उमेश पाल के साथ मारे गए पुलिसकर्मी की बहन ने अखिलेश यादव के लिए क्या कह दिया?
उमेश पाल की सुरक्षा में तैनात थे कॉन्स्टेबल राघवेन्द्र सिंह. उनकी बहन ने कहा, "हमारे घर आकर देखो किसका दुर्भाग्य खराब है."
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उमेश पाल हत्याकांड में मारे गए कॉन्स्टेबल राघवेन्द्र सिंह की बहन ने विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधा है. असद अहमद और गुलाम मोहम्मद के एनकाउंटर के बाद अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे. इस पर राघवेन्द्र बहन प्रिया सिंह ने कहा है,
“जो लोग इस एनकाउंटर पर सवाल खड़ा कर रहे हैं, वे अतीक अहमद जैसे लोगों के हितैशी हैं. ये वही लोग हैं जिन्होंने अतीक के आपराधिक साम्राज्य को बढ़ाने में उसकी मदद की थी. अगर उन्हें लगता है अतीक दुर्भाग्यपूर्ण विक्टिम है, तो उन्हें हमारे घर आकर देखना चाहिए दुर्भाग्यपूर्ण कौन है. मेरा भाई हमारे परिवार के लिए सबकुछ था. वो हम सबका खयाल रखते थे.”
प्रिया ने आगे कहा,
“जब सरकार हमारे साथ इंसाफ कर रही है, तो ये लोग सवाल क्यों खड़े कर रहे हैं? गैंगस्टर पुलिस वालों की हत्या कर आजाद कैसे घूम सकते हैं? जो लोग इस एनकाउंटर को गलत बता रहे हैं, उन्हें मेरी जगह लेनी चाहिए और देखना चाहिए कि मेरी भाई की मौत के बाद हम कितना टूट गए हैं. जो लोग इस एनकाउंटर पर सवाल खड़ा कर रहे हैं, अतीक को उनसे सपोर्ट मिलता होगा.”
प्रिया ने इसके आगे सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा,
अखिलेश ने क्या कहा था?“अगर अखिलेश कह रहे हैं कि ये एनकाउंटर गलत है, तो वो अतीक का समर्थन कर रहे हैं. अगर हम बतौर नागरिक न्याय और कानून का समर्थन नहीं करेंगे तो कौन करेगा? हम न्याय दिलाने के लिए यूपी सरकार के शुक्रगुज़ार हैं. बिना किसी वजह हमारे भाई की हत्या की गई. वो अपने परिवार को आर्थिक तरीके से सपोर्ट करते थे.”
इससे पहले 13 अप्रैल को अखिलेश यादव ने असद अहमद की पुलिस 'एनकाउंटर' में हुई मौत पर सवाल उठाया था. उन्होंने एनकाउंटर को ‘झूठा’ बताते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है. उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी वाले न्याय व्यवस्था में यकीन नहीं रखते हैं. अखिलेश ने ट्विटर पर ये भी लिखा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए. सपा प्रमुख के मुताबिक,
"झूठे एनकाउंटर करके भाजपा सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है. भाजपाई न्यायालय में विश्वास ही नहीं करते हैं. आज के और हालिया एनकाउंटरों की भी गहन जांच-पड़ताल हो और दोषियों को छोड़ा न जाए. सही-गलत के फैसलों का अधिकार सत्ता का नहीं होता है. भाजपा भाईचारे के खिलाफ है."
अखिलेश के अलावा यूपी की पूर्व सीएम मायावती, AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और TMC की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए थे.
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