मथुरा नगरी धर्म धुरंधरों की है. लेकिन यहां की पावन भूमि ने एक चुनावी धुरंधर भीपैदा किया है. नाम है फक्कड़ बाबा. उम्र है 73 साल. अबकी सातवीं बार विधायकी कापर्चा भरा है. पहले से पता है कि नहीं जीतेंगे, फिर भी. स्वामी ओम के अलावा जो येबाबा फेमस हो रहे हैं इन के बारे में हल्की सी जानकारी ले लो. कानहैपुर(कानपुर) केहैं. बिठूर में पैदा हुए. 11 साल के थे तो किसी साधू बाबा का साथ मिला और चले आएमथुरा. 61 साल से यहां राधे की नगरी में राम राम कर रहे हैं और अब पॉलिटिक्स मेंहिस्सा ले रहे हैं. फक्कड़ बाबा कहिन है कि वो 16वीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. इसकेपहले 8 बार लोकसभा चुनाव लड़े हैं. 7 बार विधायकी. बोले हैं कि जीत होगी तब जब ढेरसारा पैसा होगा. और ऐसा होगा उनके 20वें चुनाव तक. लेकिन 20वें चुनाव तक पहुंचने केलिए इसके बाद भी 4 चुनाव लड़ने पड़ेंगे. ऐसा उनके गुरूजी ने बताया है. और गुरूजी काकहा अटल सत्य होता है. फक्कड़ बाबा मथुरा में एक रैन बसेरे में रहते हैं. न घर है नअपनी जमीन. पहली बार 1977 में चुनाव लड़े थे. 2014 में जब लोकसभा चुनाव हुए थे तोबाबा की अच्छी खासी रकम खर्च हुई थी. लमसम 82 हजार रुपए. ये सब पैसा भक्तों ने दानपुन्न किया था. चुनाव प्रचार के बिना तो पर्चा भरने से कोई फायदा नहीं. तो उनकेचेलों ने अपनी गाड़ियां लगा दी थीं प्रचार के लिए. तो इस बार भी बाबा उम्मीद सेनहीं हैं, लेकिन मैदान में हैं. चुनावी मुद्दा इनका मेन मीठा पानी है. मथुरा गएलोगों को पता होगा कि यहां का पानी खारा है. मटके सिर पर लादकर महिलाएं काफी दूर सेपानी लाती दिखती हैं. एमपी एमएलए आते हैं वादा करते हैं, चले जाते हैं. अब मथुरा कीशकल बदलनी है तो बाबा फक्कड़ को जिताना है.https://www.youtube.com/watch?v=4ZlPFkds6K8--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: उत्तराखंड में इस बार सपरिवार चुनाव होंगे वेस्ट यूपी में बीजेपी काखेल बिगाड़ने में जुटे खाप नेता