The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • up deputy cm Keshav Prasad Maurya letter to cm yogi adityanath department

केशव प्रसाद मौर्य ने CM योगी के विभाग से जानकारी मांगी, चिट्ठी वायरल हो गई!

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya ने CM Yogi Adityanath के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को एक खत लिखा है.

Advertisement
pic
pic
सुरभि गुप्ता
| समर्थ श्रीवास्तव
22 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 22 जुलाई 2024, 04:31 PM IST)
Keshav Prasad Maurya and Yogi Adityanath
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग सीएम योगी के अंडर आता है. (फोटो- बिज़नेस टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

यूपी बीजेपी में अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का एक खत चर्चा में है. ये खत CM योगी आदित्यनाथ के अंडर आने वाले नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को लिखा गया है. केशव प्रसाद मौर्य ने इस विभाग के अपर मुख्य सचिव को खत लिखकर आरक्षण का ब्यौरा मांगा है. ये खत 15 जुलाई को भेजा गया.

इस खत में केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा है कि उन्होंने 11 अगस्त, 2023 को कार्मिक विभाग के अधिकारियों से आउटसोर्सिंग/ संविदा पर काम करने वाले कुल अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी. ये जानकारी विधान परिषद में सवालों की ब्रीफिंग के समय मांगी गई थी. 

खत में आगे लिखा गया है कि तब विभाग के पास इसकी सूचना नहीं थी. इसलिए 16 अगस्त, 2023 को केशव प्रसाद मौर्य ने विभाग से इस संबंध में सूचनाएं जुटाने और आरक्षण को लेकर पहले जारी किए गए आदेश का पालन सुनिश्चित किए जाने की बात लिखी थी.

Keshav Prasad Maurya letter
(क्रेडिट: आजतक)

अब उन्होंने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग से पहले जारी किए जा चुके आदेश के मुताबिक सभी विभागों की सूचनाएं मांगी हैं.  

ये भी पढ़ें- 'नाराज' केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली पहुंचे, विधायक-मंत्री खुलेआम बोल रहे, यूपी बीजेपी में होने क्या वाला है?

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के खत पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि केशव प्रसाद मौर्य यूपी विधान परिषद के नेता सदन हैं और विपक्ष को जवाब देने के लिए सूचनाएं जुटाने में कोई हर्ज नहीं है. न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में संजय निषाद ने कहा,

"वो (केशव प्रसाद मौर्य) हमारे विधान परिषद सदन के नेता हैं. कोई सवाल उठता है, तो उसके लिए सूचनाएं प्राप्त करना उनका अधिकार बनता है. ये विभागीय काम है. विपक्ष कुछ भी सवाल उठाता है, तो उसके लिए सूचना एकत्र करके देना पड़ता है. ये तो नियम है कि विपक्ष कोई भी सूचना मांगता है, तो ब्रीफिंग के लिए सूचनाएं एकत्र की जाती हैं."

बता दें कि ऐसी खबरें आने लगी हैं कि यूपी बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बीच एक बार फिर तलवारें खिंची नज़र आ रही हैं. इसी बीच 16 जुलाई को यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. 

वीडियो: नेता नगरी: योगी आदित्यनाथ बनाम केशव प्रसाद मौर्य के पीछे कौन? मोदी-शाह से मीटिंग के बाद अब क्या होने वाला है?

Advertisement

Advertisement

()