यूपी पुलिस ने सट्टेबाजी के आरोप में एक डॉट पेन, 342 रुपए समेत अरेस्ट किया
आरोपी सद्दाम की फोटो ट्वीट की, बाद में डिलीट की
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यूपी पुलिस ने सट्टेबाज पकड़ा, फिर इसकी जानकारी उसके पास से बरामद हुए सामान को बताते हुए सोशल मीडिया पर दी. लेकिन इस पर ऐसा बवाल कटा कि पुलिस ने आखिरकार ट्वीट डिलीट कर दिया. (डॉट पेन की तस्वीर सांकेतिक है)
आईपीएल (IPL) का रोमांचक माहौल बना हुआ है. सट्टेबाज भी सक्रिय हैं. कौन कितने रन बनाएगा, कितने पर टीम सिमटेगी, कौन जीतेगा, कौन हारेगा. इस तरह की तमाम चीजों को लेकर पैसा दांव पर लग रहा है. पुलिस भी अपने काम में लगी है. आमतौर पर ऐसा मामला हैवी होता है. बड़ी बरामदगी होती है. दर्जनों मोबाइल फोन, लाखों रुपए और न जाने क्या-क्या. अभी यूपी पुलिस (UP Police) ने भी एक सट्टेबाज पकड़ा है. उसके पास सामान भी बरामद हुआ. पुलिस ने गुडवर्क के तौर पर पहले ट्विटर पर इसकी जानकारी दी लेकिन जब लोगों ने मज़े लेने शुरू किए तो ट्वीट डिलीट कर दिया. आइए बताते हैं पूरा किस्सा .
पीलीभीत पुलिस की बरामदगी
लगता है पीलीभीत पुलिस की नजर डॉट पेन पर लगी रहती है. या ऐसा भी हो सकता है कि बरामदगी करने वाले पुलिसकर्मी की नजर पैनी हो. उसने सट्टेबाजी के आरोपी के पास से बाकी सामान के साथ डॉट पेन भी बरामद किया और बाकायदा उसे दर्ज भी किया. पुलिस ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर इसके बारे में लिखा -
पीलीभीत पुलिस ने अपने गुडवर्क की फोटो ट्विटर पर डाली लेकिन बाद में हटा ली.
सोशल मीडिया पर अवॉर्ड की मांग फिर क्या था डॉट पेन की बरामदगी की खबर पढ़ते ही लोगों ने मज़े ले लिए. कुछ ने पीलीभीत पुलिस को अवॉर्ड देने की मांग कर दी, एक ने तो भारत रत्न से नवाजने की सलाह दे डाली. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया,
सोशल मीडिया पर जब ज्यादा बवाल होने लगा तो पीलीभीत पुलिस ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी.
हालांकि पीलीभीत पुलिस द्वारा सट्टेबाजों से डॉट पेन की बरामदगी का पहला मामला नहीं है. इससे पहले वह एक नहीं, तीन डॉट पेन बरामद कर चुकी है. इसके बारे में भी बिना लाग-लपेट के सोशल मीडिया पर जानकारी भी दी. 10 अक्टूबर को भी पीलीभीत पुलिस ने कुछ सट्टेबाजों को पकड़ा. इसके बारे में ट्वीट किया, पीलीभीत से अलग बात करें तो यूपी पुलिस फिलहाल चौतरफा दबाव में है. गोरखपुर में मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद लखीमपुर में गाड़ी से किसानों को कुचलने वाली घटना की जांच में भी व्यस्त है. लखीमपुर मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे से जांच-पड़ताल का बड़ा काम कर रही है. उम्मीद है जल्दी ही मामले को अंजाम तक पहुंचाएगी. तब तक ऐसे सट्टेबाज भी गिरफ्त में आते रहेंगे.
पीलीभीत पुलिस ने अपने गुडवर्क की फोटो ट्विटर पर डाली लेकिन बाद में हटा ली.
सोशल मीडिया पर अवॉर्ड की मांग फिर क्या था डॉट पेन की बरामदगी की खबर पढ़ते ही लोगों ने मज़े ले लिए. कुछ ने पीलीभीत पुलिस को अवॉर्ड देने की मांग कर दी, एक ने तो भारत रत्न से नवाजने की सलाह दे डाली. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया,
सोशल मीडिया पर जब ज्यादा बवाल होने लगा तो पीलीभीत पुलिस ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी.
हालांकि पीलीभीत पुलिस द्वारा सट्टेबाजों से डॉट पेन की बरामदगी का पहला मामला नहीं है. इससे पहले वह एक नहीं, तीन डॉट पेन बरामद कर चुकी है. इसके बारे में भी बिना लाग-लपेट के सोशल मीडिया पर जानकारी भी दी. 10 अक्टूबर को भी पीलीभीत पुलिस ने कुछ सट्टेबाजों को पकड़ा. इसके बारे में ट्वीट किया, पीलीभीत से अलग बात करें तो यूपी पुलिस फिलहाल चौतरफा दबाव में है. गोरखपुर में मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद लखीमपुर में गाड़ी से किसानों को कुचलने वाली घटना की जांच में भी व्यस्त है. लखीमपुर मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे से जांच-पड़ताल का बड़ा काम कर रही है. उम्मीद है जल्दी ही मामले को अंजाम तक पहुंचाएगी. तब तक ऐसे सट्टेबाज भी गिरफ्त में आते रहेंगे.

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