गड़बड़ हो गई उपचार में तो उठा ले गए कार में
यूपी के दनकौर में दवाई काम न आई, तो हकीम साहब को किडनैप कर लिया.
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फोटो - thelallantop
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नीम हकीम खतरा-ए-जान ये सबने सुना होगा. अब उल्टे मरीजनीम-हकीमों की जान का खतरा बन रहे हैं. सबकी जान के नहीं इलाज के नाम पर ठगने वालों की जान के. ऐसा एक वाकया सामने आया है उत्तर प्रदेश से.
यूपी का एक कस्बा है दनकौर. वहां के बस स्टैंड पर एक हकीम बैठता है. पवन नाम है उसका. गुरूवार को कुछ लोग उसकी दुकान पर आए. और उसको कार में डाल उठा ले गए. आस-पास के लोग देख रहे थे. उनने पुलिस को फोन कर दिया. पुलिस ने बीच रास्ते किडनैपर्स को पकड़ लिया. और हकीम को उनसे छुड़ाया.
पवन का कहना है कि फरीदाबाद के रहने वाले अनिल, किशन, नितिन, भीमसेन और बबली कुछ दिन पहले उसकी दुकान से दवा लेकर गए थे. गुरूवार को पांचों लोग दुकान पर आए और कहा कि दवा का असर नहीं हुआ है. इसलिए दवा बदल दो. उसने दवा बदलकर देने का कहा. पर ये लोग न माने उसे जबरदस्ती कार में डालकर उठा ले गए.
लेकिन किडनैपर्स का कहना है कि हकीम ने उनसे दवाई के लिए दस हजार रुपये ऐंठ लिए. जबकि दवाई का कोई असर ही नहीं हुआ. जब उन्होंने हकीम से दवाई बदलने को कहा. तो उसने अपने साथ वालों को बुला लिया. और उनके साथ लड़ाई-झगड़ा किया.
मामले में पुलिस ने हकीम समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने सबको शांति में खलल डालने का आरोप लगाकर जेल भेजने का ऑर्डर दे दिया है. नीम हकीमों के लिए खतरे की घंटी है. ये पुलिस के चंगुल से तो बच निकल सकते हैं. पर अब खुद मरीजों ने ही उनकी खबर लेनी शुरू कर दी है. अब वो जागो बाम और कमर दर्द भगाऊ तेल के चक्कर में न पड़ेंगे. बहुत गड़बड़ हो जाएगी.

