UP में जिम के बहाने धर्म परिवर्तन? गिरोह में पुलिसवाला, 'सिक्स पैक ऐब्स' और सन्नो
इंस्टाग्राम पर पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी, फिर बातचीत के बहाने संपर्क बढ़ाया जाता था. अगर किसी लड़की को एक जिम में नहीं फंसाया जा सका तो उसे दूसरे जुड़े हुए जिम के जरिए संपर्क किया जाता था.

जिम में वैसे तो लोगों को कसरत कराई जाती है, सेहत बनाने के लिए हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर जिम खोल ही धर्म परिवर्तन के लिए जा रहे थे. एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ मामला अब ‘सुनियोजित तौर पर धर्म परिवर्तन गिरोह’ के खुलासे तक पहुंच गया है. पुलिस के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क कई जिम के जरिए चलाया जा रहा था और आशंका है कि ‘50 से ज्यादा हिंदू युवतियों को निशाना’ बनाया गया.
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था. जिम को संपर्क और भर्ती का माध्यम बनाया गया था, जबकि सोशल मीडिया खासकर इंस्टाग्राम का इस्तेमाल लड़कियों की पहचान करने, उन पर नजर रखने और उनसे संपर्क करने के लिए किया जाता था.
जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में सन्नो नाम की एक महिला की अहम भूमिका थी. पुलिस के मुताबिक वह लड़कियों से आसानी से दोस्ती कर उनका भरोसा जीतती थी. फिर धीरे-धीरे उन्हें इस गिरोह से जुड़े लोगों से मिलवाती थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसका काम शक को कम करना और लड़कियों को जाल में फंसाने का रास्ता आसान बनाना था.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने आपस में टारगेट बांट रखे थे. अगर किसी लड़की को एक जिम में नहीं फंसाया जा सका तो उसे दूसरे जुड़े हुए जिम के जरिए संपर्क किया जाता था. इंस्टाग्राम पर पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी, फिर बातचीत के बहाने संपर्क बढ़ाया जाता था. जांच के दौरान एक आरोपी के मोबाइल से एक खास फोल्डर मिला है, जिसमें सैकड़ों फोटो, वीडियो और चैट रिकॉर्ड मिले हैं. पुलिस इन डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है.
पुलिस का मानना है कि कई महिलाओं को फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. इस मामले में लकी अली नाम के शख्स को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. पुलिस ने लकी अली और एक अन्य आरोपी इमरान खान पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. दोनों फरार हैं. पुलिस का आरोप है कि इमरान सोशल मीडिया पर अपनी बॉडी और सिक्स-पैक की तस्वीरें दिखाकर युवतियों को प्रभावित करता था.
अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सिपाही इरशाद खान भी शामिल है. पुलिस ने बताया है कि इरशाद पीड़ित महिलाओं से पैसे वसूलता था और उन पैसों से जिम की चेन खोलने की योजना बना रहा था. वह अन्य आरोपियों को भरोसा दिलाता था कि उसके रहते पुलिस कार्रवाई नहीं होगी. इरशाद की तैनाती GRP में माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर थी. अब पता चल रहा है कि भले वह पुलिस में सिपाही के पद पर था लेकिन घूमता महंगी गाड़ियों में था.
इरशाद गाजीपुर का रहने वाला है. वो कई साल से आयरन फायर नाम का जिम चला रहा था. जिम उसके सहयोगी फरीद अहमद के नाम पर रजिस्टर्ड था, लेकिन इरशाद ड्यूटी के बाद वहां जाकर काम देखता था. फरीद को खड़ंजा फॉल के पास मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया. पुलिस का आरोप है कि वह जिम में महिलाओं से दोस्ती करता, संबंध बनाता, गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालता था.
पुलिस ने इन जिमों को सील कर दिया है और कई महंगी मशीनें जब्त की हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि ये उपकरण अवैध वसूली से मिले पैसों से खरीदे गए थे. पुलिस अब पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.
वीडियो: महाराष्ट्र के भिवंडी से एक अमेरिकी नागरिक धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार, पुलिस ने क्या कहा?

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