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रामदास अठावले ने कहा-ट्रंप को फोन कर समझाने की कोशिश करूंगा

अमेरिका में हिंसा से अठावले को कौन सा डर सता रहा है?

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9 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 9 जनवरी 2021, 06:20 AM IST)
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रामदास अठावले पहले भी अपने बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं. इस बार उन्होंने ट्रंप को हौंक दिया है. (फाइल फोटो- PTI)
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अमेरिका में बीते दिनों बड़ा हंगामा हुआ. मौजूदा राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के समर्थकों ने कैपिटल हिल में जमकर बवाल काटा. वहां के संसद भवन में घुस गए, जमकर तोड़-फोड़ की. लोकतंत्र के लिए ये घटना ख़तरनाक थी. इसके बाद से डॉनल्ड ट्रंप अमेरिका में और अमेरिका के बाहर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर आलोचना झेल रहे हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना की निंदा की है. अब इस घटना पर राय रखी है केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने. आप सही दिशा में जा रहे हैं. ‘गो कोरोना गो’ वाले रामदास अठावले. उन्होंने कहा है कि वे ट्रंप को फोन करके समझाएंगे. दरअसल उधर ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के हैं. इधर अठावले की पार्टी का नाम भी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया है. अब अठावले को डर है कि ट्रंप के किए-धरे में उनकी पार्टी का नाम ख़राब न हो जाए. उन्होंने कहा –
“मैं डॉनल्ड ट्रंप से फोन पर बात करूंगा. उन्हें समझाने की कोशिश करूंगा. इन दिनों उनका बर्ताव ठीक नहीं है. उनके कारण यहां हमारी रिपब्लिकन पार्टी की छवि धूमिल हो रही है. पार्टी की छवि ख़राब होना ठीक नहीं है.”
रामदास अठावले पहले भी अपने बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं. ये वही रामदास अठावले हैं, जिन्होंने संसद में कहा था कि देश चलाने के लिए कांग्रेस को 60 साल मिले, तो भाजपा को 30 साल तो मिलने ही चाहिए. उनकी तुकबंदियां भी काफी फेमस हैं. जैसे कि “संसद में विपक्ष वाले सरकार पर हमला बोलते हैं, बाद में हम उनकी पोल खोलते हैं.” क्या हुआ था अमेरिका में? अमेरिका में ऐसा क्या हुआ था, जिसका ज़िक्र अठावले ने किया. घटना तब घटी जब कैपिटल हिल में इलेक्टोरल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही थी जिसके तहत जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर मुहर की तैयारी थी. हजारों की संख्या में ट्रंप समर्थकों ने वॉशिंगटन में मार्च निकाला और कैपिटल हिल पर धावा बोला. यहां डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता में बनाए रखने, दोबारा वोटों की गिनती करवाने की मांग की जा रही थी. कैपिटल हिल की हिंसा में ट्रंप समर्थकों ने सीनेट में घुसपैठ कर कब्जा करने की कोशिश की थी. चार लोग इस हिंसा में मारे गए. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस विवाद की निंदा की, साथ ही इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया. जो बाइडेन ने कहा कि ट्रंप को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए, अपने समर्थकों को समझाना चाहिए.

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