यूपी : सपा नेता बिलकिस बानो के समर्थन में रैली निकाल रहे थे, दंगा करने का केस हो गया!
धारा 144 लगी हुई थी, सपा वाले मशाल और झंडा लेकर निकल गए!

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद (Moradabad) में सपा नेताओं पर गुजरात के बिलकिस बानो गैंगरेप के दोषियों की रिहाई के विरोध में बिना अनुमति रैली निकालने का आरोप लगा है. आरोप है कि जिले में धारा 144 लागू होने के बावजूद बिना अनुमति के रैली निकाली गई. इस मामले में पुलिस ने तीन सपा नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है. वहीं एक सपा नेता शाने आलम को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि रैली के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए.
सपा नेता शाने आलम गिरफ्तारइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुरादाबाद पुलिस ने सोमवार, 22 अगस्त को सपा नेता शाने आलम को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आलम (46) और तीन अन्य के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इसमें 153-ए (दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 147 (दंगा करना) और 34 (समान इरादे से कई लोगों द्वारा किए गए आपराधिक काम) शामिल हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद सर्कल अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने कहा,
बिना अनुमति रैली निकालने का आरोप“आलम को एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है.”
पुलिस ने कहा कि छह और लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी और सपा नेता ने रविवार, 21 अगस्त को "मशाल" रैली आयोजित करने के लिए प्रशासन से मंजूरी नहीं ली थी.
पुलिस ने बताया कि गुजरात में बिलकिस बानो गैंगरेप के 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों के 'मशाल' और झंडे के साथ जुटने की सूचना मिली थी. इस पर पुलिस ने आलम को रैली आयोजित करने की परमिशन दिखाने के लिए कहा था.
मुगलपुरा थाने के सब-इंस्पेक्टर फिरोज खान ने कहा कि पुलिस के अनुरोध के बावजूद, आलम ने रैली को आगे बढ़ाया और उन्होंने प्रधानमंत्री और देश के खिलाफ नारेबाजी की.
वीडियो- बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई के लिए गुजरात सरकार ने क्या खेल किया?

