The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • UP, lalitpur government school teachers suspended for controversial slogan

सरकारी टीचरों ने स्कूल में ऐसा क्या स्लोगन लिखवा दिया कि उनकी शामत आ गई

अधिकारियों पर भी तलवार लटकी है

Advertisement
pic
20 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 20 जनवरी 2021, 05:43 PM IST)
Img The Lallantop
यूपी के ललितपुर में दो सरकारी अध्यापकों को इसलिए सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि कथित रूप से उन्होंने दीवार पर आपत्तिजनक स्लोगन लिखवाया था. (फोटो- मनीष कुमार)
Quick AI Highlights
Click here to view more
अमेजन प्राइम वीडियो की वेबसीरीज पंचायत का एक सीन है, जिसमें सरकारी बाबू जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहन देने के लिए गांव की दीवारों पर स्लोगन लिखवाते हैं. बात बच्चों की संख्या सीमित रखने को लेकर कही गई थी लेकिन गांव वालों को अखर गई. आखिर में उन्हें स्लोगन हटवाना ही पड़ा. वह तो स्लोगन हटवा कर बच गए, लेकिन यूपी में सरकारी स्कूल टीचरों को दीवारों पर कथित स्लोगन लिखवाना भारी पड़ गया है. मामला यूपी के ललितपुर जिले के एक सरकारी स्कूल का है. आजतक संवाददाता मनीष कुमार के अनुसार स्कूल के हेडमास्टर और एक सहायक टीचर को कथित तौर पर एक स्लोगन लिख कर ब्राह्मणों को बदनाम करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि उन्होंने स्कूल की दीवारों पर ब्राह्मणों के खिलाफ स्लोगन लिखे. एक कार्यक्रम के दौरान स्कूल की फोटो खींची गईं और ये फोटो वायरल हो गईं. अब पूरा मामला जान लीजिए रविवार को ललितपुर जिले के तालबेहट तहसील के एवनी ग्राम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राम प्रवेश और उप बेसिक शिक्षा अधिकारी (ABSA) ब्रजेश सिंह स्कूल में स्मार्ट क्लास का उद्घाटन करने पहुंचे. तभी कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को स्कूल की दीवार पर स्लोगन लिखे दिखे. एक स्लोगन में लिखा था "आपका कल्याण स्कूल की घंटी बजने से होगा, मंदिर की घंटी बजने से तो ब्राह्मण का कल्याण होता है." इस स्लोगन को देखकर अधिकारी मुस्कुराने लगे. हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ, लेकिन कार्यक्रम के फोटो में स्लोगन बवाल का कारण बन गया. देखते-देखते फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. तमाम हिंदूवादी और ब्राह्मण संगठनों ने इस पर आपत्ति और गुस्सा दर्ज कराया.
Lalitpur School Slogan
स्कूल में लिखे स्लोगन पर अधिकारियों ने तो आपत्ति नहीं जताई लेकिन जब मामला सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ तो आरोपी शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया. (फोटो-मनीष कुमार)

सभी संगठनों के सदस्य जमा होकर ललितपुर जिलाधिकारी (DM) के ऑफिस पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. उन्होंने BSA रामप्रवेश और ABSA ब्रजेश सिंह और स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर डाली. इसे लेकर एक ज्ञापन ADM ललितपुर को सौंपा गया. ज्ञापन में कहा गया कि एक तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जाति को लेकर टिप्पणी पर कोई कार्रवाई नहीं की, ऊपर से खुद भी मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. ऐसे शिक्षक देश के भविष्य को क्या शिक्षा देंगे? हेडमास्टर और सहायक टीचर सस्पेंड आपत्ति के बाद सोमवार को दलित समुदाय से आने वाले हेडमास्टर अनिल कुमार राहुल और सहायक टीचर कादिर खान को निलंबित कर दिया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात भी कही गई है. घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करने की मांग के बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद इस पर विचार किया जा सकता है. अभी बीईओ की तरफ से जांच रिपोर्ट पेंडिंग है.
वहीं सर्व ब्राह्मण महामंडल नाम के एक संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बीएसए राम प्रवेश और एबीएसए बृजेश सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि स्लोगन देखकर वो काफी खुश हो रहे थे. बीएसए रामप्रवेश ने कहा कि ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल है और इस तरह की चीजें कभी भी किसी को स्कूल में नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ये चीजें छात्रों को प्रभावित करती हैं. इस विशेष स्कूल में प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल हैं. अधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन ये नहीं जानता कि किसने स्कूल की दीवार पर ऐसा लिखने की अनुमति दी है.

Advertisement

Advertisement

()