ओमान में इंडियन शिप पर अमेरिका का बड़ा हमला, तीन भारतीयों की मौत
US attacks killed Indians: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया था कि सेट्टेबेलो नाम के एक जहाज़ को निशाना बनाया गया था. इस हमले में 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया.

मध्य पूर्व में अमेरिका के एक हमले में तीन भारतीय मारे गए हैं. भारत सरकार ने अमेरिका की इस हरकत का विरोध किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बात को कंफर्म किया था कि उसने 9 जून को सेट्टेबेलो नाम के जहाज़ को निशाना बनाया था. और इस जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर्स थे. जिनमें से 21 को बचा लिया गया है. जबकि 3 लापता थे. अब ख़बर मिली है कि हमले में तीनों भारतीयों की मौत हो गई है. इस हमले के खिलाफ भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध जताया है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इससे पहले फ़ॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ़ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने कहा था,
‘हम उस जहाज को ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं चला है. लेटेस्ट जानकारी यही है कि दो भारतीयों की मौत हो गई है और चीफ इंजीनियर अभी तक लापता चल रहे हैं.’
विदेश मंत्रालय ने जताई आपत्तिअमेरिका की इस हरकत पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. भारत ने 10 जून को दिल्ली में अमेरिका के राजदूत के सामने इस हमले के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. मंत्रालय ने कहा,
‘हम आज ओमान के पास कमर्शियल जहाज सेट्टेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं. जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू में से अब तक 21 को बचा लिया गया है. वहीं 3 भारतीयों के लापता होने की खबर है. हमारा दूतावास ओमान में स्थिति पर नजदीकी नजर बनाए हुए है. और ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर चल रहे खोज और बचाव अभियान में सक्रिय तौर पर सहयोग कर रहा है.’

वेस्ट एशिया में जो जंग चल रही है, उसका असर दुनियाभर के देशों पर पड़ रहा है. जिन भारतीयों की मौत हुई है, उसका कारण भी ये जंग ही है. पहले अमेरिका और ईरान बातचीत के रास्ते पर थे. लेकिन, हालात दोबारा खराब हो गए हैं.
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ईरान-अमेरिका जंग फिर शुरू?अब अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है. 10 जून की रात अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों पर हमला किया. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास, मिनाब, सिरिक, जास्क और केशम में हमला किया है. ये सारी जगहें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से नज़दीक हैं. हमला होने वाला है, इसका हिंट अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहले ही दे दिया था.
दूसरी तरफ, ईरान भी झुकता नहीं दिख रहा. ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने ट्रंप को चेतावनी दे दी है कि हमले में मरने वाले अमेरिकियों की संख्या बढ़ने वाली है. उन्होंने साफ़ कहा कि इस बार जंग सिर्फ मिडिल ईस्ट के इलाके तक सीमित नहीं रहेगी. यानी बातचीत का रास्ता अब रुक गया है. और दोनों देश फिर से जंग लड़ने के मूड में आ गए हैं.
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