3 भारतीय नाविकों की जान लेने वाले अमेरिका को UN महासचिव का ये बयान बहुत खटकेगा
अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में सेट्टेबेलो जहाज पर हमला किया था. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने इस हमले की निंदा की है.

अमेरिका ने 10 जून को ओमान की खाड़ी में एक जहाज पर हमला किया. जहाज पर अफ्रीकी देश पलाऊ का झंडा लगा था. इसके क्रू मेंबर्स में 24 भारतीय थे. इनमें 21 को बचा लिया गया. लेकिन 3 लोगों की जान चली गई. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की निंदा की है.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने 11 जून को डेली प्रेस ब्रीफ्रिंग में बताया,
सेट्टेबेलो टैंकर पर हुए हमलों में कई भारतीय नाविक मारे गए. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव ने साफ तौर पर इसकी निंदा की है. हम उनकी बात का पूरी तरह से समर्थन करते हैं.
यूएन चीफ गुटेरेस के प्रवक्ता ने आगे बताया,
एंटोनियों गुटेरेस लगातार बढ़ते तनाव को लेकर बेहद चिंतिंत हैं. उन्होंने सभी पक्षों से पूरी तरह से सीजफायर की ओर लौटने की अपील की है. साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि इस तरह के हमले जारी रहे तो फिर से संघर्ष शुरू हो सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट और दुनिया भर की परेशानी बढ़ेगी. खासकर कमजोर देशों के लिए तो अनुमान से भी बुरे नतीजे होंगे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अमेरिका और ईरान से स्थायी शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाने की अपील की है. ताकि मिडिल समेत समेत पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता स्थापित हो सके. यूएन चीफ के अलावा अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा,
मैं किसी भी पक्ष द्वारा की गई ऐसी किसी भी हरकत की कड़ी निंदा करता हूं जो नाविकों के जीवन और इंटरनेशनल शिपिंग की सिक्योरिटी को खतरे में डालता है. ये बिल्कुल अस्वीकार्य है. मेरी संवेदनाएं उन तीनों नाविकों के परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई. इंटरनेशनल शिंपिंग से जुड़े सभी कामों में अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र में लोगों की जान की सुरक्षा का पूरा सम्मान होना चाहिए. नाविकों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है. इसको सबसे ऊपर रखना जरूरी है.
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने बताया कि है कि वे इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. इस संगठन ने ओमान की खाड़ी में हुए हमलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच 20 हजार से ज्यादा नाविक कमर्शियल जहाजों और ऑफशोर वेसेल्स (समुद्र में तेल, गैस या एनर्जी से जुड़े कामों में इस्तेमाल होने वाले) में फंसे हैं. ये लगातार डर के माहौल में काम कर रहे हैं.
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