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ईरान पर हमला कर ट्रंप ने सही किया? सर्वे में अमेरिकियों ने पोल-पट्टी खोल दी

Iran पर America और Israel के हमले के बाद Donald Trump भले ही दुनिया भर में अमेरिका की ताकत का दंभ भर रहे हों, लेकिन क्या उनके ही देश के लोग इस फैसले के साथ हैं?

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US attacked Iran donald trump
ईरान पर हमले के ट्रंप के फैसले पर अमेरिकी लोग क्या कह रहे? (India today)
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राघवेंद्र शुक्ला
3 मार्च 2026 (अपडेटेड: 3 मार्च 2026, 08:11 PM IST)
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दुनिया भर में 8 युद्ध रुकवाने का दावा करने वाले डॉनल्ड ट्रंप खुद को जंग करने से नहीं रोक पाए. इजरायल के साथ मिलकर उन्होंने ईरान पर अब तक का सबसे घातक हमला किया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई. इस जंग के बाद ट्रंप भले ही दुनिया भर में अमेरिका की ताकत का दंभ भर रहे हों, लेकिन क्या उनके ही देश के लोग इस फैसले के साथ हैं? 

ये पता करने के लिए सीएनएन और रॉयटर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों और एजेंसियों ने लोगों से उनकी राय पूछते हुए सर्वे किया. इन सर्वे के नतीजे ट्रंप के दंभ की हवा निकाल देने वाले हैं.

Reuters और Ipsos ने जो सर्वे किया है उसके मुताबिक, अमेरिका में हर चार में से सिर्फ एक व्यक्ति ने ईरान पर किए गए अमेरिकी हमलों का समर्थन किया है. इनका आंकड़ा 27 फीसदी बताया गया है. वहीं, 43 फीसदी लोगों ने कहा कि डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले में हिस्सा लेकर गलत किया. वहीं, 29 फीसदी लोग इस मुद्दे पर अपनी राय अब तक नहीं बना पाए हैं. 

वॉशिंगटन पोस्ट ने ईरान पर हमले के एक दिन बाद यानी रविवार 1 मार्च को तकरीबन एक हजार से ज्यादा अमेरिकियों को मेसेज भेजकर पूछा कि वो हमलों के बारे में क्या सोचते हैं. उन्होंने पाया कि तकरीबन 52 प्रतिशत लोग हमले के फैसले के खिलाफ थे. इन लोगों ने डॉनल्ड ट्रंप के जंग शुरू करने के फैसले को साफ अस्वीकार कर दिया है. सिर्फ 39 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्होंने अपने राष्ट्रपति के इस कदम का समर्थन किया. 9 फीसदी ने कहा कि वो इसके बारे में कुछ तय नहीं कर पा रहे हैं.

पार्टीवार बात करें तो तमाम रिपब्लिकन भी ऐसे थे, जो अपनी ही पार्टी के नेता के फैसले से असहमत थे. हालांकि ऐसे लोगों की संख्या कम थी. वॉशिंगटन पोस्ट के सर्वे के मुताबिक, कुल 81 फीसदी रिपब्लिकन्स ने सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया. हमले का सपोर्ट करने वाले लोगों में 9 फीसदी डेमोक्रेट भी शामिल हैं. वहीं, 12 फीसदी रिपब्लिकन्स ने कहा कि इस हमले की कोई जरूरत नहीं थी. कुल 87% डेमोक्रेट ने हमलों के प्रति अपनी असहमति जताई. निर्दलीय लोगों में 28% ने ईरान पर हमले का समर्थन किया जबकि 59 फीसदी लोगों ने इसका विरोध किया.

सीएनएन के सर्वेक्षण के अनुसार, हर 10 में से 6 अमेरिकियों ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने के फैसले का विरोध किया है. 28 फरवरी और 1 मार्च को किए गए इस सर्वे में बताया गया कि कुल 59 फीसदी अमेरिकी ईरान पर हमले का फैसला नहीं चाहते थे. हालांकि, 41 फीसदी लोगों ने इस पर समर्थन जताया है. कड़ा विरोध जताने वाले 31 फीसदी लोग थे जबकि सिर्फ 16 फीसदी लोगों ने ही जंग के फैसले का कट्टर समर्थन किया. 

यानी जंग का विरोध करने वाले लोग समर्थन करने वाले लोगों से दोगुना रहे. सीएनएन के सर्वे के मुताबिक, 44 फीसदी लोग चाहते हैं कि अमेरिका ईरान की सरकार को हटाने की कोशिश करे जबकि 56 फीसदी लोग ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते. 

ट्रंप को भी इन सर्वेक्षणों के नतीजों का अंदाजा है, लेकिन वो इसे इग्नोर ही करते रहना चाहते हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इसे लेकर न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ऐसे सर्वेक्षणों से फर्क नहीं पड़ता और वो सही काम करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ये काम तो पहले ही हो जाना चाहिए था, क्योंकि ‘पागलों के शासन वाले ईरान’ को वह न्यूक्लियर वेपन नहीं रखने दे सकते. उन्होंने कहा कि लोग खामोशी के साथ उनका सपोर्ट कर रहे हैं, बाकी पोल के नतीजे चाहे जो भी हों.

बता दें कि ईरान पर हमले के बाद अमेरिका की विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने खुलकर ट्रंप के इस फैसले का विरोध किया था. सोमवार, 2 मार्च को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेट मेंबर्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने आधुनिक अमेरिकी इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति से ज्यादा युद्ध शुरू कर दिए हैं. उन्होंने आगे ये भी कहा कि अमेरिकी जनता को ट्रंप के मनमाने युद्धों का अरबों डॉलर का खर्च उठाना पड़ रहा है.

वीडियो: ईरान ने किया अमेरिकी ठिकानों पर हमला, ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?

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