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'मैं इंडियंस को नौकरी नहीं देती', अमेरिका में रेस्टोरेंट ओनर भारतीय ने क्यों कहा ऐसा?

एक भारतीय महिला ने अमेरिका में रेस्टोरेंट खोला. लेकिन उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि वे इंडियंस को नौकरी पर नहीं रखतीं. उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यूजर्स जमकर कमेंट कर रहे हैं.

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9 जून 2026 (अपडेटेड: 9 जून 2026, 01:53 PM IST)
indians abroad restaurant
भारतीय महिला अपने रेस्टोरेंट में भारतीयों को नौकरी पर नहीं रखतीं. (फोटो-toastyindian/instagram)
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शानदार भारतीय खाना बनाने के लिए इंडियन होना चाहिए, ऐसा ज़रूरी नहीं है. अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला ने यही मैसेज देने की कोशिश की है. एक इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने कहा कि वे अपने रेस्टोरेंट में भारतीयों को नौकरी पर नहीं रखतीं. अपने रेस्टोरेंट का एक छोटा सा टूर देते हुए उन्होंने बताया कि वे केवल एक ही ‘बैकग्राउंड’ से आए लोगों की टीम नहीं बनाना चाहतीं. बल्कि ऐसी टीम बनाना चाहती हैं जहां कर्मचारियों के बैकग्राउंड से कोई फर्क न पड़े.

अमेरिका के टेक्सस राज्य के न्यू ब्रॉनफेल्स शहर में ‘7 मॉन्क्स कैफ़े’ (7 Monks Cafe) नाम का एक रेस्टोरेंट है. भारतीय मूल की रश्मि भट्ट इसकी ओनर हैं. उन्होंने 2019 में अपनी मां के साथ मिलकर इसे खोला था. तब से ये लोगों को अपने रेस्टोरेंट में इंडियन खाना सर्व कर रही हैं. 8 जून को उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपनी हायरिंग पॉलिसी के बारे में बताया. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है. 

‘मैं भारतीयों को हायर नहीं करती’

इंस्टाग्राम पर डिस्क्लेमर के साथ रश्मि ने अपना वीडियो पोस्ट किया. जिसमें लिखा, 

‘हम उन्हें हायर करते हैं जो योग्य हैं, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं. अक्सर लोग एक ही बैकग्राउंड से आए लोगों को हायर करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि दूसरा उनकी संस्कृति नहीं समझ पाएगा. लेकिन मैं ये बदल रही हूं.’

रश्मि भट्ट मुंबई से हैं. उन्होंने वीडियो में कहा कि जब लोग किसी इंडियन रेस्टोरेंट में जाते हैं तो ये उम्मीद करते हैं कि भारतीय कर्मचारी ही उन्हें खाना सर्व करें. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे अपनी मां के साथ मिलकर एक कम्युनिटी बिल्ड करना चाहती हैं. उन लोगों के लिए जॉब का ज़रिया बनना चाहती हैं, जिन्हें सच में ज़रूरत है.

रश्मि ने बताया कि वे रंग या बैकग्राउंड देखकर लोगों हायर नहीं करतीं. उनकी टीम में हाई स्कूल स्टूडेंट्स, कॉलेज स्टूडेंट्स, सिंगल मॉम और रिटायर्ड लोग भी शामिल हैं. उन्होंने ये भी बताया कि कुछ कर्मचारियों ने तो वहां काम करने से पहले भारतीय खाना चखा तक नहीं था. लेकिन अब वे कस्टमर को समोसा से लेकर टिक्का तक हर खाने की स्पेशलिटी बताते हैं. 

सोशल मीडिया पर लोग क्या बोले? 

रश्मि के वीडियो पर लोगों ने अपनी राय भी रखी. कुछ यूजर को उनका ये इनिशिएटिव पसंद आया जबकि कुछ यूजर इस पॉलिसी के खिलाफ हुए. पुष्कर नाम के यूजर ने लिखा, ‘अगर मुझे भारतीय खाना खाना है, तो मैं चाहूंगा कि एक भारतीय ही मेरे लिए खाना बनाए. यही चीज़ किसी और देश के खाने के साथ भी है.’ 

एक और यूजर ने लिखा, ‘आपकी पॉलिसी अच्छी है लेकिन इससे खाने की ऑथेंटिसिटी (वास्तविकता) चली जाएगी.’

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पोस्ट पर लोगों का कमेंट. 

कमेंट्स में बहुत से लोग ओनर की पॉलिसी का विरोध करते हुए दिखे. कुछ यूजर ने उनकी हायरिंग पॉलिसी को भेदभावपूर्ण और कानूनों के विरुद्ध बताया. एक यूजर ने यहां तक लिखा दिया कि अगर एक बैकग्राउंड से आए लोगों को नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है तो ये ‘इंक्लूसिव’ अप्रोच नहीं है.   

वीडियो: भारतीयों के खिलाफ रेसिस्म के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री का जवाब, किसे मूर्ख कह दिया?

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