अमेरिकी एयरफोर्स की रीढ़ कहा जाने वाला B-52 परमाणु बॉम्बर क्रैश, आठ लोगों की मौत
US B-52 bomber crash: अमेरिका की वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाला बी-52 बॉम्बर उड़ाने भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गया. एयरक्राफ्ट में आठ लोग शामिल थे. हाल ही में इस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल ईरान पर बम बरसाने के लिए हुआ था.

अमेरिकी वायुसेना का बी-52 बॉम्बर विमान क्रैश हो गया, जिसमें आठ क्रू मेंबर सवार थे. अधिकारियों का कहना है कि कैलिफोर्निया राज्य के एडवर्ड एयरफोर्स बेस (Edward Airforce base) से टेकऑफ के कुछ देर बाद ही ये बॉम्बर जेट क्रैश हो गया. इस घटना में सभी आठ क्रू मेंबर की मौत हो गई है. ये एयरक्राफ्ट अमेरिकी वायुसेना में 1955 से सर्विस में है और 50,000 फीट ऊपर तक उड़ान भरने की क्षमता रखता है.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरक्राफ्ट 15 जून को सुबह 11 बजकर 20 मिनट (लोकल टाइम) पर क्रैश हुआ. जिसके बाद इमरजेंसी और रिस्पांस टीम को बचाव के लिए भेजा गया. क्रैश के बाद एडवर्ड एयरबेस ने एयरफील्ड को बंद कर दिया है. घटना का एक वीडियो भी सामने आया. जिसमें आसमान में काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है.
घटना के दौरान एयरक्राफ्ट अपने रूटीन टेस्ट मिशन पर था. अमेरिकी वायु सेना के ज्यादातर एयरक्राफ्ट के टेस्ट एडवर्ड एयरबेस पर ही होते हैं. एयरबेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि एयरक्राफ्ट में 8 लोग थे और ये क्रैश इतना घातक था कि बचना मुश्किल था. उधर, बचाव टीम सभी क्रू मेंबर की पहचान करने में जुटी है.
अमूमन इस एयरक्राफ्ट में 5 लोग होते हैं, जिनमें एक एयरक्राफ्ट कमांडर, पायलट, रडार नेविगेटर, नेविगेटर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर ऑफिसर शामिल होता है. क्रैश के दौरान एयरक्राफ्ट पर इनके अलावा तीन अन्य क्रू मेंबर भी मौजूद थे. अभी तक क्रैश होने की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन जल्द ही इसकी जांच की जाएगी.
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US B-52 बॉम्बर पहले भी हुए क्रैशये स्ट्रैटोफोर्टेस एक सबसोनिक एयरक्राफ्ट है जिसे बोईंग ने बनाया है. दशकों से ये अमेरिकी वायु सेना का रीढ़ रहा है. अमेरिकी वायु सेना के मुताबिक, ये बॉम्बर विमान 50 हज़ार फीट ऊपर तक उड़ान भर सकता है और न्यूक्लियर और पारंपरिक गोला-बारूद दोनों ले जा सकता है. इनमें ग्रेविटी बम और क्लस्टर बम भी शामिल होते हैं.
दिलचस्प बात ये है कि इस बी-52 बॉम्बर का इस्तेमाल अमेरिका-ईरान जंग में बम बरसाने के लिए किया गया था. इस एयरक्राफ्ट ने वियतनाम वॉर से लेकर ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म तक अपनी भूमिका निभाई है.
अमेरिकी बी-52 विमान कई तरह के मिशन को पूरा करने में कारगर रहा है. जिसमें, स्ट्रेटेजिक अटैक, हवाई हमले रोकना, समुद्र अभियान और क्लोज एयर अटैक शामिल है. ये अमेरिका के सबसे वर्सेटाइल विमानों में से एक रहा है.
1962 के बाद से बोईंग ने बी-52 बॉम्बर बनाना बंद कर दिया था, लेकिन कुछ बदलाव किए जिससे मौजूद एयरक्राफ्ट की लाइफ बढ़ जाए. इससे पहले साल 2016 में अमेरिकी टेरिटरी गुआम में इसी तरह का बॉम्बर क्रैश हुआ था. तब एयरक्राफ्ट में सवार 7 लोगों की जान बच गई थी. एक और घटना गुआम में ही 2008 में हुई थी. तब बी-52 प्रशांत महासागर में क्रैश कर गया था और 6 लोगों की मौत हो गई थी.
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