प्रियंका गांधी को यूपी में योगी के मुकाबले उतारने की कांग्रेसी तैयारी शुरू हो गई है?
तस्वीरों से मेसेज देने की कोशिश हो रही है
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यूपी कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांधी की तस्वीर वाले कैलेंडर छपवाए हैं. इसे प्रियंका गांधी को लेकर कांग्रेस के बड़े प्लान का हिस्सा माना जा रहा है. (फोटो-आनंद कुमार पटेल)
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यूपी में कांग्रेस के नए साल के कैलेंडर से प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) को लेकर फिर से कयासों का दौर शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) ने प्रियंका गांधी की 12 तस्वीरों वाला कैलेंडर जारी किया है. उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं और जानकार ऐसा मानते हैं कि कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी वाड्रा को चीफ मिनिस्टर के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा सकता है. और शायद इसीलिए कांग्रेस ने जो कैलेंडर जारी किया है, उसमें हर महीने के पेज पर प्रियंका गांधी की एक तस्वीर है. पार्टी का इस कैलेंडर को प्रदेश भर के गांवों और शहरों में कार्यकर्ताओं के बीच बांटने का प्लान है. इस कैलेंडर में प्रियंका गांधी की हाथरस और सोनभद्र की तस्वीरें भी शामिल हैं. कैलेंडर में शामिल उज्जैन के महाकाल मंदिर में खींची गई उनकी तस्वीर लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
हर तस्वीर से छिपा एक राजनीतिक संदेश
इंडिया टुडे संवाददाता आनंद पटेल के अनुसार कैलेंडर में शामिल हर तस्वीर एक राजनीतिक संदेश देती नजर आती है. मिसाल के तौर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में ली गई तस्वीर में शिव लिंग के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा पूजापाठ करती नजर आ रही हैं. इसे योगी आदित्यनाथ से मुकाबला करने के लिए हिंदुत्व की छवि दर्शाने के तौर देखा जा रहा है. इसके अलावा प्रियंका गांधी एक तस्वीर में हाथरस रेप केस की पीड़िता की मां को गले से लगाए नजर आती हैं. एक और तस्वीर में वह सोनभद्र की एक आदिवासी महिला के साथ रविदास जयंती मनाने के लिए जाती दिख रही हैं. इन तस्वीरों के जरिए महिला और पिछड़ी-दलित जातियों से खुद को जोड़ने का मेसेज भेजा गया है.

यूपी कांग्रेस ने जो कैलेंडर जारी किया है उसमें प्रियंका की हिंदू इमेज से लेकर दलित-पिछड़ा तक के कनेक्शन को बखूबी फीचर किया गया है. (फोटो- आनंद कुमार पटेल)
गांव-गांव तक कैलेंडर बांटे जाएंगे यूपी कांग्रेस ने इस कैलेंडर की 10 लाख कॉपी छपवाई हैं. अब उनका अगला टारगेट इसे हर गांव तक ले जाने का है. इसके लिए छोटी जगहों पर मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया जाएगा. इस तरह की बातें पहले भी होती रही हैं कि प्रियंका गांधी यूपी की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होंगी. इसके लिए वह यूपी को ही अपना राजनीतिक आधार बनाएंगी. इस कैलेंडर को उस प्लान का ही हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि इस बारे में अभी कांग्रेस पार्टी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. सूत्रों का कहना है कि इस पर कभी भी बड़ी घोषणा हो सकती है.

यूपी कांग्रेस की कोशिश है कि प्रियंका गांधी वाड्रा के इन कैलेंडरों को गांव-गाव से अपने कार्यकर्ताओं के जरिए पहुंचाया जाए.
अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी यूपी विधान सभा चुनाव में अब तकरीबन 1 साल का वक्त ही बचा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व कार्ड का मुकाबला करने के लिए प्रियंका गांधी पर दांव लगाने की सोच रही है. इसके लिए लंबी प्लानिंग की जा रही है. आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनावों में भी प्रियंका गांधी ने यूपी की जिम्मेदारी संभाली थी लेकिन उसके कोई उत्साहवर्धक परिणाम नजर नहीं आए थे. इसके बावजूद प्रियंका गांधी लगातार यूपी की राजनीति में सक्रिय रहती हैं. वह यूपी कांग्रेस में पदाधिकारियों के चयन से लेकर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन में शामिल होतीं नजर आती रहीं हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस अपने पत्ते कब खोलती है और बीजेपी की रणनीति पर इसका क्या असर पड़ता है.

यूपी कांग्रेस ने जो कैलेंडर जारी किया है उसमें प्रियंका की हिंदू इमेज से लेकर दलित-पिछड़ा तक के कनेक्शन को बखूबी फीचर किया गया है. (फोटो- आनंद कुमार पटेल)
गांव-गांव तक कैलेंडर बांटे जाएंगे यूपी कांग्रेस ने इस कैलेंडर की 10 लाख कॉपी छपवाई हैं. अब उनका अगला टारगेट इसे हर गांव तक ले जाने का है. इसके लिए छोटी जगहों पर मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया जाएगा. इस तरह की बातें पहले भी होती रही हैं कि प्रियंका गांधी यूपी की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होंगी. इसके लिए वह यूपी को ही अपना राजनीतिक आधार बनाएंगी. इस कैलेंडर को उस प्लान का ही हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि इस बारे में अभी कांग्रेस पार्टी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. सूत्रों का कहना है कि इस पर कभी भी बड़ी घोषणा हो सकती है.

यूपी कांग्रेस की कोशिश है कि प्रियंका गांधी वाड्रा के इन कैलेंडरों को गांव-गाव से अपने कार्यकर्ताओं के जरिए पहुंचाया जाए.
अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी यूपी विधान सभा चुनाव में अब तकरीबन 1 साल का वक्त ही बचा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व कार्ड का मुकाबला करने के लिए प्रियंका गांधी पर दांव लगाने की सोच रही है. इसके लिए लंबी प्लानिंग की जा रही है. आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनावों में भी प्रियंका गांधी ने यूपी की जिम्मेदारी संभाली थी लेकिन उसके कोई उत्साहवर्धक परिणाम नजर नहीं आए थे. इसके बावजूद प्रियंका गांधी लगातार यूपी की राजनीति में सक्रिय रहती हैं. वह यूपी कांग्रेस में पदाधिकारियों के चयन से लेकर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन में शामिल होतीं नजर आती रहीं हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस अपने पत्ते कब खोलती है और बीजेपी की रणनीति पर इसका क्या असर पड़ता है.

