-दूसरे का नैरेटिव समझ रहे हैं, तो नेता भी एक्टिव हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साफ लफ्जों में कह दिया है कि अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा. उन्होंने 16 जून को ट्रुथ सोशल पर लिखा,

"ईरान ने कभी भी न्यूक्लियर हथियार ना रखने पर सहमति जताई है! साथ ही, यह खबर कि अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर दे रहा है, डेमोक्रेट्स द्वारा फैलाई गई फेक न्यूज है!!!"

donald trump
डॉनल्ड ट्रंप का पोस्ट. (Truth Social)

ट्रंप ने अपने पोस्ट में 300 मिलियन डॉलर का जिक्र किया है, जबकि दोनों देशों की मीडिया की अलग-अलग रिपोर्ट्स में डील के बारे में 300 बिलियन डॉलर यानी 300 अरब डॉलर का जिक्र किया जा रहा है. अब 300 मिलियन डॉलर है, या 300 बिलियन, यह हो सकता है कि कुछ समय बाद साफ हो. मगर एक बात साफ है कि डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी तिजोरी से ईरान को मोटा पैसा देने की बात को फेक न्यूज करार दिया है.

जेडी वेंस ने भी कहा- 'अमेरिका पैसा नहीं देगा'

इससे पहले, अमेरिकी न्यूज चैनल CBS मॉर्निंग से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी साफ किया कि अमेरिका, ईरान को कोई पैसा नहीं देगा.

जेडी वेंस ने कहा कि अरब देशों का गठजोड़ ईरान को रिकंस्ट्रक्शन और रीडेवलमेंट के लिए पैसे देंगे, लेकिन इसे पाने के लिए ईरान को डील की शर्तों पर खरा उतरना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के जब्त करोड़ों के एसेट्स ईरान को तभी लौटाए जाएंगे, जब वह डील की शर्तों का ईमानदारी से पालन करेगा.

वीडियो: अमेरिका-ईरान पीस डील की 14 शर्तें क्या है?

Advertisement

Advertisement

()