ईरान के खिलाफ अमेरिका ने उतारा फ्लाइंग हैकर, अलग लेवल की जंग लड़ने की तैयारी शुरू
Flying Hacker विमान को Gulfstream G550 के प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है. EA-37B विमान में नौ लोगों तक का क्रू होता है. इसमें पायलट और को-पायलट विमान को उड़ाने का काम करते हैं. जबकि 7 लोग कार्गो के अलावा मिशन कंपार्टमेंट में इलेक्ट्रॉनिक अटैक वाले उपकरणों को ऑपरेट करने का काम करते हैं.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और नए विमान को मैदान में उतार दिया है. लेकिन ये हथियार गोलियां या बम नहीं दागता. बल्कि ये दुश्मन केे कम्युनिकेशन सिस्टम, रेडियो, रडार जैसी चीजों पर एक Invisible माने दिखाई न देने वाला हमला करता है. इसीलिए इसे ‘इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट’ कहा जाता है. कहा जा रहा है कि ये एयरक्राफ्ट अमेरिकी एयरफोर्स के मिशंस को और आसान बनाने के लिए लाया गया है. इसके होने से दुश्मन के रडार ठप पड़ जाएंगे और अमेरिकी जेट्स आराम से हमला कर सकेंगे.
वैसे तो ये विमान हमेशा सीक्रेट मिशनों पर ही जाता है. ये कहां तैनात होगा, इसकी जानकारी बहुत टॉप के लोगों को ही होती है. लेकिन अमेरिकी सेना की सेन्ट्रल कमांड ने एक्स पर खुद ये पोस्ट कर बताया कि इस एयरक्राफ्ट को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में इस्तेमाल किया जा रहा है.

इस विमान को Gulfstream G550 क प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है. EA-37B विमान में नौ लोगों तक का क्रू होता है. इसमें पायलट और को-पायलट विमान को उड़ाने का काम करते हैं. जबकि 7 लोग कार्गो के अलावा मिशन कंपार्टमेंट में इलेक्ट्रॉनिक अटैक वाले उपकरणों को ऑपरेट करने का काम करते हैं. इन 7 लोगों में मिशन क्रू कमांडर (इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऑफ़िसर), वेपन सिस्टम ऑफिसर (इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऑफिसर), मिशन क्रू सुपरवाइज़र (एक अनुभवी क्रिप्टोलॉजिक भाषाविद), एनालिसिस ऑपरेटर (भाषाविद), एक एक्विजिशन ऑपरेटर या एक एयरबोर्न मेंटेनेंस टेक्नीशियन शामिल हैं.
Compass Call को कई बार फ्लाइंग हैकर (Flying Hacker) भी कहा जाता है. क्योंकि ये हवा में रहने के दौरान दुश्मन के सिस्टम्स को हैक या नाकाम कर सकता है. इसमें एक खास सिस्टम लगा है जिसे System-Wide Open Reconfigurable Dynamic Architecture, शॉर्ट में SWORD-A कहते हैं. इसका काम है लगातार सिस्टम को अपडेट करना. उदाहरण के लिए मान लीजिए कि फ्लाइंग हैकर के सामने कोई ऐसा सिस्टम आ गया, जिसका सिग्नल ये जाम नहीं कर पा रहा. ऐसे में SWORD-A एक्टिव होता है और फ्लाइंग हैकर को मुकाबला करने के लिए तेजी से अपडेट करने की सुविधा देता है.
इस विमान के कुछ बेसिक फीचर्स को देखें तो-
- बनाने वाली कंपनी: BAE Systems, L3 Harris
- इंजन: 2 रोल्स रॉयस BR700-710 C4-11 टर्बोफैन इंजन
- थ्रस्ट: 15,385 पाउंड का थ्रस्ट प्रति इंजन
- विंगस्पैन: 28.5 मीटर
- लंबाई: 29.4 मीटर
- वजन: 21,908 किलोग्राम
- अधिकतम टेक-ऑफ वजन: 41,276 किलोग्राम
- फ्यूल की क्षमता: 18,733 किलोग्राम
- रफ्तार: मैक 0.82 (1 मैक=1234.8 किलोमीटर प्रति घंटा)
- रेंज: 8,167 किलोमीटर
- अधिकतम ऊंचाई: 45 हजार फीट
फ्लाइट डेटा को देखें तो पता चलता है कि इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर वाले उपकरणों से लैस दो EA-37B विमान 30 मार्च को एरिजोना के डेविस-मोंथन एयर फोर्स बेस से रवाना हुए थे. उसके बाद दोनों विमान इंग्लैंड में UK के RAF Mildenhall स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर उतरे. इन विमानों के मैदान में आने से ये अटकलें भी तेज हो गई हैं कि अमेरिका अब ईरान में ग्राउंड अटैक की तैयारी कर रहा है. जमीन पर लड़ने वाले अपने सिपाहियों की मदद के लिए उसने ये विमान भेजे हैं, ताकि ईरानी कमांडर्स एक-दूसरे से कम्युनिकेट न कर पाएं.
वीडियो: ‘हम दुश्मन नहीं…’ जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिकियों से क्या कहा?

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