एक्सप्रेस-वे पर जिस हाथी का वीडियो अखिलेश ने डाला था, पुलिस ने उसके महावत को जेल भेज दिया
महावत खाना खा रहा था, मादा हाथी रोड पर चला गया, पकड़ाने पर महावत ने बताया कि लाइसेंस ही नहीं है.

हाल में आगरा एक्सप्रेस-वे पर हथिनी देखे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद खबर है कि उसके महावत को जेल भेज दिया गया है. वहीं हथिनी की जिम्मेदारी दूसरे महावत को सौंपी गई है. बता दें कि आगरा एक्सप्रेस-वे पर 29 जुलाई को एक हथिनी दिखी थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया था. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वीडियो ट्वीट भी किया था. वीडियो में एक्सप्रेस-वे पर एक हथिनी टहलती दिख रही थी.
एक्सप्रेस-वे पर हथिनी के वीडियो का मामलाआजतक के आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक आगरा एक्सप्रेस-वे पर जो हथिनी दिखी थी. उसका नाम अनारकली बताया गया है. हथिनी को लेकर महावत रामकिशन लखनऊ जा रहे थे. जब वे एक होटल में खाना खा रहे थे, तब हथिनी एक्सप्रेस-वे पर चली गई. हथिनी 4 किमी तक एक्सप्रेस-वे पर चलती रही. इस दौरान एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे लोगों ने उसका वीडियो बना लिया था. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
अधिकारियों को इसकी खबर लगी, तो मौके पर पहुंच कर महावत से लाइसेंस मांगा गया. महावत के पास लाइसेंस नहीं था. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हथिनी को महावत बिना परमिशन लखनऊ ले जा रहे थे.
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए वीडियो शेयर किया थावहीं सपा मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने पूछा था कि एक्सप्रेस-वे सुरक्षा कहां है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्धाटन किया था. इसके एक हफ्ते के अंदर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का एक हिस्सा भारी बारिश में बह जाने और उस पर गहरे गड्ढे पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने लिखा,
महावत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया“ये तो गनीमत है कि पाबंदी के बावजूद हाथी जी सपा के बनाए मजबूत ‘आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे’ पर विचरण कर रहे हैं, कहीं ग़लती से ये बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चले गए होते तो गुणवत्ता का मारा वो बेचारा इनका वज़न सह नहीं पाता. वो ख़ुद खंडित होता और ये चोटिल. एक्सप्रेस-वे सुरक्षा कहां है?”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हथिनी और महावत को पकड़कर वन विभाग की दुबग्गा वन रेंज भेजा गया था. इसके बाद मामला कोर्ट में पेश किया गया. हाथिनी करुणा शंकर अवस्थी नाम के शख्स की बताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक करुणा शंकर अवस्थी की ओर से उनके बेटे कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वे भी जरूरी कागज नहीं दिखा पाए. इस मामले में महावत रामकिशन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. वहीं हथिनी को उन्नाव के रहने वाले दूसरे महावत देशराज को सौंप दिया गया है, जो उसकी देखभाल करेंगे.
वन विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि हाथी वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत अनुसूची-एक का प्राणी है. इसे वन विभाग के लाइसेंस के बिना पालना अपराध है.
वीडियो- साइंसकारी: हाथी के दिमाग और याददाश्त को लेकर रिसर्च में किस तरह की बातें सामने आई हैं?

