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धर्म बदलकर शादी करने वाली लड़की ने कोर्ट में कहा- बालिग हूं और मर्ज़ी से निकाह किया था

शेल्टर होम में टॉर्चर और गर्भपात के आरोप भी लगाए हैं

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राजस्थान में अब हर शादी 30 दिन के अंदर रजिस्टर्ड करना अनिवार्य होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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लालिमा
15 दिसंबर 2020 (Updated: 15 दिसंबर 2020, 09:12 AM IST)
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उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद. यहां पुलिस ने एंटी-कन्वर्ज़न लॉ के तहत राशिद और सलीम नाम के दो मुस्लिम भाइयों को 5 दिसंबर के दिन गिरफ्तार किया था. इनमें के एक लड़के से शादी करने वाली हिंदू लड़की को भी शेल्टर होम भेज दिया था. अब पिंकी नाम की लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है कि वह 22 बरस की है, बालिग है. उसने राशिद के साथ अपनी मर्ज़ी से जुलाई में शादी की थी. वह उसी के परिवार के साथ रहना चाहती है. लड़की के इस बयान के बाद अदालत ने उसे लड़के के परिवार के पास भेज दिया. अब लड़की ने शेल्टर होम में टॉर्चर के आरोप लगाते हुए कहा कि उसे जो इंजेक्शन दिए गए, उससे गर्भपात हो गया.

'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू धर्म से संबंध रखने वाली लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि वह और राशिद शादी का रजिस्ट्रेशन कराने जा रहे थे. राशिद का बड़ा भाई सलीम भी साथ में था. उसी दौरान पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि उस वक्त पिंकी के पास अपनी शादी का कोई सबूत नहीं था. जो कार्रवाई की गई थी, वो पिंकी की मां की शिकायत पर की गई थी. पिंकी की मां ने राशिद पर ज़बरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी करने के आरोप लगाए थे.

पुलिस ने लड़की की गवाही पर क्या कहा?

मुरादाबाद एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) विद्या सागर मिश्रा ने कहा-

"लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि उसका जन्म 1998 में हुआ था. उसने राशिद के साथ 24 जुलाई को देहरादून में निकाह किया था."

पुलिस ने बताया कि लड़की ने धर्म परिवर्तन करके निकाह किया था. वह राशिद के परिवार के पास लौटना चाहती थी. इस स्टेटमेंट के बाद लड़की को लड़के के परिवार के पास पहुंचा दिया गया है.

लड़की ने लगाए टॉर्चर से गर्भपात के आरोप

लड़की का आरोप है कि उसकी प्रेग्नेंसी का तीसरा महीना चल रहा था,  शेल्टर में रखे जाने के दौरान उसका गर्भपात हो गया. घर लौटकर आने के बाद लड़की ने कहा-

"मुझे वहां (नारी निकेतन) में टॉर्चर किया गया. तीन दिन से अचानक मेरे पेट में दर्द हुआ. उन्होंने मुझे दिखाया नहीं. जब ज्यादा तबीयत खराब हुई, तो अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाए. फिर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होने लगी. दवा दी. 14 दिसंबर कोर्ट में मेरे बयान होने थे. उसके बाद मेरी फिर तबीयत खराब हुई. इंजेक्शन लगाए, तो मेरा गर्भपात हो गया. अल्ट्रासाउंड में पहले तो सही था, लेकिन इंजेक्शन के बाद मिसकैरिज हो गया. मुझे जो इंजेक्शन लगाए गए, उससे ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होने लगी थी. उससे पहले सब ठीक था. 11 दिसंबर को शाम को मुझे एक इंजेक्शन लगा था, तब थोड़ी ब्लीडिंग हुई थी. दो दिन बाद चार इंजेक्शन लगे, दवा दी गई, उसके बाद बहुत ब्लीडिंग हुई. बहुत तबीयत खराब हो गई. ब्लीडिंग फिर नहीं रुकी. पेट में दर्द था. उसके बाद ब्लड लिया गया. फिर इंजेक्शन लगाया गया. वैसे कानून ने मेरी मदद की है, मैं चाहती हूं कि मेरे पति और जेठ को भी घर आने दिया जाए. मैंने मर्ज़ी से शादी की थी."

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी शेल्टर होम में आने के बाद लड़की ने पेट में दर्द की शिकायत की थी. उसके बाद उसे महिला डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया. 13 दिसंबर की सुबह उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. लेकिन दोपहर में उसे फिर से दर्द उठा. फिर उसे अस्पताल ले जाना पड़ा. 14 दिसंबर की सुबह लड़की को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. वहां भी उसकी तबीयत बिगड़ गई. सुनवाई का समय आगे बढ़ाते हुए उसे फिर से अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल चेकअप के बाद दोपहर में स्टेटमेंट देने के लिए फिर से मजिस्ट्रेट के सामने लाया गया.

लड़की के गर्भपात की बात को पुलिस ने खारिज किया है. 'दी लल्लनटॉप' को मुरादाबार SP प्रभाकर चौधरी के ऑफिस की तरफ से कहा गया- डॉक्टर से जो रिपोर्ट मिली है, उसके आधार पर हम ये कह सकते हैं कि मिसकैरेज नहीं हुआ है.

मुरादाबाद महिला डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में एक्टिंग चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट हैं डॉक्टर निर्मला पाठक. 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना है कि लड़की की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में उसका भ्रूण साफ दिख रहा है, जो सुरक्षित लग रहा है. हालांकि डॉक्टर ने ये कहा कि भ्रूण की और सही स्थिति जानने के लिए टेस्ट होगा.

राशिद कब तक जेल में रहेगा?

मुरादाबाद पुलिस का इस बारे में कहना है कि लड़की के स्टेटमेंट पर लीगल ओपिनियन लिया जाएगा, उसके बाद राशिद के मामले पर फैसला होगा. पुलिस का कहना है कि चूंकि लड़की बालिग है. और ये शादी कानून पास होने से पहले हुई थी तो लीगल ओपिनियन लेना ज़रूरी है. पुलिस ये भी देखेगी कि इस धर्म परिवर्तन में 'कानूनी प्रक्रिया' का पालन हुआ है या नहीं. सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) प्रभाकर चौधरी ने कहा,

"लड़की द्वारा धर्म परिवर्तन करके निकाह करने की बात समेत सभी जानकारी को वैरिफाई किया जाएगा. इस दावे से जुड़े दस्तावेज़ों को भी चेक किया जाएगा. पुलिस इस मामले में लड़की के परिवार वालों के भी बयान लेगी."

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