19 साल की बहन प्रेग्नेंट थी. पेट में साढ़े आठ महीने का बच्चा था. तभी एक दरिंदाआता है. 19 साल की प्रेग्नेंट निकिता ग्रेंडर का रेप करता है. और फिर हत्या. कुछवक्त बाद इसी निकिता का 16-17 का भाई ल्यूक ग्रेंडर 12 साल की बच्ची का तीन बार रेपकरता है. मामला सामने आता है. कोर्ट में केस चलता है. जज ल्यूक को जेल नहीं भेजनेका फैसला सुनाते हैं. कहा जाता है कि बहन के रेप और हत्या की वजह से ल्यूक मेंटलीडिस्टर्ब था. ल्यूक को जेल नहीं भेजा जाएगा, क्योंकि वो डिस्टर्ब था. यूके के साउथवेल्स की न्यूपोर्ट क्राउन कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सॉलिस्टर जनरल के पास अपीलकी जाती है. सुनवाई होती है. और अब 18 साल के ल्यूक ग्रेंडर को जेल भेज दिया जाताहै. जज कोर्ट के पुराने फैसले को खत्म करने और नया आदेश देते हुए जेल भेजने की सजासुनाते हैं.ल्यूक की बहन निकिता(बाएं) के रेप और मर्डर का दोषी कार्ल फेंटग्रेंडर को 3 साल के लिए जेल भेज दिया गया. वकील जॉन लॉयड ने कहा, ल्यूक सेक्स करनेके लिए लड़की पर दबाव बनाने लगा. जब उसने इंकार किया, तो ल्यूक उसे सीढ़ियों सेघसीटते हुए ऊपर ले गया. मारपीट कर उसके साथ रेप किया. ये हरकत अलग-अलग मौकों परउसने तीन बार की. घटना के बाद से पीड़ित लड़की सदमे में है. कोर्ट ने अपने नएफैसले में कहा, 'दोषी ने जो किया. उसे बिलकुल नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इस फैसलेसे बाकी लोगों को भी मैसेज मिलेगा.' निकिता के साथ रेप करने वाले कार्ल फेंड कोकोर्ट 2011 में 35 साल की सजा सुनाती है.