गणतंत्र दिवस पर UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन होंगे चीफ गेस्ट
27 साल बाद UK का कोई पीएम चीफ गेस्ट होगा.

26 जनवरी यानी भारत का गणतंत्र दिवस. जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस बार UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि रहेंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूके के विदेश सचिव डोमिनिक राब के बीच 15 दिसंबर को हुई मीटिंग के बाद इसकी पुष्टि की गई.
"मुझे इस बात की खुशी है कि पीएम बोरिस जॉनसन ने पीएम मोदी को G7 समिट में इनवाइट किया, जो अगले साल UK में हो रहा है. पीएम जॉनसन ने भारत के गणतंत्र दिवस में शामिल होने का निमंत्रण भी स्वीकार कर लिया है. ये बहुत सम्मान की बात है."
I'm pleased that PM Boris Johnson has invited PM Modi to join the UK-hosted G7 summit next year. UK PM Johnson has also accepted the very generous invitation to attend India's Republic Day celebrations in January, which is a great honour: UK Foreign Secretary Dominic Raab https://t.co/GS1YTD0FeW pic.twitter.com/VPW7JsQrnQ
— ANI (@ANI) December 15, 2020
एस जयशंकर ने कहा,
"गणतंत्र दिवस 2021 में मुख्य अतिथि के तौर पर पीएम बोरिस जॉनसन की उपस्थिति एक तरह से एक नए युग का प्रतीक होगी, हमारे रिश्तों का नया चरण होगी."
The presence of PM Boris Johnson as the chief guest at Republic Day 2021 would be in a way symbolic of a new era, a new phase of our relationship: EAM Dr S Jaishankar pic.twitter.com/kgwNCyCQ6t
— ANI (@ANI) December 15, 2020
बोरिस जॉनसन UK के ऐसे दूसरे प्रधानमंत्री होंगे, जो गणतंत्र दिवस में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे. उनसे पहले साल 1993 में जॉन मेजर मुख्य अतिथि बने थे. पिछली बार ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट थे.
'ग्लोबल ब्रिटेन' को मजबूती देना मकसद
बोरिस जॉनसन जनवरी में भारत की यात्रा करेंगे. पीएम का पद संभालने के बाद से ये भारत में उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. इस यात्रा का मकसद व्यापार, निवेश संबंध को मज़बूत करना और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक साथ काम करने की कोशिश करना है.
'NDTV' की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में यूरोपियन यूनियन से हटने के बाद, जॉनसन 'ग्लोबल ब्रिटेन' के कॉन्सेप्ट को प्रमोट करना चाहते थे. ये यात्रा इस प्रमोशन के नज़रिए से भी अहम होगी. वहीं जॉनसन ने पीएम मोदी को G7 समिट में आने के लिए इनवाइट किया था, जिसे भारत द्वारा स्वीकार कर लिया गया है. इस समिट में भारत साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ गेस्ट नेशन्स के तौर पर शामिल होगा.
और क्या बात हुई विदेश मंत्री-सचिव के बीच?
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, एस जयशंकर ने कहा कि इस बात पर फोकस किया गया है कि कैसे हमारे संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाया जाए. हमने पांच व्यापक विषयों पर फोकस किया- लोगों को जोड़ना, व्यापार और समृद्धि, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य. आगे कहा,
"हमने अफगानिस्तान की स्थिति की समीक्षा की, इंडो-पेसिफिट में विकास और मध्य-पूर्व के विकास के मुद्दे हमारी चर्चा में शामिल थे."
The focus has been on how to take our ties to a higher level. We focused on 5 broad themes- connecting people, trade and prosperity, defence & security, climate change and health: EAM Dr S Jaishankar on talks with UK Foreign Secretary Dominic Raab pic.twitter.com/JZ9ZzymbM4
— ANI (@ANI) December 15, 2020
एस जयशंकर ने आगे कहा कि यूके के विदेश सचिव के साथ चर्चा का ये बहुत सही समय है. क्योंकि अब हम कोविड-19 के बाद की दुनिया देख रहे हैं.

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