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नूपुर शर्मा के समर्थन में उतरे यति नरसिंहानंद, यूपी सरकार ने नोटिस भेजकर चेतावनी दी

नरसिंहानंद ने 17 जून को जामा मस्जिद जाकर तमाम मौलाना से बात करने का ऐलान किया है. लेकिन उससे पहले ही गाजियाबाद प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया.

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7 जून 2022 (अपडेटेड: 7 जून 2022, 11:54 PM IST)
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नूपुर शर्मा के समर्थन में उतरे यति नरसिंहानंद
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यति नरसिंहानंद लौट आए हैं. मतलब सार्वजनिक जीवन में उनकी वापसी हो गई है. उन्होंने पैगंबर मोहम्मद को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालीं नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) का समर्थन किया है. साथ ही नरसिंहानंद ने ये भी ऐलान कर दिया कि वे 17 जून को जामा मस्जिद में मुस्लिम धर्मगुरुओं से इसी मुद्दे पर बात करना चाहते हैं. नरसिंहानंद का ये बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रहा है. इसके चलते गाजियाबाद प्रशासन ने उन्हें नोटिस भेजकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दे दी है.

नरसिंहानंद ने क्या कहा?

डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर और पंचम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि वायरल वीडियो में ये कहते हुए दिखाई दे रहें हैं, 

"नूपुर शर्मा ने जो भी कहा वो गलत नहीं है. नूपुर ने वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा है. उसके खिलाफ हुई कार्रवाई गलत है. 17 जून शुक्रवार को मुझे जामा मस्जिद जाना है. जुमे की नमाज़ पूरी होने के बाद मैं वहां अकेला, निहत्था जाऊंगा. मैं अपने साथ केवल कुछ सीडी, किताबें और कंप्यूटर लेकर जाऊंगा, ताकि इस्लाम के बारे में सच्ची जानकारी मौलानाओं को दे सकूं. मैं दुनिया के सारे मौलानाओं के चरणों में एक विनम्र निवेदन करना चाहता हूं कि सभी उस दिन जामा मस्जिद पहुंचें ताकि सबसे एक ही बार में इस मामले पर बात की जाए. जो आपके धर्म की किताबों में लिखा हुआ है उसी के लिए आप हमें 'सिर तन से जुदा' करने के फतवे जारी कर मारने की धमकी देते हैं."

यति नरसिंहानंद ने आगे कहा,

"हम आपके नबी और आपकी कोई बेज्जती नहीं कर रहे, लेकिन फिर भी जो सच है वो बोलना पड़ता है. आप लोग हमारे देवी-देवताओं का इतना अपमान करते हो, झूठी बकवास करते हो और जब हम सच बोलते हैं तो आप ऐसा करते हो. इसपर 17 जून को जुमे की नमाज़ के बाद ही बात होगी."

इसके अलावा नरसिंहानंद ने ये भी कहा कि उन्हें और उनके साथियों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. लेकिन वो इन धमकियों से डरते नहीं हैं.

प्रशासन ने दे दिया नोटिस

यति नरसिंहानंद के इस बयान के वायरल होने के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन ने उन्हें नोटिस भेज दिया. इसमें लिखा है कि उनका जामा मस्जिद में जाने से दो समुदायों के बीच विवाद पैदा हो सकता है. इसके साथ ही नोटिस में प्रशासन ने नरसिंहानंद के बयान को कोट करते हुए लिखा कि अगर चेतावनी के बाद भी वे 17 जून को वहां जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इसके जिम्मेदार वे खुद होंगे. 

नोटिस पर भड़के नरसिंहानंद 

प्रशासन के इस नोटिस पर नरसिंहानंद ने एक और वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस वीडियो में वे कह रहें हैं कि जब उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती हैं, तब प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है. न ही उस समय समाज में वैमनस्य बढ़ता है, लेकिन जब वे कुछ किताबों के साथ अकेले और निहत्थे जामा मस्जिद में जाने की बात करते हैं तो प्रशासन उन्हें दो समुदायों के बीच बैर बढ़ने का हवाला देकर ऐसा न करने की चेतावनी देता है. 

इसके आगे नरसिंहानंद कहते हैं कि केवल मुस्लिम कट्टरपंथियों और जिहादियों को खुश करने के लिए प्रशासन उनके लोकतांत्रिक अधिकार को कुचलना चाहता है. ये भी कहा कि ऐसा करके सरकार हिंदुओं और हिंदू धर्म पर अन्याय कर रही है. 

वीडियो: बीजेपी के इस नियम ने दिखाया नूपुर शर्मा को बाहर का रास्ता

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